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विभिन्न रचनात्मक आयामों के साथ भोपाल में “मीडिया महोत्सव-2020” 22 -23 फरवरी को

भोपाल। भोपाल की संस्था स्पंदन के श्री अनिल सौमित्र के प्रयासों से विगत वर्षों की भांति इस बार भी 22-23 फरवरी, 2020 (चतुर्दशी –अमावस्या, कृष्ण पक्ष, माघ, विक्रम संवत 2076) को “भारत का अभ्युदय : मीडिया की भूमिका” पर केन्द्रित “मीडिया महोत्सव-2020” का आयोजन भोपाल में हो रहा है l इस महोत्सव में पांच चौपाल – संपादक चौपाल, लेखक चौपाल, डिजिटल मीडिया चौपाल, परम्परागत मीडिया चौपाल एवं जन-संवाद चौपाल का आयोजन होगा l इन विविध चौपालों एवं विभिन्न चर्चा सत्रों में “भारत अभ्युदय” के विविध आयामों – भारतीय नैरेटिव की विश्व में स्थापना : मीडिया की भूमिका, ग्रामीण अभ्युदय, सांस्कृतिक-आध्यात्मिक अभ्युदय, आर्थिक-राजनीतिक अभ्युदय, ज्ञान-विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी अभ्युदय आदि विषयों पर विमर्श होगा l विदित हो कि मीडिया और समाज के संबंधों की बेहतरी के लिए वर्ष 2012 में मीडिया चौपाल की शुरुआत हुई थी l तब से अब तक भोपाल (2012-13), दिल्ली (2014), ग्वालियर (2015), हरिद्वार (2016), चित्रकूट (2017) और भोपाल (2018) में आयोजित होता रहा है l

इस बार और अधिक विस्तृत, व्यापक और प्रभावी रूप में आयोजन की संकल्पना की गई है। संचारकों के नेटवर्किंग, क्षमता संवर्धन और सशक्तिकरण के साथ ही मीडिया का भारतीयकरण व मानवीयकरण, समाजीकरण और सकारात्मकता मीडिया महोत्सव का प्रमुख उद्देश्य है l दो दिवसीय मीडिया महोत्सव 5 चौपालों, लगभग 8 विमर्श सत्रों, मीडिया प्रदर्शनी, मीडिया प्रतियोगिता और मीडिया कन्सर्ट और व्यंजन उत्सव के साथ अगले पडाव के लिए विराम लेगा l इस आयोजन में देशभर के 1000 से अधिक प्रख्यात संचारक (मीडिया पर्सन्स), फिल्म एवं कला जगत की नामचीन हस्तियाँ, सम्पादक-लेखक, राजनीति और विभिन्न क्षेत्रों के प्रख्यात व्यक्तित्व शामिल होंगे l भोपाल और मध्यप्रदेश के महत्वपूर्ण हस्तियाँ भागीदार होंगी।

 

 

रोज़मर्रा की दौड़भाग और डेडलाइन्स को पूरा करने की आपाधापी में ऐसा बहुत कुछ है जो हमसे छूट जाता है। भारतीय कुटुंब में सदियों से चौपाल बैठाने की एक खूबसूरत परंपरा रही है जहाँ समाज और राजनीति पर विमर्श किया जाता था। समय ने करवट ली औरचौपाल गली-नुक्कड़ पर होने वाले विमर्श में तब्दील हो गई।लेकिन इक्कीसवीं सदी में लोगों के मध्य संवाद ही एक चुनौती बन गया है। वर्तमान समय में हमें इतना भी वक़्त नहीं मिल पाता की हम अपने अनुभवों को एक दूसरे से साझा कर सकें। मीडिया महोत्सव के मंच पर हमें भारतीय संस्कृति की इस अनूठी परम्परा को पुनर्जीवित करने का एक महत्वपूर्ण अवसर मिलेगा। यह एक ऐसा संस्कृति जुटान होगा जहाँ हम और आप परस्पर अनुभवों को साझा करते हुए कुछ मूल्यवान वक़्त साथ में व्यतीत करेंगे और संवाद व विमर्श के इस अनन्य उत्सव का आनंद लेंगे और संवाद व विमर्श के माध्यम से अपनी सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का कार्य करेंगे। वर्ष 2020 में ‘मीडिया महोत्सव’ भोपाल में आयोजित होने जा रहा है जिसका विषय ‘भारत अभ्युदय (Bharat Uprising) रहेगा।

