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रामायण सर्किट से जुड़ेगी जनकपुर-अयोध्या एक्सप्रेस

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिनों की नेपाल यात्रा पर हैं। उनकी इस यात्रा को दोनों देशों के बीच संबंधों को सामन्य बनाने के एक प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है। पीएम मोदी सबसे पहले सीता के मायके और नेपाल के ऐतिहासिक शहर जनकपुर पहुंचे हैं जो राजधानी काठमांडू से 225 किलोमीटर दूर है। इस यात्रा को उन्होंने अपनी सरकार की ‘पड़ोसी पहले’ की नीति करार दिया है।

पीएम मोदी की नेपाल यात्रा की एक खास बात यह है कि वह यहां से एक बस को हरी झंडी देकर रवाना किया है। इस बस का नाम जनकपुर-अयोध्या है। यह बस नेपाल के जनकपुर से सीतामढ़ी होते हुए गोरखपुर और फिर अयोध्या पहुंचेगी। इस बस में 35 सीटें हैं। हरी झंडी दिखाने के बाद इस बस में नेपाल के 10 अधिकारियों का प्रतिनिधिमंडल भारत आएगा। बस रात को 11 बजे गोरखपुर में विश्राम करेगी और अगले दिन सुबह 9 बजे अयोध्या पहुंचेगी।

कहां-कहां से गुजरेगा रामायण सर्किट

इस बस सेवा को शुरू करने का उद्देश्य सीता के मायके से उनके ससुराल (राम के घर) को जोड़ना है। जनकपुरधाम और अयोध्या रूट रामायण सर्किट का हिस्सा है। इस सर्किट को केंद्र सरकार ने अयोध्या, ऋंगवेरपुर और चित्रकूट को मिलाकर रामायण सर्किट के रूप में विकसित करने के लिए 223.94 करोड़ का बजट पास किया था।

रामायण सर्किट के तहत आने वाले 15 शहर यह हैं:

1. अयोध्या,
2. श्रृंगवेरपुर,
3. चित्रकूट,
4. सीतामढ़ी,
5. बक्सर,
6. दरभंगा,
7. नंदीग्राम,
8. महेंद्रगिरी,
9. जगदलपुर,
10. भद्राचलम,
11. रामेश्वरम,
12. हंपी,
13. नासिक,
14. नागपुर और
15. चित्रकूट

इस सेवा के शुरू होने से उत्तर प्रदेश और नेपाल के नागरिक काफी खुश हैं। बस के अयोध्या पहुंचने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इसका स्वागत करेंगे। इस दौरान अयोध्या में सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। 12 मई को ही बस वापस जनकपुर के लिए चली जाएगी। जनकपुर, काठमांडू और मुक्तिनाथ जहां-जहां मोदी जाने वाले हैं, उन जगहों पर दोनों देशों के 11 हजार सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है।



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