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श्री प्रभु के रेल बजट में हवाई आश्वासन नहीं, मगर ठोस योजनाएँ

रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने लोक सभा में गुरुवार को रेल बजट 2015-16 पेश करते हुए यात्रियों की परेशानी में कुछ अंकुश लगाने की कोशिश जरूर की है। इसके तहत दलालों को रोकने के लिए चार महीने पहले रिजर्वेशन की सुविधा मुहैया कराई जाएगी। सुरक्षा के लिए 182 टोल फ्री नंबर का प्रावधान। कुछ सवारी गाड़ियों में 24 पैसेंजर कोच की जगह 26 सवारी कोच जोड़े जाएंगे।

पांच मिनट में अनारक्षित टिकट

एक नया मिशन ऑपरेशन 5 मिनट शुरू किया जाएगा, जिसमें अनारक्षित टिकट खरीदने के लिए पांच मिनट से ज्यादा वक्‍त नहीं लगेगा। 138 यात्रियों की समस्या का हेल्पलाइन नंबर, उत्तर रेलवे में पहली मार्चे से हेल्पलाइन शुरू हो जाएगी सेवा। कई भाषाओं में ई-टिकट पोर्टल की शुरुआत होगी। स्मार्टफोन पर अनारक्षित टिकट जारी करने का प्रावधान किया जाएगा। डेबिट कार्ड से चलने वाली मशीनें, ऑटोमेटिक टिकट मशीनों के प्रावधान को और आगे बढ़ाया जाएगा।

अक्षम यात्रियों के लिए होगा ऐसा

नेत्रहीन मुसाफिरों के लिए भविष्य में बनने वाले सवारी डिब्बों में ब्रेल लिपि की सुविधा होगी। ऊपरी बर्थ पर चढ़ने के लिए सुविधाजनक डिजाइन बनाया जा रहा है। वरिष्ठों के लिए नीचे की बर्थ हो, ऐसा प्रयास किया जा रहा है। शारीरिक रूप से अक्षम यात्रियों के लिए व्‍हील चेयर की सुविधा भी होगी।

 

रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने आज लोकसभा में पेश 2015-16 के रेल बजट में ट्रेनों की गति बढ़ाने के साथ ही यात्री सुविधा और सुरक्षा पर भी जोर दिया।

मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड बुलेट ट्रेन पर व्यवहार्यता अध्ययन रिपोर्ट साल के मध्य में आएगी। रेलों की गति बढ़ाने पर ध्यान दिया जाएगा। मालगाड़ियों की स्पीड भी बढ़ाई जाएगी। 9 रेल गलियारों में गति सीमा 130 किलोमीटर प्रति घंटे से बढ़ाकर 200 किलोमीटर करने का प्रस्ताव किया गया है।

स्टेशनों पर 180 करोड़ रु. की लागत से लिफ्ट और एस्केलेटर लगाए जाएंगे। ऊपरी बर्थ पर चढ़ने के लिए बेहतर सुविधाएं बनाई जाएंगी। उन्होंने कहा, गाड़ी सुरक्षा चेतावनी प्रणाली को बेहतर बनाया जाएगा। आधुनिक रेल संरचना का भी प्रावधान है।

6581 करोड़ की लागत से रेल ओवर और अंडर ब्रिज बना कर बिना गार्ड के रेलवे क्रॉसिंग को बेहतर बनाया जाएगा। बिना फाटक के रेलवे ट्रैक पर ऑडियो सुविधाओं से सूचनाएं दी जाएंगी। अगले पांच साल के लिए योजना इस जून में बनेगी और हर तरह की दुर्घटना से बचने का ब्यौरा देंगे। बिना गार्ड के रेल फाटक, आग, एक्सिडेेंट आदि दुर्घटनाओं से बचने के लिए एक्शन प्लान बनाया जा रहा है।

अब चार माह पहले आरक्षण

रेलमंत्री ने ऐलान किया कि 2 माह की जगह 4 माह पहले होगा सीट आरक्षण। किसानों को लाभ देने के लिए कार्गो सेंटर बनाए जाएंगे। माल ढ़ुलाई की क्षमता बढ़ाने के लिए एक प्रयास किए जाएंगे। रेलवे में ऊर्जा के खर्च को विद्युतीकरण पर फोकस करेंगे ताकि डीजल का खर्च कम हो। 6608 किमी मार्ग का विद्युतीकरण किया जाएगा।

