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हिमांशु जैन, नम्रता और अरिहंत को जैन युवा रत्न अलंकरण

राजनांदगाँव। संस्कारधानी के जैन बगीचे में आयोजित भव्य समारोह में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ज़ोन सेक्रेटरी हिमांशु जैन सहित यूपीएससी सिविल सेवा में चयनित नम्रता जैन और अरिहंत का आत्मीय सम्मान किया गया। दादा श्री जिनदत्त सूरि सेवा संघ ट्रस्ट द्वारा तीनों प्रतिभाओं को जैन युवा रत्न अलंकरण से विभूषित करते हुए बहुत कम समय में हासिल की गई हिमांशु जैन की शानदार कामयाबी के साथ-साथ कड़ी प्रतिस्पर्धा में अर्जित की गई नम्रता व अरिहंत की सफलता की भरपूर सराहना की गई। सम्मानित युवा रत्नों ने समाज के अधिक से अधिक युवक-युवतियों को देश व प्रदेश की सेवा के लिए महत्वपूर्ण प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने और अच्छा प्रदर्शन करने का आव्हान किया और कामयाबी के टिप्स भी दिए। उन्हें सहयोग का आश्वासन दिया। सम्मान के लिए कृतज्ञता व्यक्त की।

दादा गुरुदेव के 863 वें स्वर्गारोहण महोत्सव पर हुई 40 वीं भक्ति गीत प्रतियोगिता तथा विशिष्ट सम्मान के इस अविस्मरणीय प्रसंग पर आयोजन स्थल समाज के प्रतिष्ठित जन, गुरु भक्तों और श्रोताओं से खचाखच भरा हुआ था। लगातार करतल ध्वनि तथा हर्ष ध्वनि के मध्य समाज के युवा गौरव सम्मानित हुए। साथ ही उनके माता-पिता और परिवार के सभी उपस्थित सदस्यों का सम्मान किया गया। सौभाग्य वश कैवल्यधाम तीर्थ प्रेरिका, परम पूज्य निपुणा श्री जी म. सा. की सुशिष्या प.पू. स्नेहयशा श्री जी म.सा., प.पू. यशोनिधि श्री जी म.सा. आदि साध्वियों का पावन सानिध्य प्राप्त हुआ ।

गौरतलब है कि प्रख्यात लेखक, वक्ता और शासकीय दिग्विजय महाविद्यालय के हिंदी विभाग के राष्ट्रपति सम्मानित प्रोफ़ेसर डॉ. चंद्रकुमार जैन के सुपुत्र हिमांशु जैन, रेल मंत्रालय, रेल बोर्ड, भारत सरकार द्वारा रेल मंत्री श्री सुरेश प्रभु के हाथों राष्ट्रीय रेल अवार्ड और महानिदेशक पदक से भी सम्मानित हो चुके हैं। संघ लोक सेवा आयोग की इंजीनियरिंग सेवा परीक्षा में देश के लाखों प्रतिस्पर्धियों के बीच हिमांशु ने टॉप टेन में कामयाबी की मिसाल कायम कर दिखायी। बाद में भारतीय रेल सेवा में ग्रूप ए अधिकारी बने और बिलासपुर ज़ोन में पदस्थ हुए। रेलवे में अभियांत्रिकी सेवा से आगाज़ कर हिमांशु जैन ने रेलवे ज़ोन के डीजीएम और सीपीआरओ की जिम्मेदारी संभाली। वर्तमान में मात्र 31 वर्ष की उम्र में रेल ज़ोन सचिव का गुरुतर दायित्व वहन कर रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि हिमांशु जैन ने इससे पहले आईआईटी बॉम्बे के स्वर्ण जयन्ती वर्ष में मेरिट के साथ शानदार प्रदर्शन कर अपनी अलग पहचान बनायी और माइक्रो इलेक्ट्रॉनिक्स एवं वीएलएसआई डिजाइन इंजीनियरिंग में एम.टेक की प्रतिष्ठित उपाधि प्राप्त की। पूर्व में एनआईटी रायपुर के गोल्डन जुबली बैच में भी हिमांशु में अकादमिक तथा सृजनात्मक गतिविधियों में समवेत सफलता प्राप्त की। हिमांशु जैन छत्तीसगढ़ के पहले राज्योत्सव में राज्यपाल और मुख्यमंत्री के हाथों पुरस्कृत हुए थे। बाद में जयपुर,राजस्थान में यंग जैना अवार्ड से नवाज़े जाने के आलावा प्रख्यात मोटिवेशनल स्पीकर शिव खेड़ा द्वारा भी पुरस्कृत हुए।

गीदम,बस्तर के प्रतिष्ठित व्यक्तित्व झंवरमल जैन की सुपुत्री नम्रता जैन ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में सामान्य वर्ग के अंतर्गत 99 वां रैंक प्राप्त कर शानदार सफलता का उदाहरण प्रस्तुत किया है। राजधानी, मुख्यालय और बड़े शहरों की सुविधाओं से दूर रहकर नम्रता ने मेहनत के अर्जित प्रतिफल को प्रतिष्ठित कर दिखाया। इसी तरह शहर के प्रतिष्ठित सीए अजय सिंगी के सुपुत्र अरिहंत सिंगी ने यूपीएससी की सिविल सर्विस परीक्षा में 322 वां रैंक प्राप्त कर सतत लगन और परिश्रम का उदाहरण प्रस्तुत किया है। अरिहंत आरम्भ से ही पढ़ाई में आगे रहे हैं। सभी पुरस्कृत युवाओं ने अपने माता-पिता, गुरुजन और समाज की प्रेरणा का आभार माना।

ट्रस्टी और संगठन प्रभारी श्री प्रकाश ललवानी ललवानी ने उक्त जानकारी देते हुए बताया कि उक्त तीनों प्रतिभाओं को दादा श्री जिनदत्त सूरि सेवा संघ की तरफ से मुख्य अतिथि कैवल्यधाम ट्रस्ट के उपाध्यक्ष मदनलाल पारख, विशिष्ट अतिथि राजेश कुमार मालू और संतोष झाबक सहित संस्था के अध्यक्ष एवं मैनेजिंग ट्रस्टी किशोर बैद, उपाध्यक्ष खेमचंद जैन,अधिवक्ता तथा कोषाध्यक्ष भीखमचंद छाजेड़ ने बड़ी संख्या में उपस्थित सामाजिक-साधर्मिक जन की साक्षी में सम्मानित किया।



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