स्थानीयता सदैव से महत्वपूर्ण रही है लेकिन भारतीय जनमानस और विभिन्न निकास किस तरह अपनी क्षेत्रीयता से ऊपर उठकर राष्ट्र के अभ्युदय के लिये अपना योगदान दे रहे हैं? राष्ट्र की सम्यक अवधारणा के समक्ष किस तरह की चुनौतियां हैं? उनसे निपटने के लिये वर्तमान में क्या किया जा रहा है और भविष्य के लिये क्या संभावित समाधान हो सकते हैं इन सभी पहलुओं पर साझा विमर्श किया जाएगा। ‘मीडिया महोत्सव 2020’ के मंच को प्रभावी बनाने के लिये विभिन्न चौपालों की योजना की गई है ताकि विषयगत वैविध्यता बनी रहे और अधिक से अधिक प्रतिभागियों को सुना, समझा व विमर्श किया जा सके।

कला चौपाल
लोककलाएं भारतीय संस्कृति की रुधिर वाहिकाओं के समान हैं यह संचार व पारंपरिक मीडिया का आधारभूत माध्यम भी हैं इसलिए इन्हें चौपाल से अलग रखना मीडिया महोत्सव के विमर्श को अधूरा छोड़ देगा। आज तकनीकी विकास के दौर में पारंपरिक कलाएं उपेक्षित हैं l भारतीय लोककलाओं की नींव मानवीय श्रम और लोकसंवेदना रही है जबकि आधुनिक संचार (डिजिटल) विज्ञान व तकनीकी पर आधारित हैl

ऐसे में यह प्रश्न उठना स्वाभाविक है की क्या तकनीक का अत्यधिक विस्तार मानवीय संचार प्रणाली और कलाओं के लिए एक चुनौती है ? एक अन्य संदर्भ यह भी है की डिजिटल संचार माध्यम कलाओं के विस्तार और उनकी समृद्धि में सहायक हैं या अवरोधक ? मानवीय सभ्यता को सशक्त और समृद्ध बनाने में विभिन्न भारतीय कलाओं जैसे संगीत, गायन, चित्रांकन (पेंटिंग), मूर्तिकला, प्रवचन, कथा-वाचन, लोक-गायन, लोक-नृत्य आदि की क्या भूमिका है ? क्या डिजिटल संचार माध्यम और परम्परागत संचार माध्यम परस्पर विरोधी हैं ? इनके परस्परावलंबी होने की गुंजाईश और संभावना है या नहीं ? ‘कला चौपाल’ में श्री मनोज श्रीवास्तव, श्री तोची रैना, श्री सरोज सुमन, श्री प्रहलाद सिंह टिपनिया, श्री कपिल तिवारी,श्री आलोक चटर्जी, श्रीमती विम्मी मनोज, श्री विनय उपाध्याय, श्रीमती रेखा भटनागर इत्यादि गणमान्य बतकही, वार्ता, चर्चा और विचार-विमर्श के लिए आमंत्रित हैं l

लेखक चौपाल
‘भारत अभ्युदय’ और इससे सम्बंधित विभिन्न आयामों के परिप्रेक्ष्य में लेखकों की भूमिका महत्वपूर्ण है। ‘लेखक चौपाल’ के अंतर्गत लेखकीय समस्याओं व चुनौतियों पर विमर्श किया जायेगा और पत्र-पत्रिकाओं एवं पुस्तक लेखन को समाज की कसौटियों पर परखा जाएगा l इस चौपाल में पत्र-पत्रिकाओं में स्तम्भ, फीचर, आलेख आदि लिखने वाले पत्रकार व कहानियां और उपन्यास लिखने वाले लेखकों की विशेष रूप से भागीदारी रहेगी l पाठकों के लिए लेखन की उपयोगिता और प्रभाव भी विमर्श का एक महत्वपूर्ण मुद्दा होगा l संपादकीय आलेखों, समसामयिक पुस्तकों की गुणवत्ता व उपादेयता और अखबारों व प्रकाशकों से लेखकों की अपेक्षाओं पर भी चर्चा की जायेगी l इसके अतिरिक्तडिजिटल मीडिया के बढ़ते प्रयोग का लेखन, प्रकाशन और पठनीयता पर होने वाले प्रभावों का जायजा भी इस चौपाल में लिया जाएगा l

