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मौत के बाद भी राजस्थान में ‘मजदूरी’ करते रहे डॉ.कलाम

राजस्थान के श्रम विभाग के दस्तावेजों की मानें तो पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम मजदूर हैं। विभाग ने उन्हें करौली जिले के ग्राम अगारी का निवासी बताते हुए न सिर्फ पंजीयन कर रखा है, बल्कि पंजीयन कार्ड में उनके द्वारा 100 घंटे की मजदूरी करना भी बताया गया है। कार्ड पर उनका मोबाइल नंबर भी दिया गया है जो बंद पड़ा है।

पूरा नाम लिखने के बजाय यहां केवल एपीजे लिखा गया है जबकि उनके पिता का नाम पीजे लिखा गया है। महत्वपूर्ण बात यह है कि इस पर फोटो कलाम की है और इसके बावजूद पंजीयन कर दिया गया। हैरत की बात तो यह है कि इतना कुछ होने के बाद भी किसी की भी नजर इस पर नहीं गई।

राजस्थान में श्रम विभाग की वेबसाइट पर भवन एवं अन्य संनिर्माण श्रमिकों का पंजीयन किया जाता है। ई-मित्र सहित अटल सेवा केंद्रों पर इनका रजिस्ट्रेशन कर आवेदन-पत्र विभाग के पास जाता है। विभाग से स्वीकृत होने के बाद ही परिचय-पत्र जारी किया जाता है।

ताउम्र अविवाहित रहने वाले डॉ. कलाम को कार्ड पर शादीशुदा भी दिखाया गया है। पंजीयन में उनकी पत्नी का नाम सागर बाई बताया है। डॉ. कलाम की जन्मतिथि 1 जनवरी 1965 लिख रखी है और आयु 51 वर्ष दर्ज है। उन्हें भवन निर्माण में मजदूरी करता हुआ बताया गया है।



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