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सुश्री वर्तिका नंदा और श्री अरविंद कुमार सिंह सम्मानित

हिंदी पत्रिकारिता दिवस के मौके पर बुधवार को भोपाल में माधवराव सप्रे स्मृति समाचारपत्र संग्रहालय एवं शोध संस्थान में राष्ट्रीय अलंकरण समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में जानी-मानी मीडिया विश्लेषक डॉ. वर्तिका नंदा को माधवराव सप्रे पुरस्कार और वरिष्ठ पत्रकार व लेखक अरविंद कुमार सिंह महेश सृजन सम्मान से सम्मानित किया गया।

माधवराव सप्रे पुरस्कार के साथ डॉ. वर्तिका नंदा को 21,000/- रुपए सम्मान निधि, प्रशस्ति पत्र, शाल और लेखनी भेंट की गई, तो वहीं महेश सृजन सम्मान के साथ अरविंद कुमार सिंह को 11,000/- रुपए सम्मान निधि, प्रशस्ति पत्र, शाल व लेखनी प्रदान की गई।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जनसंपर्क मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा और माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के कुलपति जगदीश उपासने भी मौजूद थे।

डॉ. वर्तिका नन्दा टेलिविजन की प्रतिष्ठित पत्रकार, मीडिया की प्रवीण प्राध्यापक, बहुप्रशंसित लेखक और प्रामाणिक जेल सुधारक हैं। वे मीडिया और साहित्य के जरिए महिला अपराधों के प्रति जागरूकता लाने के लिए 2014 में भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के द्वारा स्त्री शक्ति पुरस्कार से सम्मानित हो चुकी हैं। उनकी किताब ‘टेलिविजन और अपराध पत्रकारिता’ को भारत सरकार ने भारतेन्दु हरिश्चंद्र पुरस्कार से सम्मानित किया है। जेलों पर अपने कामों की वजह से दो बार लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में शामिल हुईं। वे जेलों पर अनूठी श्रृंखला-तिनका तिनका-की संस्थापक हैं और मीडिया और जेलों को आपस में जोड़ रही हैं। 2018 में सुप्रीम कोर्ट ने देश की जेलों की अमानवीय स्थिति के संबंध में जेलों में महिलाओं और बच्चों की स्थिति की आंकलन प्रक्रिया में शामिल किया।

वे जीटीवी, एनडीटीवी और लोकसभा टीवी चैनल में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुकी हैं और इन दिनों दिल्ली के लेडी श्रीराम कॉलेज में पत्रकारिता की प्राध्यापक हैं।

वहीं अरविन्द कुमार सिंह हिंदी के लेखक और पत्रकार हैं। वे राज्यसभा टीवी में संसदीय और कृषि विषयों के प्रभारी संपादक हैं। अनेक पुरस्कारों से सम्मानित अरविन्द कुमार सिंह की दस्तावेजी पुस्तक ‘भारतीय डाक : सदियों का सफरनामा’ चर्चित है।



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