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चार होनहारों की प्रेरक कहानी

देश की सबसे प्रतिष्ठित और कठिन मानी जाने वाली सिविल सर्विसेज परीक्षा, 2017 (UPSC) का अंतिम परिणाम घोषित कर दिया गया है। शुक्रवार देर शाम घोषित परिणाम के अनुसार हैदराबाद में रहने वाले अनुदीप डुरीशेट्टी ने टॉप किया है। वहीं, हरियाणा की अनु कुमारी दूसरे और तीसरे नंबर पर सिरसा के सचिन गुप्ता हैं। बिहार के अतुल ने चौथा स्थान हासिल किया है। आपको बताते हैं कैसा रहा इन चारों टॉपर्स का सफर।

टॉपर अनुदीप डुरीशेट्टी
टॉपर अनुदीप डुरीशेट्टी इससे पहले भी इस परीक्षा में सफल हो चुके थे और फिलहाल हैदराबाद में इंडियन रेवेन्यू सर्विस में काम कर रहे थे। बिट्स पिलानी से ग्रेजुएट अनुदीप गूगल में भी काम कर चुके हैं। डुरीशेट्टी अनुदीप ने एंथ्रोपोलॉजी विषय के साथ परीक्षा दी थी। रिजल्ट के बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि वह इस सफलता से काफी खुश हैं और इस सफर में उनका साथ देने वाले सभी लोगों का धन्यवाद करते हैं।

अनु कुमारी, सेकंड टॉपर
दूसरे नंबर पर आने वाली अनु कुमारी हरियाणा के सोनीपत की हैं। उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से फिजिक्स में बीएसएसी करने के बाद आईएमटी नागपुर से एमबीए की पढ़ाई की है। मूल रूप से पानीपत के गांव दिवाना के रहने वाले बलजीत सिंह की बेटी अनु कुमारी का यह दूसरा प्रयास था। अनु ने बताया कि वह पिछले 9 सालों से प्राइवेट जॉब कर रही थी, इसी बीच शादी हो गई, बेटा भी हो गया। यूपीएससी की तैयारी करने के लिये अनु ने अपने बेटे को डेढ़ साल तक खुद से दूर अपने माता-पिता के पास भेज दिया था। समाज के लिये कुछ कर गुजरने का जुनून लेकर पढ़ाई करने वाली अनु खुद पुरखास गांव में अपनी मौसी के पास रहीं।

सचिन गुप्ता, तीसरा स्थान
तीसरा स्थान पाने वाले सचिन गुप्ता भी हरियाणा के हैं। उन्होंने पटियाला के थापर यूनिवर्सिटी से मकैनिकल इंजिनियरिंग की पढ़ाई की है। इंजिनियरिंग पूरी करने के बाद उन्होंने गुरुग्राम में एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी भी की लेकिन वह सिविल सेवा में आना चाहते थे। उन्होंने नौकरी छोड़कर यूपीएससी की तैयारी करने का फैसला किया और अब नतीजा सबके सामने है।

अतुल प्रकाश को चौथा स्थान
यूपीएससी 2017 की परीक्षा में चौथा स्थान बिहार के अतुल प्रकाश ने हासिल किया है। उनके पिता रेलवे में इंजिनियर हैं और अतुल की पढ़ाई विभिन्न रेलवे स्कूलों में हुई। स्कूली पढ़ाई पूरी करने के बाद अतुल का सिलेक्शन आईआईटी में हो गया और उन्होंने आईआईटी दिल्ली से इंजिनियरिंग की। हालांकि वह आईएएस बनना चाहते थे और अपने दूसरे ही प्रयास में उन्होंने इस कठिन परीक्षा में चौथा स्थान हासिल कर लिया।

यूनियन पब्लिक सर्विस कमिशन की ओर से जारी परिणाम के अनुसार कुल 990 छात्र सफल हुए जिनमें जनरल श्रेणी के 476, ओबीसी के 275, एससी के 165 और एसटी के 74 छात्र पास हुए हैं। टॉपर ओबीसी श्रेणी क हैं। यह लगातार दूसरा मौका है, जब टॉपर इस कैटिगरी के हैं। इन 990 में 180 आईएएस के लिए चुने जाएंगे। बाकी इंडियन पुलिस सर्विस, इंडियन फॉरेन सर्विस के अलावा दूसरी ग्रेड ए सर्विस में चुने जाएंगे। इस बार सिविल सर्विसेज परीक्षा में टॉप पोजिशन पाने वालों के बीच नया ट्रेंड यह दिखा कि किसी एक विषय या जगह ने इसमें दबदबा नहीं बनाया।



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