400 स्‍टेशनों पर वाई-फाई

अरुणाचल और मेघालय से दिल्ली को जोड़ा गया है अन्य पूर्वोत्तर राज्यों को भी जोड़ेंगे। यातायात सुविधाओं के लिए निर्माण सुविधाओं पर ध्यान देंगे। 400 स्‍टेशनों पर वाई-फाई की सुविधा मुहैया कराई जाएगी। 96182 करोड़ जुटाने के लिए कई स्रोतों से बात चल रही है। दोहरीकरण जल्द से जल्द करने के लिए 8886 करोड़ रुपए के व्यय का प्रस्ताव। ज्यादा ट्रैफिक वाले नेटवर्क पर क्षमता बढ़ाई जाएगी। सैटेलाइट रेलवे टर्मिनल बनाए जाएंगे।

तकनीक का इस्तेमाल
सुरेश प्रभु ने कहा, माल डिब्बों में रेडियो फ्रिक्वेंसी वाले आईडी टैग लगेंगे ताकि उन्हें ट्रैक किया जा सके। नए बनने वाले डिब्बों में ब्रेल लिपि से सूचनाएं दिए जाने की व्यवस्था की जाएगी। IIT-BHU में मालवीय जी के नाम से रेल तकनीक पर रिसर्च केंद्र बनाया जाएगा चुनिंदा विश्वविद्यालयों में चार रेलवे अनुसंधान केंद्र खोलने का प्रस्ताव। बिजनेस इंजीनियरिंग और नवाचार के लिए कायाकल्प योजना लागू की जाएगी।

यूं बढ़ेगा रोजगार

मेक इन इंडिया के तहत देश में इंजन, पहिये, डिब्बे बनाने पर जोर दिया जाएगा। इससे विदेशी मुद्रा की बचत के साथ ही रोजगार के नए अवसर बनेंगे। पेरिशेबल यानी खराब होने की आशंका वाली सब्जियों को बचाने के लिए दिल्ली आजादपुर में कार्गो सेंटर बनेगा। प्राइवेट फ्रेट टर्मिनलों में निजी निवेश का प्रस्ताव किया गया है।

 
 
रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने गुरुवार को रेल बजट 2015-16 पेश किया। इस बजट में कुछ खास बातें रहीं हैं। डालते हैं एक नजर क्‍या रहा बजट में खास-

