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कैशबेक का लालच देकर आपकी जेब काट रही है कंपनियाँ

क्रेडिट कार्ड और मोबाइल एप के जरिये ऑनलाइन या शोरूम से खरीदारी पर कंपनियां उपभोक्ताओं को 50 फीसदी तक कैशबैक एवं रिवॉर्ड प्वॉइंट के साथ खूब लुभा रही हैं। पर क्या आप जानते हैं कि वास्तव में यह घाटे का सौदा है। इसके जरिये आपकी वित्तीय और अन्य जानकारी सार्वजनिक होने का भी खतरा रहता है। पेश है विविना विश्वनाथन की एक रिपोर्टः

CASHBACK है क्या, जरा समझिए….
सामान्य रूप से देखने पर लगता है कि एक खास राशि का सामान खरीदने पर तुरंत नकद राशि आपको नकद रूप में मिल जाएगी। इस तरह की पेशकश ज्यादातर क्रेडिट कार्ड या एप के जरिये खर्च पर दिए जाते हैं। कोई कंपनी यदि एक हजार रुपये की खरीद पर 200 रुपये कैशबैक की पेशकश कर रही है तो क्रेडिट कार्ड से खरीदारी के मामले में यह राशि क्रेडिट कार्ड में वापस कर दी जाती है।

वहीं, एप के मामले में एप में दी जाती है। यह राशि भी तुरंत नहीं मिलती और कई बार यह राशि मिलने में दो माह तक का समय लग जाता है। यात्र पोर्टल, होटल और ऑनलाइन उपभोक्ता उत्पाद बेचने वाली कंपनियां और बैंक इस तरह की पेशकश करती हैं। एक्सिस बैंक अपने सिग्नेचर क्रेडिट कार्ड के ग्राहकों को फिल्म का टिकट क्रेडिट कार्ड से खरीदने पर 50 फीसदी तक का कैशबैक देता है। लेकिन यह राशि क्रेडिट कार्ड में नहीं जाती बल्कि क्रेडिट कार्ड के बिल में से उस राशि को घटा दिया जाता है।

रिवॉर्ड प्वॉइंट को रुपया न समझें
खरीदारी या खर्च करने के बदले मिलने वाले रिवॉर्ड प्वॉइंट को रुपया समझने की भूल न करें। एक रिवॉर्ड प्वॉइंट का मतलब 20 या 25 पैसा होता है। ऐसे में 100 रुपये खर्च पर एक रिवॉर्ड प्वॉइंट का मतलब महज 25 पैसा है। इस तरह 400 रुपये खर्च करने पर केवल एक रुपये की बचत होती है। जबकि रिवॉर्ड प्वॉइंट को रुपया समझकर लोग खूब खर्च करते हैं।

उपयोग की सीमा भी निर्धारित
कैशबैक या रिवॉर्ड प्वॉइंट आपको एक बार में ही नहीं मिल जाता है। कंपनियां इसके लिए कई तरह की शर्ते भी रखती हैं। आप हवाई जहाज का टिकट 5,000 रुपये में खरीदते हैं और इतना ही रिवॉर्ड प्वॉइंट दिया जा रहा है तो उसके लिए समय और उपयोग की सीमा भी होती है। इस तरह के मामले में सामान्यत: इस तरह की शर्त होती है कि अगली बार जब भी टिकट कटाएंगे तो 500 रिवॉर्ड प्वॉइंट के बराबर राशि घटा दी जाएगी। उदाहरण के लिए ऑनलाइन यात्र पोर्टल गोआईबीबो के जरिये होटल बुकिंग से 8,000 रिवॉर्ड प्वॉइंट जुटा चुके हैं तो वह होटल किराये का अधिकतम 25 फीसदी राशि ही देने की शर्त रखती है चाहे आपका रिवॉर्ड प्वॉइंट कितना भी हो। साथ ही 24 घंटे में अधिकतम तीन बार लेन-देन की ही अनुमति देती है।

एप से खरीदारी की शर्त
मोबाइल एप से भुगतान का चलन काफी तेजी से बढ़ा है। इसमें भारतीय स्टेट बैंक का एप बडी और एचडीएफसी का पेजैप मोबाइल भुगतान कंपनी पेटीएम को कड़ी टक्कर दे रहा है। पेटीएम से खरीदारी करते हैं तो कैशबैक आपके नाम से वहां बने खाते में ही जाता है। उसका फायदा उठाने के लिए आपको अगली बार किसी भी खरीदारी का भुगतान उसी से करने के लिए मजबूर होना पड़ता है। कैशबैक यदि आपके डेटिब/क्रेडिट कार्ड या बैंक खाते में आता तो आपको बचत हो सकती थी।

कंपनियां खूब कमाई करती हैं
क्रेडिट कार्ड से जब आप किसी शोरूम या अन्य जगह पर खर्च करते हैं क्रेडिट कार्ड जारी करने वाली कंपनी उससे एक से 2.5 फीसदी तक शुल्क वसूलती है। इस तरह आपके द्वारा क्रेडिट कार्ड से प्रत्येक 100 रुपये के खर्च पर क्रेडिट कार्ड जारी करने वाली कंपनी 2.50 रुपये तक कमाती है जबकि आपको महज 25 पैसे तक की राशि के बराबर रिवॉर्ड प्वॉइंट मिलता है जिसमें कई तरह की शर्ते होती हैं। मोबाइल एप से भुगतान सेवा देन वाली कंपनियां भी अपनी जेब से खर्च बहुत कम करती हैं। पेटीएम के उपाध्यक्ष सुधांशु गुप्ता का कहना है कि यदि एक हजार रुपये के खर्च पर 50 रुपये कैशबैक दिया जा रहा है तो हम 50 फीसदी हिस्सा ही अपनी ओर से देते हैं और बाकी का भुगतान संबंधित कंपनी करती है। कुछ मामलों में हम 10 रुपये और दूसरी कंपनी 40 रुपये का भुगतान करती हैं।

कैशबैक की अधिकतम सीमा जानें
फ्लिपकार्ट, स्नैपडील या क्रोमा जैसी ई-कॉमर्स कंपनियों से क्रेडिट कार्ड या डेबिट कार्ड से खरीदारी पर कैशबैक एसबीआई या एचडीएफसी बैंक कैशबैक की पेशकश करते हैं। इसमें बेहद लुभावने तरीके से पांच फीसदी तक कैशबैक की पेशकश देखने को मिल सकती है। लेकिन पड़ताल करने पर खर्च की न्यूनतम सीमा चार या पांच हजार रुपये होती है जबकि कैशबैक की अधिकतम सीमा महज 500 रुपये होती है। ऐसे में यदि आप 10,000 रुपये का सामान खरीदते हैं तो आपको पांच फीसदी की अधिकतम सीमा के तहत 500 रुपये मिल जाएंगे। लेकिन 20,000 रुपये खर्च करने पर आपको पांच फीसदी यानी 1,000 रुपये नहीं बल्कि 500 रुपये ही मिलेंगे। ऐसे में भुगतान से पहले सभी शर्तो की पड़ताल जरूर कर लें।

साभार- http://www.livehindustan.com/ से

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