‘लेखक चौपाल’ में प्रो. शंकर शरण (गांधी, अहिंसा और राजनीति), श्री उदय माहूरकर (सवा अरब भारतीयों का सपना), सुश्री सोनल शर्मा (कोशिशों की डायरी), डा. सोनाली मिश्र (महानायक शिवाजी), डा. ब्रजेश राजपूत (ऑफ द स्क्रीन), श्री राजेश सिरोठिया (खबरनवीसी), श्री सतीश एलिया (अन्नं ब्रह्म), डा. कायनात क़ाजी (राहागिरी), श्री आशीष कौल (रिफ्यूजी कैम्प), श्री सचिन जैन (सबसे खतरनाक होती है निष्पक्षता), डा. पवन सिंह मालिक (नागरिक पत्रकारिता), श्री अनुज खरे (चिल्लर चिंतन), श्री रामेन्द्र सिन्हा (कर्म योगी), श्री अरुण आनंद (नमो वाणी/जानिये संघ को), श्री आशुतोष सिंह (अंजुरी भर चाऊर), श्री दयाशंकर मिश्र (जीवन संवाद), श्री प्रमोद भार्गव, श्री अजय खेमरिया, डा. स्वदेश सिंह, श्री राघवेन्द्र सिंह, श्री गिरीश पंकज, श्री अजय ब्रह्म्ताज, प्रो. रामेश्वर मिश्र पंकज, श्री पंकज चतुर्वेदी, श्री प्रणव सिरोही, श्री अनिल पाण्डेय और श्री आदित्य श्रीवास्तव व अन्य गणमान्य बतकही, विचार-विमर्श, और चर्चा के लिए आमंत्रित हैं l

डिजिटल मीडिया चौपाल
वर्तमान दौर डिजिटल संचार का है l निश्चित तौर पर डिजिटल माध्यमों से अनेक समस्याओं का निदान हो रहा है लेकिन यह भी सच है की इसने अनेक समस्याओं को जन्म भी दिया है। इस परिप्रेक्ष्य में सामाजिक परिवर्तन के एक महत्वपूर्ण घटक के साथ-साथ यह सामाजिक और पारिवारिक विघटन का कारक भी बन रहा है l डिजिटल मंचों के कारण सूचनाओं की तीव्रता तो बढी है, किन्तु इससे सूचनाओं की बाढ़ सी आ गयी है ऐसे में सही व तार्किक सूचना मिल पाना अपने आप में एक चुनौती है। भारत की सामासिक संस्कृति और वैविध्यता को देखते हुए यह समस्या और भी गंभीर हो सकती है।

डिजिटल संचार के समक्ष मनुष्य व उसकी संवेदनाओं की भूमिका लघु से लघुत्तम होती जा रही है l इसके परिणामस्वरूप मनुष्य की संवेदना भी तरल की अपेक्षा ठोस होती जा रही है। डिजिटल माध्यमों के कारण विविधता और विकेंद्रीकरण के समक्ष अनेक चुनौतियां प्रस्तुत हुई हैं l संचार के विविध व पारंपरिक स्वरूपों पर लुप्त होने का खतरा मंडरा रहा है। डिजिटल माध्यम आज की अनिवार्य आवश्यकता बन गये हैं लेकिन एक संचारक के रूप में डिजिटल माध्यमों का उपयोग करते हुए किस प्रकार की सावधानी, सतर्कता और विवेक की जरूरत हैइन्हीं विषयों पर बातचीत, विमर्श और जिज्ञासा समाधान के लिए श्री जयदीप कर्णिक, श्री प्रकाश हिन्दुस्तानी, श्री आशीष खंडेलवाल, श्री अंकित लाल, श्री प्रभाष झा, श्री आशीष कॉल, श्री कनिष्क कश्यप, श्री सुलभ सिंह व अन्य गणमान्य व्यक्तियों को आमंत्रित किया गया है l

सम्पादक चौपाल
मीडिया में सम्पादक का होना शरीर में आत्मा के समरूप है l संपादक स्वयं में एक संस्था है जिसके अधिकार बाज़ार की चुनौतियों के समक्ष निरंतर लघु होते जा रहे हैं। इस मुद्दे पर विमर्श के लिये ‘संपादक चौपाल’ बैठाई जायेगी। जहाँ मीडिया और संचार प्रक्रिया में सम्पादक की आवश्यकता, महत्त्व, औचित्य और प्रासंगिकता पर संवाद किया जायेगा। संपादक संस्था का भविष्य और भारत अभ्युदय में सम्पादकों की भूमिका इस विमर्श का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होगा l

