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माय होम इंडिया की पहल “सपनो से अपनों तक”

भोले बच्चे, दूसरों द्वारा दिखाए हुए भविष्य के झूठे सपनों से गुमराह हो कर अपना घर-परिवार छोड़ देते है लेकिन उसके बाद वही व्यक्ति जिन्होंने उन बच्चों को झूठे सपने दिखाए थे, उन मासूम बच्चो का निर्दयता से शोषण करते हैं। यह बच्चे एक बार जब अपने  घर से निकल कर बाहर की निर्दयी दुनिया देखते हैं तो प्रतिदिन साहस और कोशिश करने के बाद भी अपने घर लौट नहीं पाते। अबोध बच्चे प्रतिदिन अपनी गलती समझते हुए, अपने घर वापस जाने के लिए किसी की मदद की राह देखते हैं| पुलिस एवं NGO के द्वारा इन बच्चो को अमानवीय परिस्थितियों से छुडाने के पश्चात बच्चों से उनके परिवार के बारे में  मिली सूचना के आधार पे उनके परिवार को ढूंढा जाता ताकि यह बच्चे शीघ्र ही अपने घर वापस जा सकें| परिवार का पता लगने तक बच्चे बाल गृह में रखे जाते है और उनके परिवार को ढूँढने का निरंतर प्रयास किया जाता है। माय होम इंडिया बाल गृह के साथ मिल के इन बच्चों को उनके घर तक भेजने के अनुपम कार्य को पूर्ण उत्तरदायित्व के साथ करता है एवं जब तक यह बच्चे बाल गृह में रहते हैं उस समय भी आवश्यक चिकित्सा, दवाइयां, जरूरत का सामान इत्यादि उनको प्रदान करके उनकी मदद करता है| इस कठिन समय में इन बच्चों को परिवार की कमी ना महसूस हो इसलिए माय होम इंडिया इन बच्चों के साथ अनेक पर्व भी मनाता है|

'माय होम इंडिया' द्वारा विगत एक वर्ष से कम समय में किये गए अथक प्रयास से उमेरखेड़ी , डोंगरी, मुंबई स्थित बाल गृह से १६६ बच्चो को एवं दिल्ली के बाल गृह से ४ बच्चों को उनके घर सुरक्षित पहुँचाया गया । 'माय होम इंडिया' यह मानता है कि सही वातावरण मिलने पर यह बच्चे राष्ट्रनिर्माण में अभूतपूर्व योगदान प्रदान कर सकते हैं लेकिन यही बच्चे सहीं ध्यान एवं मार्गदर्शन ना मिलने पर अपराध के रास्ते पे चल सकते हैं| इसलिए उन्हें वापस अपने घर पहंचा के अपने आत्मविकास का मौक़ा दे के 'माय होम इंडिया' उनके जीवन में एक सकारात्मक बदलाव का प्रयास कर रहा है| 'माय होम इंडिया' द्वारा किये गए इस प्रयास की अभूतपूर्व सफलता से प्रेरित हो कर 'माय होम इंडिया' ने आज इसे औपचारिक रूप से राष्ट्रिय स्तर पर एक परियोजना के रूप में प्रारम्भ किया| इस पहल का नाम, 'सपनो से अपनों तक' रखा गया है। इसके अंतर्गत उन् सभी बच्चो को उनके घर तक पुनः पहुचने का प्रयास किया जायेगा जो किसी कारणवश अपने घर से दूर हो गए थे ताकि उन्हें भी स्नेहपूर्ण वातावरण मिल सके और वह आगे जा के एक अच्छा नागरिक बनें न कि  पीड़ाओं से जूझता हुआ मुजरिम। ऐसे बच्चे जो कि अपने परिवार से बहुत समय से बिछड़ चुके हैं और जिनके माता पिता उनके मिलने की आस तक छोड़ चुके हैं ऐसे बच्चों को अपने परिवार से मिला के माय होम इंडिया उनके जीवन में एक नयी आशा के संचार का प्रयास कर रहा है|

