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हिन्दी से कन्नड़ और कन्नड़ से हिन्दी में अऩुवाद की गई पुस्तक के लिए पुरस्कार

कमला गोइन्का फाउण्डेशन के प्रबंध न्यासी श्री श्यामसुन्दर गोइन्का ने बताया कि हिन्दी साहित्य के कन्नड़ में अनुवाद या कन्नड़ साहित्य के हिन्दी में अनुवाद की गयी सर्वश्रेष्ठ साहित्यिक कृति (गद्य या पद्य दोनों में से किसी भी विधा में) के लिए इक्कीस हजार राशि का “पिताश्री गोपीराम गोइन्का हिन्दी-कन्नड़ अनुवाद पुरस्कार” हर दो वर्ष में एक बार दिया जाता है। यह पुरस्कार कन्नड़-हिन्दी साहित्य की पारस्परिक समृद्धि के लिए दिया जाता है।

इस पुरस्कार के लिए 2005-2015 के बीच की अवधि में प्रकाशित अनुवाद की पुस्तक की चार-चार प्रतियां (अनुवादित कृति की चार प्रति तथा मूलकृति जिसका अनुवाद किया है उसकी चार प्रति) प्रस्ताव-पत्र एवं पासपोर्ट आकार की दो फोटो बैंगलोर कार्यालय में 15 जनवरी 2016 तक भेजने का आग्रह किया है।

श्री गोइन्का जी बताया कि नवोदित साहित्यकारों के लिए (जिनकी उम्र 35 वर्ष से अधिक न हो) हिन्दी या कन्नड़ में लिखी गयी पुस्तक प्रकाशन के लिए पंद्रह हजार रुपये तक के सहयोग पुरस्कार के लिए वरिष्ठ युवा साहित्यकार को “हिरण्मय युवा साहित्यकार पुरस्कार” दिया जाएगा। युवा साहित्यकार जिनकी उम्र 35 वर्ष तक है तथा जिनकी कोई पुस्तक प्रकाशित नहीं हुई है या सिर्फ एक पुस्तक प्रकाशित हुई है, “हिरण्मय युवा साहित्यकार पुरस्कार” में भाग ले सकते हैं। उन्हें अपनी अप्रकाशित पुस्तक की चार पांडुलिपि, आयु प्रमाण-पत्र व फोटो, प्रस्ताव-पत्र के साथ भेजनी होगी।

प्रविष्टि-पत्र नियमावली एवं अधिक जानकारी के लिए बैंगलुरु कार्यालय में सचिव कमलेश यादव से ( पता – नंबर 6, केएचबी इंडस्ट्रियल एरिया, दूसरा क्रास, यलहंका न्यू टाउन, बैंगलूरु-560064. दूरभाष – 080-32005502, 28567755, 28567756 इ-डाक – [email protected] or visit us at: www.kgfmumbai.com. या साधारण पत्र द्वारा) संपर्क किया जा सकता है।

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