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जीवों के कल्याण के लिए महादेव का रुद्राभिषेक व पौधा रोपण

लखीमपुर- खीरी, (मोहम्मदी) गोमती तीरे, महाभारत कालीन स्थित जंगलीनाथ महादेव के शिवलिंग का रुद्राभिषेक किया गया, साथ ही, फ़लदार व विशाल वृक्षों का पौधरोपण नदी तट पर किया गया, कार्यक्रम का आयोजन दुधवा लाइव के संस्थापक संपादक के के मिश्र ने किया, कार्यक्रम की अध्यक्षता तराई नेचर कंजर्वेशन सोसाइटी के प्रमुख डॉ वीपी सिंह ने की, कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथियों के तौर पर बिजुआ ब्लाक के शिक्षक संघ के अध्यक्ष प्रभाकर शर्मा, पसगवां ब्लाक के अध्यक्ष पवन मिश्रा, व्यवसाई व समाज सेवी उदय प्रताप सिंह ने गोमती के किनारे पौधरोपण कर समाज मे पर्यावरण के प्रति जागरूकता लाने का संदेश दिया।

महादेव की पूजा के उपरांत, मिट्टी के बर्तनों में भोजन बनाया गया, तथा पत्तो पर परोसा गया, प्लास्टिक के विरोध एक संदेश जनमानस में, इसके बाद, बरगद, आंवला, पलाश, आम, गुलमोहर, अर्जुन, आंवला, बेलपत्र के पौधे रोपित किए गए। विशाल वृक्ष प्रजातियों के रोपण का मुख्य मक़सद पक्षियों एवं तमाम जीवो को हैबिटेट व भोजन की उपलब्धता बनी रहे तथा उनकी खोहों में तोते जैसी प्रजातियां अपने घोसले बना सके।

वन्य जीव विशेषज्ञ के के मिश्र ने पर्यावरण व जीवों के कल्याण हेतु पशुपति नाथ का पूजन किया और गोष्ठी में मौजूद जनमानस के मध्य प्रकृति सेवा, व जीवो के प्रति सहिष्णुता की बात कही, केके मिश्र ने बताया कि गोमती के किनारे कभी बहुत विकसित सभ्यता हुआ करती थी जिसके अवशेष आज भी बड़ी बड़ी ईंटो की नींव, प्राचीन मिट्टी के बर्तन व खंडित महाभारत कालीन, शक व कुषाण काल के समय की मूर्तियों में देखी जा सकती हैं, जो गोमती के किनारों पर जनपद खीरी में मौजूद है, इस सभ्यता का विनाश का कारण बाढ़, बीमारी आदि रही, उन्होंने बताया जहां यह कार्यक्रम हम कर रहे है वहां कभी कोरहन नाम का गांव हुआ करता था, जो लाल बुखार की बीमारी के चलते सैकड़ो वर्ष पूर्व उजड़ गया अब यहां सिर्फ जंगल हैं, वजह जाहिर है कि प्रकृति के प्रति यदि हम संवेदनशील नही रहे, हमारा पर्यावरण हमने संतुलित नही रखा, सभी जीवों को धरती पर सुख से नही रहने दिया तो मनुष्य प्राजाति का ही जीवन संकट में पड़ जाएगा। के के मिश्र ने कार्यक्रम अध्यक्ष डॉ वीपी सिंह को पलाश का पौधा देकर उनका अभिनन्दन किया, गोष्ठी में जीव विज्ञान प्रवक्ता संजय मिश्रा ने कहा कि गोमती को बचाने के नदी की गहराई बढाने के लिए डिसिल्टिंग कराई जाए, और गोमती के किनारों के अतिक्रमण हटवाए जाए, समाजसेवी उदय प्रताप सिंह ने गोमती बचाओ अभियान शुरू करने की बात कही।
पवित्र भोज व पौधरोपण में तमाम संत व साईं भक्त दाता जी की सक्रिय भूमिका रही और उन्होंने लगाए गए पौधों की देखभाल का भी ज़िम्मा लिया

पौधरोपण व पवित्र भोज के आयोजन में शिक्षक राममिलन मिश्र, हरिशंकर शुक्ल, राहुल नयन मिश्र, गगन दीक्षित, हरेराम, ब्रजेन्द्र सिंह, संजीव वर्मा, कुलदीप वर्मा व्यवसाई व समाजसेवी विपुल मिश्रा, अंकित मिश्रा, राकेश गिरी, गौरैया प्रेमी मदन मिश्रा, संदीप राज, विमल यादव आदि मौजूद रहे।



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