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झारखंड की दो बेटियाँ अकेली ही साईकिल पर भारत भ्रमण पर निकल पड़ी

इंदौर, नईदुनिया प्रतिनिधि। कई पैरेंट्स अपनी बेटियों को सुरक्षा की दृष्टि से घर से अकेले भेजने से कतराते है, वहीं बिहार (पटना) व झारखंड (जमशेदपुर) की दो बेटियों का जज्बा यह है कि वो साइकिल से अकेले ही देश भ्रमण पर निकली है। घर वालों व मित्रों ने भी उन्हें मना किया लेकिन उनके हौंसलों और कुछ अलग करने की जिद को कोई नहीं रोका पाया। बिहार की हर्षा कुमारी और झारखंड की सावित्री मुर्मू पांच महीने से साईकिल की यात्रा करते हुए अभी 10 राज्य से होकर इंदौर पहुंची है।

बिहार की रहने वाली 17 वर्षीय हर्षा 12 वी की छात्रा है। इनके पिताजी मंदिर के पुजारी है। दूसरी ओर झारखंड की रहने वाली 21 वर्षीय सावित्री मुर्मू बीए प्रथम वर्ष की छात्रा है। ये दोनों छात्राएं एनसीसी कैडेट्स है। एनसीसी के प्री आरडीसी कैम्प में ये एक दूसरे से मिली और इनकी दोस्ती हुई। इसके बाद हर्षा ने साईकिल से देश घूमने का आईडिया सावित्री के साथ शेयर किया।

इसके बाद दोनों ने अकेले ही साईकिल से देश भ्रमण के बारें में एनसीसी के डायरेक्टोरेट के साथ आईडिया शेयर किया। हर्षा बताती है कि उनके भाई तो साईकिल से देश घूमने की बात कहने पर मजाक भी उड़ाया लेकिन उन्होंनें तय कर लिया था कि वो ये काम करके दिखाएंगी। पैरेंट्स तो इन दोनों के इस निर्णय को मानने को तैयार ही नहीं हो रहे थे, लेकिन एनसीसी के अधिकारियों ने इनका जज्बा समझा और इन्हें सहयोग किया और पैरेंट्स को भी मनाया। देश में ये छात्राएं जहां-जहां भी जा रही वहां पर एनसीसी यूनिट विंग के अफसर इनके रूकने की व्यवस्था कर रहे है। जिन शहरों में एनसीसी यूनिट नहीं होती है, वहां पर पुलिस प्रशासन इन छात्राओं के रूकने का इंतजाम करता है। इसके अलावा दिल्ली की एक प्रायवेट रोडिक कंसल्टेंट प्रायवेट लि कंपनी ने इनके टूर का खर्चा उठाने का निर्णय भी लिया।

हर्षा और सावित्री ने 13 अक्टूबर को बिहार से अपने सफर की शुरूआत की थी। अभी तक वे बिहार, यूपी, उत्तराखंड, हिमाचल, जम्मू कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान होते हुए मप्र पहुंची है। इन्होंने देश के सभी राज्यों के भ्रमण के लिए 25000 किलोमीटर का लक्ष्य रखा है और अभी तक करीब 12 हजार किलोमीटर का सफर पूरा भी कर लिया है।

इसके बाद ये गुजरात (अहमदाबाद) होते हुए महाराष्ट्र, केरल व दक्षिण के राज्यों का भ्रमण करेंगी। ये दोनों हर दिन 150 किलोमीटर साईकिल चलाती है। इतने लंबे सफर में कई बार इनकी साईकिल पंचर हुई तो खराब भी हुई। अभी तक ये सात गियर वाली हाईब्रिड साईकिल से सफर कर रही थी।

अब इंदौर में स्पांसर एजेंसी के माध्यम से इन्हें 25 गियर की दो नई साईकिले खरीदकर दी जाएगी। इन नई साईकिलों से इनका आगे का सफर कुछ हद तक आसान हो पाएगा। इस पूरे सफर के दौरान पूर्व एनसीसी कैडेट्स के एक टीम कम्युनिटी ट्रैफिक पुलिस सतत इन छात्राओं की मॉनीटरिंग कर रही है और इनके लिए अलग-अलग शहरों में इतंजाम भी कर रही है।

साभार- https://naidunia.jagran.com से



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