यात्री किराए में किसी भी तरह की बढो़तरी नहीं की गई। पहली बार नई ट्रेनों की घोषणा की गई।
यात्रियों की समस्या के लिए 138 हेल्पलाइन नंबर। उत्तर रेलवे में पहली मार्चे से शुरू हो जाएगा।
सरकार ने रेलवे के लिए 4 लक्ष्य तय किए हैं। यात्री सुविधा, सुरक्षा, बुनियादी ढांचे का आधुनिकीकरण और वित्तीय स्व संवहनीयता।
ऑपरेशन 5 मिनट नाम से एक नया मिशन शुरू किया जाएगा। इसके तहत अनारक्षित टिकट पांच मिनट के अंदर जारी किए जाएंगे। दलालों को रोकने के लिए चार महीने पहले रिजर्वेशन।
स्मार्टफोन पर अनारक्षित टिकट जारी करने का प्रावधान किया जाएगा। डेबिट कार्ड से चलने वाली मशीनें, ऑटोमेटिक टिकट मशीनों के प्रावधान को आगे बढ़ाया जाएगा।
डिजिटल इंडिया के तहत कई स्टेशनों पर वाई फाई की सुविधा। आदर्श स्टेशन के तहत इसे बढ़ाया जाएगा।
कई भाषाओं में ई-टिकट पोर्टल की शुरुआत होगी। पीने के पानी के लिए वाटर वेडिंग मशीन लगाई जाएगी।
चुनिंदा गाड़ियों और महानगरीय गाड़ियों में महिलाओं की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी का प्रावधान।
शताब्दी गाड़ियों में मनोरंजन सेवा का प्रावधान। जनरल डिब्बों में भी मोबाइल चार्ज करने की सुविधा होगी।
डिजिटल इंडिया के तहत कई स्टेशनों पर वाई-फाई की सुविधा। आदर्श स्टेशन के तहत इसे बढ़ाया जाएगा।
मुंबई में एसी लोकल। ऊपरी बर्थ पर चढ़ने के लिए सुविधाजनक डिजाइन बनाया जा रहा है। वरिष्ठों के लिए नीचे की बर्थ देने की कोशिश।
मुख्य स्टेशनों पर लिफ्ट और स्वचालित सीढ़ियों के लिए इस बजट में 180 करोड़ रुपए आवंटित किए जा रहे हैं।
नेत्रहीन मुसाफिरों के लिए भविष्य में बनने वाले सवारी डिब्बों में ब्रेल लिपि की सुविधा होगी।
9 रेल गलियारों की रफ्तार 110-130 किमी प्रति प्रति घंटा से बढ़ाकर 160-200 किमी प्रति घंटा करने का प्रस्ताव।
मुंबई-अहमदाबाद के बीच हाई-स्पीड रेल का प्रस्ताव। बुलेट ट्रेन पर रिपोर्ट साल के मध्य तक मिलने की संभावना।
मेक इन इंडिया के तहत रेलवे के इंजन, डिब्बे, पहिए देश में बनाने की कोशिश। इससे न सिर्फ विदेशी मुद्रा की बचत होगी बल्कि रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।
इसी जून से अगले 5 साल के लिए रेल सुरक्षा की क्या योजना होगी, बताया जाएगा।
बिना गार्ड के रेलवे फाटक पर ऑडियो-विजुअल चेतावनी की व्यवस्था पर काम करने का प्रावधान।
अगले वित्तीय बजट में 970 रेलवे अंडर ब्रिज, रेलवे ओवर ब्रिज के निर्माण का प्रस्ताव।
आईआईटी-बीएचयू में मदन मोहन मालवीय के नाम से रेल तकनीक पर रिसर्च केंद्र बनाया जाएगा। चुनिंदा यूनिवर्सिटीज में ऐसे चार केंद्र खोले जाएंगे।
मानवरहित रेलवे क्रॉसिंग पर सुरक्षा को बढ़ाने के लिए इसरो, आईआईटी कानपुर की मदद ली जाएगी।
1,89,400 किलोमीटर रेल मार्गों के दोहरीकरण, तिहरीकरण और चौहरीकरण की योजना है। इस योजना पर 96,182 करोड़ रुपए खर्च होंगे।
गाडियों के आवागमन की सूचना एसएमएस एलर्ट से देने की तैयारी। वाई-फाई सुविधा अब सभी बी-श्रेणी के रेलवे स्टेशनों पर भी उपलब्ध कराई जाएगी।
रेल की दैनिक यात्री परिवहन क्षमता को 2.1 करोड़ से बढ़ाकर 3 करोड़ करने की योजना।
रेलवे नियुक्तियों में पारदर्शिता लाने के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रणाली शुरू की गई है।
टूरिजम को बढ़ाने के लिए 'इं‍क्रिडिबल रेल फॉर इंक्रिडिबल इंडिया' अभियान चलाया जाएगा।
 
 
रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने अपने रेलबजट भाषण में बताया कि मुंबई में एसी लोकल चलाई जाएगी। 24 की जगह गाडि़यों में 26 सवारी डिब्बे जोड़े जाएंगे। व्हील चेयर की ऑनलाइन बुकिंग होगी। स्टेशनों पर लॉकर लगाए जाएंगे। उपनगरीय ट्रेनों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इसमें महिलाओं की प्राइवेसी का ध्यान रखा जाएगा।

