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कुलदीप सिंह व सुमन कल्याणपुर को लता मंगेशकर सम्मान

मध्यप्रदेश शासन द्वारा सुगम संगीत के क्षेत्र में स्थापित राष्ट्रीय लता मंगेशकर सम्मान सुविख्यात पार्श्व गायिका सुमन कल्याणपुर एवं विख्यात संगीत निर्देशक कुलदीप सिंह को प्रदान किया जाएगा। यह घोषणा शासन द्वारा बुधवार को की गई। वर्ष 2017 का पार्श्व व गायन के क्षेत्र में दिए जाने वाला सम्मान सुमन को तथा वर्ष 2018 का संगीत निर्देशन के क्षेत्र में दिए जाने वाला सम्मान कुलदीप को दिया जाएगा। दोनों ही कलाकारों को फरवरी के प्रथम सप्ताह में इंदौर में आयोजित एक कार्यक्रम में यह सम्मान दिया जाएगा।

राष्ट्रीय लता मंगेशकर सम्मान के अंतर्गत दो लाख रुपए की आयकरमुक्त राशि, सम्मान पट्टिका तथा शाल-श्रीफल भेंट किए जाते हैं। इस सम्मान के लिए चयन समिति की बैठक विगत दिनों मंुबई में हुई थी, जिसमें वरिष्ठ पार्श्व गायक सुरेश वाडेकर, प्रख्यात फिल्म पत्रकार व माधुरी पत्रिका के संपादक रहे विनोद तिवारी एवं फिल्म पत्रकार सुमंत मिश्र शामिल थे।

सुमन कल्याणपुर का जन्म 28 जनवरी 1937 में हुआ था। पार्श्व गायन के क्षेत्र में उनकी सक्रियता 50 साल से भी अधिक समय की है। उन्होंने अनेक उत्कृष्ट फिल्मों में पार्श्व गायन किया है, जिसमें बात एक रात की, दिल एक मंदिर, दिल ही तो है, सांझ और सवेरा और जहांआरा जैसी अनेक फिल्में शामिल हैं। अपने समय के श्रेष्ठ पार्श्व गायकों एवं संगीत निर्देशकों के साथ उन्होंने हिंदी, मराठी एवं अन्य भाषाओं में गीत गाए हैं।

संगीत निर्देशक कुलदीप सिंह ने अंकुश और साथ-साथ जैसी फिल्मों में संगीत निर्देशन से अपनी पहचान बनाई। कई लोकप्रिय गीतों का संगीत संयोजन किया। इनमें दूरी, ट्रेन टू पाकिस्तान, ये मेरी फैमिली आदि शामिल हैं। वे इप्टा से भी जुड़े हैं और कई नाटकों के लिए संगीत दे चुके हैं। उन्होंने कबीर के दोहों से लेकर नजीर अकबराबादी की शेरो शायरी पर संगीतमयी कार्यक्रम तैयार किए हैं।

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