इस चौपाल में पत्र-पत्रिकाओं, वेब न्यूज पोर्टल्स और टीवी न्यूज चैनल्स के जाने माने संपादक उपस्थित होंगे l ‘मीडिया महोत्सव’ की शुरुआत इसी चौपाल से होगी l संपादक चौपाल में मुख्यरूप से श्री उमेश त्रिवेदी, श्री हेमंत शर्मा, श्री एन. के. सिंह (भोपाल), श्री राजेन्द्र शर्मा, श्री विजयदत्त श्रीधर, डा. राधेश्याम शुक्ल, सुश्री सुनीता एरोन, श्री गिरीश उपाध्याय, श्री शिव अनुराग पटेरिया, श्री रमेश शर्मा, श्री जयदीप कर्णिक, सुश्री पल्लवी अनवलेकर,श्री प्रकाश हिन्दुस्तानी, श्री लाजपत आहूजा, श्री प्रभाष झा, श्री प्रमोद भारद्वाज, श्री प्रवीण दुबे, श्री प्रकाश भटनागर, श्री सुरेश शर्मा, श्री राजेश सिरोठिया एवं श्री राजीव अग्निहोत्री जी शिरकत के लिए लिए आमंत्रित हैं l

जन-संवाद चौपाल
विभिन्न मीडिया मंचों द्वारा निश्चय ही संचार और सम्प्रेषण किया जाता रहा है और उनकी भूमिका महत्वपूर्ण है। किन्तु मानव सभ्यता की शुरुआत से ही हम कुछ विशिष्ट संचारकों को सुनते और उनसे चीज़ें समझते रहे हैं। ये संचारक पंथ प्रचारक, राजनितिक संचारक और सामजिक सरोकारों से जुड़े लोग होते हैं। इनको मानने वालों की अच्छी-खासी संख्या है l इसलिए इनसे सकारात्मक, समाजोन्मुखी और मानवीय संचार की आशा रखना स्वाभाविक है l इनके प्रभाव का उपयोग समाज को सकारात्मक और सदभावी बनाने में किया जा सकता है l

इसलिए जन-संवाद चौपाल में ‘’कैसा हो भारत का संचार’’ इस मुद्दे पर विचार-विमर्श के लिए विशेषज्ञों और कर्मशीलों को आमंत्रित किया गया है l मीडिया महोत्सव की इन पाँच चौपालों के ज़रिये दो दिन में करीब दो हज़ार लोग भागीदारी करेंगे। सकारात्मक विमर्श होगा और भारत अभ्युदय के नए बीज बोये जाएंगे।

कार्यक्रमों की रूपरेखा
21 फरवरी, 2020 ; पूर्वाह्न 2 बजे से
चित्र प्रदर्शनी
कला/पेंटिंग प्रदर्शनी
क्राफ्ट प्रदर्शनी
फोटोग्राफी कार्यशाला
मीडिया प्रदर्शनी
संयोजन : श्री सुरेश राठौर( 9826906572), श्रीमती रितु पांडेय (9713115666), श्री नितेश नागेश(8103620541)

22 फरवरी, 2020
प्रातः 10 बजे से 11:30 बजे कला-चौपाल विमर्श
अध्यक्षता : श्री मनोज श्रीवास्तव (अपर मुख्य सचिव, मप्र. शासन)
विमर्श : श्री कपिल तिवारी, श्री तोची रैना, सुश्री सरोज सुमन, श्री आलोक चटर्जी, मोहम्मद अली शाह, श्रीमती विम्मी मनोज, श्रीमती रेखा भटनागर
संचालन : श्री विनय उपाध्याय (9826392428)
संयोजन : श्री विनोद गुर्जर (9826215501), सुश्री शैफाली चतुर्वेदी (981167326), श्री सुरेश राठौर (9826906572),

11:45 से 01:00 बजे उदघाटन समारोह : *भारतीय नैरेटिव की विश्व स्थापना*
अध्यक्षता : श्री शिवराज सिंह चौहान, (पूर्व मुख्यनंत्री, मध्यप्रदेश)
मुख्य अभ्यागत : श्री अर्जुन मेघवाल, (केंद्रीय राज्यमंत्री, संसदीय कार्य)
प्रस्तावना : श्री रमेश शर्मा, (वरिष्ठ पत्रकार)
वक्तव्य : प्रो. कुसुमलता केडिया, (वरिष्ठ समाजविज्ञानी), श्री गोलोक बिहारी राय (महामंत्री, राष्ट्रीय सुरक्षा जागरण मंच)
संचालन : सुश्री मानसी द्विवेदी

