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लोकसभा अध्यक्ष की बड़ी पहल – ऑक्सीजन स्पेशल से पूरे संभाग को मिली प्राणवायु

कोटा। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के प्रयासों से आई राजस्थान की पहली ऑक्सीजन ट्रेन ने संपूर्ण कोटा संभाग और जयपुर में प्राणवायु का संचार किया। ऑक्सीजन ट्रेन शुक्रवार सुबह 7.32 बजे कोटा पहुंची और उसके कुछ ही देर बाद उसमें लदे तीनों ऑक्सीजन टैंकरों को अपने-अपने गंतव्य के लिए रवाना कर दिया गया।

जामनगर से रवाना होकर ऑक्सीजन ट्रेन ने कोटा पहुंचने से पहले करीब 932 किमी का सफर तय किया। संभावना थी कि यह ट्रेन तड़के पांच बजे कोटा पहुंच जाएगी लेकिन तकनीकी कारणों के चलते यह सुबह 7.32 बजे कोटा पहुंची।

कोटा में ट्रेन का बेसब्री से इंतजार किया जा रहा था। ट्रेन आने के बाद आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर इसमें आए तीन टैंकरों को कुछ ही देर बाद आगे के लिए रवाना किया गया। एक टैंकर ने कोटा और बूंदी में ऑक्सीजन की आवश्यकता की पूर्ति की जबकि एक-एक टैंकर को सड़क मार्ग से झालावाड़ और जयपुर के लिए रवाना किया गया।

उन्होंने बताया कि ऑक्सीजन ट्रेन के अतिरिक्त गुरूवार शाम लोकसभा अध्यक्ष बिरला के ही प्रयासों से राज्य को आवंटित कोटे से अतिरिक्त 28 मेट्रिक टन आॅक्सीजन लेकर एक टैंकर भी कोटा पहुंचा था। टैंकर और ऑक्सीजन ट्रेन के माध्यम से कोटा को करीब 68 मेट्रिक टन ऑक्सीजन पहुंची जिससे पूरे संभाग की मांग की पूर्ति हुई है।

लोकसभा अध्यक्ष बिरला न सिर्फ ऑक्सीजन बल्कि रेमडेसिवीर सहित अन्य महत्वपूर्ण दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता से प्रयास कर रहे हैं। अगले कुछ दिन में आवश्यक दवाओं की आपूर्ति में भी सुधार दिखाई देगा, जिससे कोविड मरीजों को राहत मिलेगी।

कोटा में ऑक्सीजन की उपलब्धता में सुधार होने के बाद बूंदी जिले के सभी ऑक्सीजन सिलेंडर की रिफिलिंग का काम शुक्रवार देर रात तक जारी था, जिसमें लगभग 125 सिलेंडर रिफिल किए जा चुके थे। इसके अलावा भी जहां से भी सिलेंडर आ रहे थे, उनको रिफिल किया जा रहा था।

उधर, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना मरीजों की बढ़ती हुई संख्या को देखते हुए उन्हें स्थानीय स्तर पर ही बेहतर उपचार उपलब्ध करवाने के लिए सामाजिक संगठनों व व्यक्तियों को आगे आने आव्हान किया है। बिरला ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति या संगठन के पास आॅक्सीजन सिलैंडर है तो वे नजदीकी सीएचसी पर भेंट कर दे। सिलेंडर को भरने की जिम्मेदारी हमारी होगी। सिलेंडर मिलने से ग्रामीणों को घर के निकट ही उपचार मुहैया हो पाएगा। इससे कोटा व बूंदी में जिला स्तर पर अस्पताल व डॉक्टरों तथा मेडिकल स्टाफ पर दबाव कुछ कम होगा।

कोटा, इटावा और रामगंजमंडी के बाद शनिवार से सीमलिया सीएचसी पर भी कोविड रोगियों को बड़े अस्पताल पहुंचाने के लिए निशुल्क एंबूलैंस सेवा की सुविधा मुहैया हो जाएगी। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की प्रेरणा से भाटिया एंड कंपनी की ओर से ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 5 तथा कोटा शहर के लिए 3 एंबूलैंस की व्यवस्था की है। कंपनी वैन को एंबुलेंस में बदलकर ग्रामीण क्षेत्रों तक जल्द से जल्द सुविधा देने के प्रयास कर रही है।

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