आप यहाँ है :

मोदीजी का सपना पूरा करने के लिए नौकरी छोड़ गाँव को डिजिटल बनाने में जुटा हरिशंकर मीणा

पीएम मोदी ने पूरे देश से डिजिटल इंडिया के सपने को साकार करने में सहयोग करने की अपील की, लेकिन एक युवा ने इस अपील को बहुत गंभीरता से ले लिया। हरि शंकर मीना नाम के 20 साल के युवक ने अपनी नौकरी छोड़ दी और वह राजस्थान के अपने पुश्तैनी घर जटवारा कालान में एक सूचना वेब पॉर्टल विकसित करने के काम में जुट गए। उनके काम से प्रभावित होकर, सवाई माधोपुर से विधानसभा सदस्य दिव्या कुमारी ने उन्हें अपने विधानसभा क्षेत्र के गांवों के लिए सूचनापरक वेबसाइट विकसित करने का काम सौंपा है।

मीना के इस अभियान की शुरुआत जनवरी 2015 में हुई। जयपुर से 150 किलोमीटर दूर उनका गांव जटवारा कालान स्थित है। उन्होंने इस गोंव को डिजिटल इंडिया से जोड़ने के लिए अपनी नौकरी छोड़ दी। मीना पुणे में विप्रो कंपनी के लिए काम करते थे।

मीना द्वारा विकसित किए गए पॉर्टल में गांव के आसपास स्थित अस्पतालों, पुलिस स्टेशनों, गांव की क्रिकेट टीम, मशहूर मंदिर, मतदाता सूची, गांव के मेधावी छात्रों का नाम जैसी अन्य जानकारियां दी गई हैं। मीना बताते हैं, ‘जब मैं अपने गांव आया तो मैंने देखा कि ज्यादातर लोगों को पास के चिकित्सा केंद्रों, पुलिस थानों और मतदाता पहचान पत्र वगैरह की भी जानकारी नहीं है। मैंने कुछ ऐसा करने की सोची जो कि उन्हें जरूरी सूचना दे सके। इसीलिए मैंने यह वेबसाइट विकसित किया।’ मीना ने फिर से पढ़ाई शुरू कर दी है। वह अंग्रेजी साहित्य से बीए कर रहे हैं। कंप्यूटर विज्ञान भी उनका एक अहम विषय है।

उच्च माध्यमिक परीक्षा पास करने के बाद मीना ने कंप्यूटर विज्ञान में डिप्लोमा की पढ़ाई की। वह बताते हैं, ‘मैंने लोगों से पूछना शुरू किया कि वे अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में किन चीजों की जानकारी पाना चाहते हैं और उन्हें किन जानकारियों की जरूरत पड़ती है। मुझे कई लोगों ने सलाह दी। इन सुझावों को ध्यान में रखते हुए मैंने जटवारकालान.कॉम नाम की वेबसाइट को तैयार किया। इसमें गांव के बारे में सभी जरूरी जानकारियां दी गई हैं।’

मीना के काम को सवाई माधोपुर की विधायक दिव्या कुमारी से भी तारीफ मिली। मीना ने नवंबर में जब अपनी वेबसाइट को शुरू किया तो इसके उद्घाटन के लिए दिव्या को ही बुलाया गया था। वह बताती हैं, ‘एक युवक के तौर पर मीना ने शानदार काम किया है। मैंने अब उनसे इस विधानसभा क्षेत्र के अन्य गांवों के लिए भी इसी तरह की वेबसाइट बनाने को कहा है। फिलहाल उनके पास कोई नौकरी नहीं है। इसीलिए मैंने यह भी सुनिश्चित किया है कि उन्हें इस काम के लिए पैसे भी दिए जाएं।’

दिव्या ने यह भी कहा कि वह कोशिश कर रही हैं कि मीना की तरह प्रतिभाशाली युवाओं की प्रतिभा बेकार ना जाए। उन्होंने कहा, ‘मैं उनकी प्रतिभा का इस्तेमाल ना केवल इस तरह की अन्य वेबसाइट विकसित कराने में करूंगी, बल्कि यह भी सुनिश्चित करूंगी कि उन्हें इस काम के लिए मेहनताना भी दिया जाए।’

साभार-टाईम्स ऑफ इंडिया से

image_pdfimage_print


Get in Touch

Back to Top