अपराह्न 2 बजे से 4 बजे *लेखक चौपाल*
अध्यक्षता : प्रो. रामेश्वर मिश्र पंकज
विमर्श : श्री उदय माहुरकर, प्रो. शंकर शरण, श्री प्रमोद भार्गव, श्री सतीश एलिया, श्री विजय मनोहर तिवारी, श्री पंकज शर्मा, श्री रवि सक्सेना, श्री पंकज चतुर्वेदी, डॉ क़ायनात काज़ी, श्री ब्रजेश राजपूत, श्री लोकेंद्र सिंह, श्री श्याम सुंदर गोयल, श्री रवि शंकर, श्री गिरिश पंकज, श्री प्रमोद सैनी एवं अन्य l
संचालन : श्री आशीष कौल
संयोजन : श्रीमती अल्पना बिमल (9953120111), श्री आशुतोष सिंह(9891228151), श्री पंकज शुक्ल (9893699941, 7999577073), सुश्री शैफाली पाण्डेय (9425015009)
सायं : 6 बजे से 9 बजे *व्यंजन-मनोरंजन चौपाल*
संयोजन : श्री मनोज सिंह (9989211431)

22-23 फरवरी, 2020
10 बजे से सायं 6 बजे तक
*सीएसआर-एनजीओ चौपाल*
संयोजन : सुश्री तृप्ति सिंह (9424686541), श्री अमित जोशी (8871005022), सुश्री रुपाली अवाधे(9540692009)

23 फरवरी, 2020
10 बजे से 11 : 30 चौपाली संगत (खुला सत्र)

11:30 से 01:00 बजे तक *डिजिटल मीडिया चौपाल*
अध्यक्षता : श्री प्रदीप जयसवाल (मंत्री, मध्यप्रदेश शासन)
विमर्श : श्री जयदीप कर्णिक, श्री आशीष खंडेलवाल, श्री अनुज खरे, श्री प्रभाष झा, श्री तुषार पांचाल, श्री जितेन जैन, श्री अभय तिवारी, श्री विकास पाण्डेय, श्री अंकित लाल
संयोजन : श्री सुलभ सिंह (9555106208, 7898285800), श्री संदीप पाण्डेय (कनिष्क) 9811336681
01:00 से 02:00 खुली चर्चा एवं भोजन

02:00 से 04:00 *संपादक चौपाल*
अध्यक्षता : श्री पी सी शर्मा (माननीय मंत्री, जनसंपर्क, मप्र शासन)
विमर्श : श्री उमेश त्रिवेदी, श्री विजयदत्त श्रीधर, श्री कैलाशचंद्र पंत, श्री एन के सिंह, श्री राजेन्द्र शर्मा, श्री महेश श्रीवास्तव, श्री हेमंत शर्मा, श्री अवनीश जैन, श्री आशीष व्यास, श्री गिरीश उपाध्याय, श्री शिव अनुराग पटेरिया, श्री पंकज शर्मा, श्री प्रमोद भारद्वाज, श्री सतीश एलिया
संचालन : श्री प्रकाश हिंदुस्तानी एवं श्री लाजपत आहूजा

 

 

अपराह्न 04:30 से 06 बजे *जन-संवाद चौपाल (पूर्णाहुति सत्र)*
अध्यक्षता : श्री के एन गोविंदाचार्य (वरिष्ठ चिन्तक)
मुख्य अभ्यागत : पद्मश्री श्रीमती फूलबासन बाई यादव (वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता)
विमर्श : श्री रघु ठाकुर (वरिष्ठ राजनीतिज्ञ), आर्क बिशप लियो कार्निलियो, प्रो. मोहम्मद शब्बीर (पूर्व कुलपति), मौलाना सुहैब कासिमी (राष्ट्रीय अध्यक्ष, जमात उलेमा ए हिन्द), श्रीमती कृष्णा गौर (विधायक), श्री दीपक विजयवर्गीय (मुख्य प्रवक्ता, भाजपा), श्री पंकज चतुर्वेदी (प्रवक्ता, कांग्रेस).
संयोजन : श्री निखिल दवे (7974807303)

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