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मीडिया : समाज तथा शासन का वास्तविक दर्पण

भारत में विकास तथा गवर्नेंस का क्षेत्र हाल ही में एक नया उदाहरण बना है, जिसका मुख्य आधार नई नीतिगत अर्थ व्यवस्था, परिवर्तित व्यवसाय, परिवेश और ज्ञान की शक्ति का सर्वस्वीकृत होना है। नए हालातों में पत्रकारिता की प्रासंगिकता व्यापक रूप से बढ़ गई है। आज लोकतंत्र का यह चौथा स्तम्भ अपने महत्व और विस्तार के मद्देनज़र केन्द्रीय भूमिका में आ गया है। पत्रकारिता के बढ़ रहे महत्व को देखते हुए,कई मीडिया संस्थाएं, शैक्षिक संस्थाएं और इलेक्ट्रॉनिक चैनल स्थापित किए गए हैं।

दरअसल मीडिया आज समाज तथा शासन का वास्तविक दर्पण बन गया है। इसे लोक शिक्षक के रूप में देखा है। मीडिया जन-साधारण की समस्याओं को उजागर करने,उनकी आवाज़ बुलंद करने तथा उन्हें न्याय दिलाने का एक प्रभावी साधन यानी मंच बन गया है। लिहाज़ा, कोई आश्चर्य नहीं कि कॅरियर की दृष्टि भी पत्रकारिता का क्षेत्र पहले से ज्यादा विस्तृत और आकर्षक बन गया है।


नागपुर में मीडिया पर अपने विचार व्यक्त करते हुए लेखक डॉ. चंद्रकुमार जैन
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पत्रकारिता के क्षेत्र में एक सफल करियर के रूप में किसी भी व्यक्ति को जिज्ञासु,दृढ़ इच्छा शक्ति वाला, सूचना को वास्तविक, संक्षिप्त तथा प्रभावी रूप में प्रस्तुत करने की अभिरुचि रखने वाला, किसी के विचारों को सुव्यवस्थित करने तथा उन्हें भाषा तथा लिखित-दोनों रूपों में स्पष्ट रूप से अभिव्यक्त करने में कुशल होना चाहिए। दबाव में कार्य करने के दौरान भी नम्र एवं शांत चित्त बने रहना एक अतिरिक्त योग्यता होती है। जीवन के सभी क्षेत्रों से व्यक्तियों का साक्षात्कार लेते समय पत्रकार को व्यावहारिक, आत्मविश्वासपूर्ण तथा सुनियोजित रहना चाहिए। उसे प्रासंगिक तथ्यों को अप्रासंगिक तथ्यों से अलग करने में सक्षम होना चाहिए। अनुसंधान तथा सूचना की व्याख्या करने के लिए विश्लेषण कुशलता होनी चाहिए।

बदलते परिवेश ने वैसे देखा जाय तो प्रायः प्रत्येक करियर की संभावनाओं में आमूल परिवर्तन कर दिया है। इस लिहाज़ से पत्रकारिता एक प्रतिष्ठित व्यवसाय है और कुछ मामलों में एक उच्च वेतन देने वाला व्यवसाय है,जो युवाओं की बडी़ संख्या को आकर्षित कर रहा है। इससे कौन इंकार कर सकता है कि किसी भी राष्ट्र के विकास में पत्रकारिता अहम भूमिका निभाती है। इसमें आजकल नागरिकों की सीधी भागीदारी की मांग बढ़ती है।यह वह साधन है, जिसके माध्यम से हमें समाज की दैनिक घटनाओं के बारे में सूचना प्राप्त होती है। वास्तव में पत्रकारिता का उद्देश्य जनता को सूचना देना, समझाना, शिक्षा देना और उन्हें प्रबुद्ध करना है।

कलम तलवार से कहीं अधिक प्रभावशाली है, इसे आज की पत्रकारिता ने सिद्ध कर दिखाया है।अब सिर्फ खबर देना पत्रकारिता नहीं है। घटनाओं की मात्र साधारण रिपोर्ट देना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि रिपोर्टिंग में अधिक विस्तार, स्पष्टता , विशेषज्ञता और व्यावसायिकता होना आवश्यक है। यही कारण है कि पत्रकार अपनी योग्यता प्रमाणित करने के लिए समाचारपत्रों एवं पत्र-पत्रिकाओं के लिए राजनीति शास्त्र,वित्त,अर्थशास्त्र,कला, संस्कृति एवं खेल जैसे विविध क्षेत्रों के अलावा अनगिन क्षेत्रों में विशेषज्ञता प्राप्त करते हैं। घटनाओं और चीज़ों पर पकड़ के अलावा इसे भाषा पर भी अधिकार हासिल करना होता है।

अब एक करियर के रूप में अगर देखें तो तीन ऐसे मुख्य क्षेत्र हैं जिनमें पत्रकारिता के इच्छुक व्यक्ति रोजगार ढूंढ़ सकते हैं – शिक्षण एवं अनुसंधान, प्रिंट पत्रकारिता, इलेक्ट्रॉनिक (श्रव्य/दृश्य) पत्रकारिता।

