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“तिनका तिनका” की पहलः अब उत्तराखंड की जेलों में आएगा रेडियो

● देहरादून की सुद्दोवाला जेल में बंदियों को रेडियो जॉकी बनाने के लिए शुरू हुए ऑडिशन
● बंदियों के चयन और ट्रेनिंग का काम तिनका तिनका की संस्थापक डॉ. वर्तिका नन्दा के जिम्मे होगा
● जेल के करीब 20 बंदियों ने आवेदन किया है जिनमें 5 महिला बंदी भी शामिल हैं.
● जेल में साउंडप्रूफ स्टूडियो तैयार किया जा रहा है

उत्तराखंड की जेलों में बंदियों को सकारात्मक कामों से जोड़ने और उनके तनाव में कमी लाने के लिए जेल रेडियो का काम शुरू कर दिया गया है। जेल में रेडियो लाने का जिम्मा जेल सुधारक ड़ॉ.वर्तिका नन्दा को दिया गया है। 2021 में हरियाणा की जेलों और 2019 में देश की सबसे पुरानी जेल, जिला जेल आगरा, में रेडियो लाने का श्रेय भी उन्हीं को जाता है। वे तिनका तिनका की संस्थापक हैं और दिल्ली विश्वविद्यालय के लेडी श्रीराम कॉलेज में पत्रकारिता विभाग की प्रमुख हैं।

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून की सुद्दोवाला जेल में बंदियों को जुलाई के महीने में इस बारे में सूचित किया गया और रेडियो जॉकी बनने के लिए अपने नाम देने के लिए प्रोत्साहित किया गया। इसके बाद जेल में पहले चरण का चयन किया गया और फिर ऑडीशन की प्रक्रिया को मूर्त रूप दिया गया।

ऑडिशन में पास होने वाले आवेदकों को तिनका तिनका प्रोफेशनल रेडियो जॉकी की ट्रेनिंग देगा और उन्हें सर्टिफिकेट भी दिया जाएगा। इन बंदियों को सक्रिय तौर से तिनका तिनका के जेल पॉडकास्ट से भी जोड़ा जाएगा जो देश की जेलों को समर्पित इकलौता पॉडकास्ट है।

जेल का यह रेडियो तिनका मॉडल ऑफ प्रिजन रिफार्मस पर आधारित होगा। जेल रेडियो जेल में सूचना औऱ मनोरंजन- दोनों ही जरूरतों को पूरा करेगा। इससे हुनरमंद बंदियों को विविध कार्यक्रमों के जरिए अपनी प्रतिभा को सामने रखने का मौका मिलेगा। यह रेडियो जेल में प्रतिदिन होने वाली आधिकारिक गतिविधियों के बारे में भी सूचनाएं देगा। इसके अलावा फरमाइशी गाने, अदालत में जाने की सूचनाएं, जेल प्रशासन की गतिविधियों की जानकारी, उनके परिजनों के साथ मुलाकात और अन्य तरह के विषयों पर भी जानकारी इस रेडियो द्वारा दी जाएगी। इस बीच देहरादून जेल में एक साउंडप्रूफ स्टूडियो तैयार किया जा रहा है।

उत्तराखंड जेल रेडियो को तीन चरणों में बांटा गया है। इसमें 10 जेलें शामिल होंगी। पहले चरण के लिए जिला जेल देहरादून, जिला जेल हरिद्वार और उप कारागार हलद्वानी का चयन किया गया है। यह चयन राज्य के महानिरीक्षक कारागार श्री ए पी अंशुमान ने किया है।

जेल प्रशासन के मुताबिक हाल में हरियाणा की जेलों में बंदियों के लिए तीन चरणों में रेडियो शुरू किया गया जिसकी काफी सराहना हो रही है। यह काम तिनका तिनका की संस्थापक डॉ. वर्तिका नन्दा की मदद से किया गया था। इसका अनुसरण करते हुए अब उत्तराखंड की जेलें भी रेडियो लाने को तत्पर हैं।

देहरादून जेल सीनियर सुपरिटेंडेंट दधिराम के मुताबिक बंदियों को रेडियो जॉकी बनाने का मुख्य मकसद उन्हें एक तरह का प्लेटफॉर्म देकर उनको नए जीवन के लिए प्रोत्साहित करना है। इस जेल के जेलर पवन कोठारी के मुताबिक जेल रेडियो एक ऐसा माध्यम बनेगा जो हमारी जेल के बन्दियों की प्रतिभा को उभरने का एक मंच प्रदान करेगा।

हरियाणा की जेलों में रेडियो लाने की परिकल्पना तिनका तिनका प्रिज़न रिफॉर्म्स की संस्थापक डॉक्टर वर्तिका नन्दा की थी। 16 जनवरी, 2021 को पानीपत की ज़िला जेल में राज्य के पहले जेल रेडियो का उद्घाटन जेल मंत्री रंजीत सिंह ने किया। हरियाणा में कुल 19 जेलें हैं, जिनमें से 3 सेंट्रल जेल हैं। अब तक यहां 7 जेलों में रेडियो लाया जा चुका है और 47 बंदियों को बतौर रेडियो जॉकी ट्रेनिंग दी गई है। इनमें 10 महिलाएं और एक ट्रांसजेंडर शामिल है।

संपर्क
वर्तिका नन्दा
9811201839

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