रेलमंत्री ने यह भी कहा, डिस्प्ले बोर्ड पर आगमन-प्रस्थान की जानकारी बेहतर बनाई जाएगी। डेबिट कार्ड से चलने वाली और ऑटोमेटिक मशीनें लगाई जाएंगी। सुरक्षा के लिए 128 हेल्पलाइन शुरू की जाएगी। 650 स्‍टेशनों पर नए शौचालय बनाए जाएंगे। रेलवे के डिब्‍बों में मोबाइल चार्जिंग पाइंट बढेंगे। स्‍थानीय व्‍यंजनों को भी रेलवे द्वारा परोसा जाएगा। एक ही पोर्टल पर मिलेंगी रेलवे की विभिन्‍न सुविधाएं मिलेंगी।
अन्य बढ़ी घोषणाएं
ऑपरेशन 5 मिनट के तहत बिना रिजर्वेशन का टिकट आप 5 मिनट में खरीद सकेंगे।
शारीरिक रूप से अक्षम यात्रियों को रियायती ई-टिकट देने का प्रस्ताव।
138 नंबर देश भर के यात्रियों के लिए लागू कर दिया जाएगा। उत्तर रेलवे यह सुविधा 1 मार्च से शुरू कर देगा।
चादर, तकिए, तौलिए के लिए एनआईएफटी से संपर्क किया गया है।
रेलवे में अच्छे लिनेन (बिस्तर, गादी, तकिए) के लिए एनआईएफडी से बात की है।
इस वर्ष हम 17 हजार बायो टॉयलेट लगाएंगे। वैक्यूम टॉयलेट भी बनाए जाएंगे। इसका डिजाइन मंजूर करने की तैयारी है।
वैक्यूम टॉयलेट लगाने का प्रस्ताव रखा गया इस बजट में।
स्वच्छ रेल अभियान को स्वच्छ भारत अभियान से जोड़ा जाएगा।
रेलवे में स्वच्छता अभियान पर खास जोर रहेगा।
रेलवे के काम में पारदर्शिता लाई जाएगी, निर्णय लेने की गति बढ़ा कर और बेहतर प्रबंधन के जरिए यात्रियों की सेवा की जाएगी।
रेलवे की आर्थिक हालत सुधर रही है। यात्री किराये में नहीं की जाएगी कोई बढोतरी।
रेलवे राष्ट्रीय संपर्क और संचार का साधन बनेगा। भारतीय रेलवे बनेगी मेक इन इंडिया का हिस्सा।
 
 
रेल मंत्री श्री सुरेश प्रभाकर प्रभु ने भारतीय रेलवे के कायाकल्प हेतु अगले पांच वर्षों के लिए चार लक्ष्य निर्धारित किए हैं।
 
1.            ग्राहको के अनुभव में स्थायी और मापनयोग्य सुधार लाने के लिए भारतीय रेलवे द्वारा ऐसे कदम जाएंगे जिनसे स्वच्छता, सहूलियत, सुगमता, सेवा गुणवत्ता और गाड़ियों की गति से संबंधित ग्राहकों की समस्याएं व्यवस्थित ढंग से दूर हो जाएंगी।
 
2.            रेलवे को यात्रा का सुरक्षित साधन बनाना
 
3.            भारतीय रेलों की क्षमता में पर्याप्त विस्तार करना और इसकी अवसंरचना को आधुनिक बनाना। नागरिकों के लिए रेल यात्रा के महत्व को देखते हुए, भारतीय रेलवे यात्री वहन क्षमता 21 मिलियन यात्री प्रति दिन से बढ़ाकर 30 मिलियन तक करेगा। वह रेलपथ की लंबाई भी 20 प्रतिशत तक बढ़ाकर 1,14,000 कि.मी. से 1,38,000 कि.मी. तक करेंगे और हम अपनी वार्षिक माल वाहक क्षमता 1 बिलियन टन से बढ़ाकर 1.5 बिलियन टन करेंगे।
 
4.            वित्तीय दृष्टि से आत्मनिर्भर बनने के लिए भारतीय रेलवे परिचालन से अत्याधिक अधिशेष का सृजन करेगा, जो केवल क्षमता विस्तार के वित्तपोषण हेतु आवश्यक ऋण की अदायगी के लिए ही नहीं होगा, बल्कि उससे क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों को सतत आधार पर बदलने हेतु निवेश के लिए भी पर्याप्त होगा। इसके लिए परिचालन दक्षता, लागतों पर कड़ा नियंत्रण, परियोजना के चयन एवं निष्पादन में अधिक अनुशासवन और भारतीय रेलों की राजस्व सृजन करने की क्षमता में अभूतपूर्व बढ़ोत्तरी होगी।
 
आज संसद में वर्ष 2015-16 का रेल बजट पेश करते हुए श्री प्रभु ने कहा कि इन लक्ष्यों से यह भी सुनिश्चित होगा कि रेलवे उन सभी प्रमुख कार्यक्रमों का अभिन्न अंग है जिन्हें प्रधानमंत्री ने गरीबों के जीवन स्तर में सुधार लाने के लिए शुरू किए हैं, जिनमें स्वच्छ भारत से मेक इन इंडिया तक, डिजीटल इंडिया से स्किल इंडिया तक शामिल है।

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