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आने वाले तीन सालों में होगा रेल्वे का कायाकल्पः श्री प्रभु

मोदी सरकार के 2 साल पूरे होने पर रेलवे मंत्री सुरेश प्रभु ने कहा है कि रेलवे देश के ग्रोथ का ड्राइवर बनेगा। सीएनबीसी – आवाज के प्रधान संपादक संजय पुगलिया के साथ खास बातचीत में उन्होंने ये भी कहा कि जो फंडिंग की समस्या थी उसे दूर किया गया है और जल्द ही रेलवे देश के दूसरे सेक्टरों की सेहत दुरुस्त करने में मदद करेगा।

रेलवे मंत्री सुरेश प्रभु ने कहा कि एक ही हीरो हैं नरेंद्र मोदी। जो सबको रास्ता दिखाते हैं। साथ ही हर मंत्री को काम करने की दिशा बताते हैं। सुरेश प्रभु ने आगे कहा कि अभी रेलवे में निजी निवेश आना शुरू हुआ है। अगले 3 साल में जोरदार सुधार देखेंने की उम्मीद की जा रही है। साथ ही 2 साल में आमदनी बढ़ाने पर भी काम किया जा रहा है। और ट्रैक को दुरुस्त करने की पहल हुई है। कम समय में ज्यादा देने की कोशिश भी की गयी है। फंडिंग के संकट को भी दूर किया गया है। जिन प्रोजेक्ट की शुरुआत की गयी है उसे मंत्री के आने-जाने से वह नहीं रुकेगा। मेरा मानना है कि रेलवे ठीक तो सभी सेक्टर चमककेगें।

रेलवे मंत्री सुरेश प्रभु ने आगे कहा कि आनेवाले समय में प्रोजेक्ट और तेजी से लागू होगा और फ्रेट कॉरिडोर को मंजूरी मिली है। टेंडर की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी की गयी है। साथ ही अब रेलवे में हर चीज ई-टेंडर के जरिए की जायेगी।

2020 तक बेहतर नतीजो की उम्मीद जताते हुए रेलवे मंत्री सुरेश प्रभु ने कहा कि रेलवे उपर काफी बोझ है। 12,000 करोड़ की खर्च में कटौती हुई। और सैलरी हाइक का सबसे ज्यादा भार रेलवे पर पड़ रहा है। लेकिन 2020 तक बेहतर नतीजे आने की उम्मीद है।

उन्होने आगे कहा कि बुनियादी बदलाव में वक्त लगता हैं। हालांकि ऑपरेटिंग रेशियो कम करने की कोशिश हुई है। पे कमीशन का सबसे ज्यादा भार रेलवे पर ही है। पहले साल फ्रेट को कम किया था। लेकिन इस साल रेलवे रेगुलेटर लाने की कोशिश भी की जा रही है।

मुंबई-दिल्ली कॉरिडोर 2018 तक पूरा होना मुमकिन नहीं है। कॉरिडोर का काम 2019 तक पूरा करने का टारगेट बनाया गया है। प्रोजेक्ट की मुश्किलें दूर हो चुकी हैं। जमीन का अधिग्रहण हो चुका है और कैबिनेट की मंजूरी भी मिल चुकी है।

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