माय होम इंडिया ने यह कार्यक्रम स्व. श्री एकनाथ जी ठाकुर, अध्यक्ष, सारस्वत बैंक को समर्पित था।

इस उपलक्ष्य पर मुख्य अतिथि के रूप में माननीया महिला एवं बाल विकास मंत्री, महाराष्ट्र, श्रीमती पंकजा मुंडे पालवे उपस्थित रहीं| आदरणीय राज्य मंत्री, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, महाराष्ट्र, श्रीमती विद्या ठाकुर एवं उपाध्यक्ष, सारस्वत बैंक श्री गौतम ठाकुर ने भी अतिथि के रूप में उपस्थित हो के कार्यक्रम की शोभा बढ़ायी। एवं विख्यात उद्योगपति,  श्री श्रीराम दांडेकर ने मंच की अध्यक्षता की|

सर्वप्रथम श्री सुनील देवधर जी ने सभी गणमान्य व्यक्तियों का परिचय कराया एवं उसके पश्चात “सपनो से अपनों तक” कार्यक्रम से परिचय कराते हुए बताया कि यह कार्यक्रम …राष्ट्र वाद को मजबूत करने का काम है.बाल गृह की अवस्था असहनीय है. इस अवसर पे उन्होंने यह भी कहा कि माय होमे इंडिया का नारा है बाल गृह जहां जहा माय होमे इंडिया वहा वहा, माय होमे इंडिया का लक्ष्य है अगले ५ वर्ष में देश के सारे बाल सुधार गृह खाली करा देंगे|

आदरणीय राज्य मंत्री, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, महाराष्ट्र, श्रीमती विद्या ठाकुर जी ने इस उपलक्ष्य पे कहा कि अपनो से अपनो को मिलाने का श्रेष्ठ काम माय होमे इंडिया कर रहा है| बाल गृह की कार्यशैली में सुधार लाने के ऊपर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि सरकार हर प्रयत्न करने के लिए एवं एसे कार्यों को अपना समर्थन के लिए कृतिबद्ध है|

आदरणीय श्री गौतम ठाकुर जी, उपाध्यक्ष, सारस्वत बैंक ने इस अवसर पे कहा कि हर कदम पर वो स्वयं और सारस्वत बँक माय होम इंडिया के साथ है |

इस अवसर पे माय हमे इंडिया ने ऐसे कई व्यक्तियों और टीम का सम्मान किया जिन्होंने इस पावन कार्य में अपना निरंतर सहयोग प्रदान किया है| इन में शामिल हैं L&T construction – health Centre का टीम , श्री दिनेश नंदवाना, डायरेक्टर, Vakrangi Software ltd., बाल गृह उमेर्खाड़ी, डोंगरी, मुंबई की टीम, समतोल फाउंडेशन के श्री विजय जाधव एवं श्री जे. बी. गिलासे, मुख्य अधिकारी, बाल कल्याण समिति, मुंबई | इन सभी महानुभावों के मूल्यवान सहयोग के लिए माय होम इंडिया इन सब का आभार प्रकट करता है| 

माननीया महिला एवं बाल विकास मंत्री, महाराष्ट्र, श्रीमती पंकजा मुंडे पालवे ने इस अवसर पे कहा कि वोह अपनी मिनिस्ट्री के माध्यम से जल बचाओ अन्दोलम से एवं बेटी बचावो आंदोलन से जुडी हुई हैं| और यह दोनों ही अगर आज नहीं बचाए गए तो हमारा देश ही नष्ट हो जाएगा| उन्होंने कहा कि वह स्वयं भी यह मानती हैं कि बच्चा अपने घर से ज्यादा कही और सुरक्षित नही होता | बच्चो को घर पहुंचाना एक पुण्य का काम है और माय होम इंडिया यह पुण्य कर्म कर रहा है और इस पावन उद्देश्य में उनकी मिनिस्ट्री ऐसे सभी कार्यों को प्रोत्साहन प्रदान करेगी |

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