शिक्षण एवं अनुसंधान: उच्च शिक्षा, पत्रकारों के लिए रोजगार का एक महत्वपूर्ण स्रोत है, किंतु अनुसंधान भी पत्रकारिता में एक सामान्य करियर विकल्प है। पत्रकारिता में उच्च शिक्षा और पी.एचडी. उपाधि धारक कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और अनुसंधान संस्थाओं में रोजगार तलाशते हैं। कई अध्यापन पदों पर विशेष रूप से विश्वविद्यालयों और संस्थानों में अनुसंधान सम्बन्धी कार्यकलाप अपेक्षित होते हैं। यद्यपि यह निश्चित तौर पर सत्य है कि पुस्तकों अथवा लेखों को प्रकाशित करना कार्य – सुरक्षा तथा पदोन्नति का मुख्य मार्ग है और अधिकांश विश्वविद्यालयों में वेतन वृद्धि होती है, यह अपेक्षा ऐसी स्थापनाओं में अधिक लागू होती है जहां मूल छात्रवृत्ति को महत्व तथा समर्थन दिया जाता है। तथापि कई संस्थाएं उन्नति के एक प्रारंभिक मार्ग के रूप में अनुसंधान अथवा अध्यापन पर अधिक बल देती है।

इसके परिणामस्वरूप यद्यपि कुछ व्यवसायों में पत्रकारिता में कोई डिग्री विशेष रूप से अपेक्षित होती है, तथापि, ऐसा शैक्षिक प्रशिक्षण विविध प्रकार के व्यवसायों में जाने की एक महत्वपूर्ण योग्यता हो सकती है। पत्रकारिता में कला-स्नातक या मास्टर ऑफ आर्टस अथवा अनुसंधान (पीएच.डी.) डिग्रियों के लिए, गैर-लाभ भोगी क्षेत्र में, कोई विश्वविद्यालय, कोई संस्थान कोई व्यावसायिक या मीडिया फर्म रोजगार का क्षेत्र हो सकती है।

प्रिंट पत्रकारिता: प्रिंट पत्रकारिता समाचार पत्रों पत्रिकाओं तथा दैनिक पत्रों के लिए समाचारों को एकत्र करने एवं उनके सम्पादन से संबद्ध हैं। समाचार पत्र एवं पत्रिकाएं, वे बड़ी हों या छोटी, हमेशा विश्वभर में समाचारों तथा सूचना का मुख्य स्रोत रही हैं और लाखों व्यक्ति उन्हें प्रतिदिन पढ़ते हैं। कई वर्षों से प्रिंट पत्रकारिता बडे़ परिवर्तन की साक्षी रही है। आज समाचार-पत्र एवं पत्रिकाएं विविध विशेषज्ञतापूर्ण वर्गों जैसे राजनीतिक घटनाओं व्यवसाय समाचारों, सिनेमा, खेल, स्वास्थ्य तथा कई अन्य विषयों पर समाचार प्रकाशित करते हैं, जिनके लिए व्यावसायिक रूप से योग्य पत्रकारों की मांग होती है। प्रिंट पत्रकारिता में कोई भी व्यक्ति सम्पादक, संवाददाता, रिपोर्टर, आदि के रूप में कार्य कर सकता है।

इलेक्ट्रॉनिक पत्रकारिता: इलेक्ट्रॉनिक पत्रकारिता का विशेष रूप से प्रसारण के माध्यम से जन-समुदाय पर पर्याप्त प्रभाव है। दूरदर्शन, रेडियो, श्रव्य, दृश्य (ऑडियो, वीडियो) और वेब जैसे इलेक्ट्रॉनिक मीडिया ने दूर -दराज के स्थानों में समाचार, मनोरंजन एवं सूचनाएं पहुंचाने का कार्य किया है। वेब में, कुशल व्यक्तियों को वेब समाचार पत्रों (जो केवल वेब की पूर्ति करते हैं और इनमें प्रिंट संस्करण नहीं होते और लोक प्रिय समाचारपत्रों तथा पत्रिकाओं को जिनके अपने वेब संस्करण होते हैं, साइट रखनी होती है। इलेक्ट्रॉनिक पत्रकारिता में कोई भी व्यक्ति रिपोर्टर, लेखक, सम्पादक, अनुसंधानकर्ता, संवाददाता और एंकर बन सकता है।

शिक्षा:
स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम एवं अनुसंधान चलाने वाले कई विश्वविद्यालय तथा संस्थान हैं, उनमें कुछ निम्नलिखित हैं:-

• लखनऊ विश्वविद्यालय, लखनऊ
• बनारस हिंदू विश्वविद्यालय, वाराणसी
• जामिया मिल्लिया इस्लामिया, नई दिल्ली
• भारतीय जन संचार संस्थान, नई दिल्ली
• मुद्रा संचार संस्थान
• सिम्बियोसिस पत्रकारिता एवं संचार संस्थान
• इंदिरा गांधी राष्ट्रीय खुला विश्वविद्यालय, नई दिल्ली
• कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्व विद्यालय,रायपुर
(सूचना – उदाहरण मात्र )

अवसर :
पत्रकारिता में कोई पाठ्यक्रम पूरा करने के बाद, कोई भी व्यक्ति किसी मीडिया अनुसंधान संस्थान या किसी सरकारी संगठन में एक अनुसंधान वैज्ञानिक बन सकता है। अनुसंधान कार्य के दौरान भी कोई व्यक्ति अन्य अनुदानों तथा सुविधाओं के अतिरिक्त, मासिक वृत्तिका प्राप्त कर सकता है। कोई भी व्यक्ति किसी समाचारपत्र में या इलेक्ट्रॉनिक चैनल में एक पत्रकार के रूप में कार्यग्रहण कर सकता है और अच्छा वेतन अर्जित कर सकता है। प्रेस अधिकारी के रूप में अपनी दक्षता सिद्ध कर सकता है। अपना कॅरियर बना सकता है। समाज की सेवा कर सकता है। उसे नई दिशा देकर मानवता का कर्तव्य निर्वहन कर सकता है।
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प्राध्यापक, हिंदी विभाग,
दिग्विजय कालेज, राजनांदगांव
मो. 93010 54300

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