आप यहाँ है :

प्रगति के पथ पर बेहतर यात्री सुविधओं के साथ भारतीय रेल का सफर जारी है दिन-रात

भारतीय रेल अपने सम्माननीय ग्राहकों को शत प्रतिशत संतुष्टि प्रदान करने में सदैव अग्रणी रही है। माननीय रेल मंत्री श्री सुरेश प्रभु के कुशल नेतृत्व में भारतीय रेल इस संकल्प को पूरा करने में कोई कसर नही छोड़ रही है तथा इसका शानदार प्रतिसाद ट्विटर के टवीट्स तथा फेसबुक पर लाइक एवं कमेंट्स के जरिये प्राप्त हो रहा हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों के माध्यम से यात्रियों एवं अन्य स्टेकहोल्डरों का माननीय रेल मंत्री तक सरलता से पहुँचना सभी के लिए लाभदायक सिद्ध हो रहा है।

यात्रियों को विभिन्न प्रकार की उत्कृष्ट सहूलियतें प्रदान कर भारतीय रेल ने पिछले वर्ष के दौरान एक नया रिकॉर्ड बनाया है । उन्होंने कहा कि मुंबई उपनगरीय खंड पर ट्रेनों से उतरने एवं चढ़ने के दौरान संरक्षा सुनिश्चित करने हेतु 84 प्लेटफार्मों की ऊँचाई बढ़ाई गई है। देश भर में 67 लिफ्ट एवं एस्केलेटर स्थापित किये गये हैं। 100 से अधिक स्टेशनों पर नि:शुल्क वाई-फाई की सुविधा शुरु की गई है। श्री भाकर के अनुसार यह गर्व का विषय है कि भारतीय रेलवे की महत्वाकांक्षी योजना डिजिटल इंडिया की पहल के लिए पश्चिम रेलवे के मुंबई सेंट्रल स्टेशन को इस प्रकार की पहली सेवा प्रदान करने वाले स्टेशन के रूप में चुना गया। रेलवे अपने दिव्यांग यात्रियों का विशेष ख्याल रखती है तथा इसी क्रम में 150 दिव्यांग शौचालयों की स्थापना की गई है। उल्लेखनीय है कि भारतीय रेल पर ऐसे 20 स्टेशन है जिनके सभी प्लेटफार्मों पर दिव्यांगों के लिए शौचालय हैं।

स्वच्छ एवं हरित वातावरण के दिशा में भी भारतीय रेल सदैव प्रयासरत है। वर्ष 2016-17 में सम्पूर्ण देश में कुल 1313 स्टेशनों पर शत प्रतिशत एलईडी प्रकाश व्यवस्था उपलब्ध कराई गई जबकि पिछले वर्ष 65 स्टेशनें पर यह कार्य किया गया था। इसके साथ ही पिछले 6 वर्षों की 36000 बायो टॉयलेट की तुलना में केवल पिछले वित्तीय वर्ष में ही ट्रेनों में 34000 बायो टॉयलेट लगाये गये। 4 मेगावाट की सौर ऊर्जा प्रणाली स्थापित की गई तथा अतिरिक्त 78 मेगावाट सौर ऊर्जा प्रणाली स्थापित करने की स्वीकृति दी गई है। 205 स्टेशनों पर ऊर्जा लेखा परीक्षण किया गया। स्वच्छता अभियान को प्रोत्साहित करने हेतु 157 और ट्रेनों में ऑन बोर्ड हाउसकीपिंग सेवा (ओबीएचएस) सुविधा की शुरूआत की गई है, जिससे अब कुल 830 ट्रेनों में यह सुविधा संचालित हो रही है।



Leave a Reply
 

Your email address will not be published. Required fields are marked (*)

You may use these HTML tags and attributes: <a href="" title=""> <abbr title=""> <acronym title=""> <b> <blockquote cite=""> <cite> <code> <del datetime=""> <em> <i> <q cite=""> <s> <strike> <strong>

सम्बंधित लेख
 

ईमेल सबस्क्रिप्शन

PHOTOS

VIDEOS

Back to Top