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दक्षिण भारत में हिंदी की चेतना जाग्रत कर रही है शब्दाक्षर

‘शब्दाक्षर’ संस्था एक सरकारी रूप से रजिस्टर्ड साहित्यिक संस्था है।इसका गठन-2012 में कोलकता मे हुआ यही इसका मुख्यालय भी है ।इसके संस्थापक अध्यक्ष रवि प्रताप सिँह व सहयोगियो की सक्रियता से संस्था में 25 राज्यो में व 150 से अधिक समितियाँ है, राज्यों और जिलों में पदाधिकारियों व्दारा संस्था की कार्यवाही सुचारू रूप से चल रही है ।इसमें एक राज्य आन्ध्र प्रदेश की समिति का गठन 31-08-2021 को हुआ जिसके पदाधिकारीगण, शब्दाक्षर से जुडे इस प्रकार है।

इसके अध्यक्ष—लिंगम चिरंजीव राव; उपाध्यक्ष –श्री ज्योतिनारायण दिनकर; सचिव-श्रीमती भारती शर्मा ; साहित्य मंत्री- श्रीमती मधुबाला ;संगठन मंत्री-श्री के सुर्या प्रकाश ; प्रचार मंत्री ;श्री एत अप्पा राव और अर्थ मंत्री कु.पी.पदमनी ;जो राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री रवी प्रताप सिँह जी के सरंक्षण में अपनी गतिविधियाँ इस राज्य में चलाएगें। वर्तमान में सभी कार्यक्रम आभासी माध्यमें से हो रहे है आने वाले समय में परिस्थितियों में परिवर्तन के साथ इसके कार्यक्रम पहले की तरह ही किए जाएँगे।

इस संस्था से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त साहित्यकार जुड़े हैं ।इसकी गतिविधियों में मासिक काव्य गोष्ठी,कवि सम्मेलन,साहित्यिक सेमिनार, इत्यादि का आयोजन ।वर्तमान में पूरे देश के समूहों व्दारा सप्ताहांत तक हर दिन कार्यक्रम जारी है ।आभासी माध्यमें के व्दारा लाईव कार्यक्रम भी किए जाते है ,’’शब्दाक्षर फेसबुक समूह’’ “ शब्दाक्षर वाटसएप समूह’’ में ।इनके वीडियो का संरक्षण ‘’शब्दाक्षर के यूट्यूब चैनल’’ में आगे के उपयोग के लिए सुरक्षित कर लिया जाता है ।शब्दाक्षर समूहों में, कार्यशालाएँ व स्वतंत्र लेखन-पठन निरंतर जारी है । संस्था की अपनी एक त्रैमासिक ‘’शब्दाक्षर पत्रिका’’ प्रकाशित की जाती है , जिसमें इसी समूह के रचनाकारों की रचनाओं को शामिल किया जाता है । इस तरह शब्दाक्षर राष्ट्रीय समूह कार्यरत है और हिंदी साहित्य की सेवा कर रही है ।

प्रेषक
लिंगम चिरंजीव राव ,म.न.11-1-21/1 ,,
कार्जी मार्ग, इच्छापुरम ,
श्रीकाकुलम (532 312) आंध्र प्रदेश

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