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नमो ने ममो पर ली मीठी चुटकियाँ

गुजरात के मुख्यमंत्री और भाजपा के पीएम पद के दावेदार नरेंद्र मोदी ने आज इशारों-इशारों में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर हमला बोला।

नर्मदा में सरदार पटेल पर आधारित 'स्टैच्यू ऑप यूनिटी' का शिलान्यास करते हुए उन्होंने कहा, "दो दिन पहले मुझे प्रधानमंत्री से मिलने का मौ‌का मिला। उन्होंने बहुत अच्छी बात कही। मुझे गर्व है उनकी बात पर।"

मोदी ने कहा, "उन्होंने कहा कि सरदार सच्चे सेकुलर नेता हैं। हम भी कहते हैं कि देश को वही सेकुलरवाद चाहिए। हमें वही पटेल वाला सेकुलरवाद चाहिए, वोटबैंक वाला सेकुलरवाद नहीं।"

'पटेल को सीमाओं में बांधना अन्याय'
गुजरात के मुख्यमंत्री ने कहा, "पटेल सारे देश के हैं, किसी दल के नहीं। उन्हें दल की सीमाओं में बांधना खुद उनसे बड़ा अन्याय है।" दो दिन पहले एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा था कि उन्हें इस बात का गर्व है कि वह उस राजनीतिक दल से जुड़े हैं, जो पटेल का रहा है।

मोदी ने कांग्रेस सरकार पर तंज कसते हुए कहा, "हमने गांधी स्मारक बनाया, तो किसी ने चैलेंज नहीं किया। सरदार की बात हुई, तो परेशानी क्यों हो रही है? यह गुजरात इफेक्ट है कि आज अखबार में सरकारी विज्ञापनों में पटेल दिख रहे हैं।

सदियों तक कायम रहेगी प्रतिमा
उन्होंने कहा, "मूर्ति बनाने का काम देश-विदेश के विशेषज्ञ करेंगे। वही तय करेंगे‌ कि उसमें क्या सामग्री लगनी है और तकनीक क्या होगी। लेकिन प्रतिमा ऐसी बनेगी कि सदियों तक कायम रहेगी। हम हिंदुस्तान के हर गांव से लोहा मांग रहे हैं। किसानों से पुराने औजार मांग रहे हैं।"

मोदी ने कहा कि सरदार सरोवर योजना का‌ शिलान्यास पंडितजी ने किया था। इस सरकार ने अपने कार्यकाल में पिछली तमाम सरकारों से दोगुना खर्च किया। लेकिन यह सपना सरदार पटेल ने देखा था। यह काम उनके सपने पूरे करने के लिए हो रहा है।

उन्होंने कहा कि लोग यह इलाका छोड़कर जाने लगे थे। यहां पानी नहीं था। लेकिन जब पता लगा कि पानी मिलेगा। गुजरात नहीं, राजस्‍थान के सभी लोग भी पानी देने पर धन्यवाद देते हैं।

गुलामी की छाया से बाहर निकलने की जरूरत
मोदी ने कहा, "हम गुलामी की छाया से निकल नहीं पाते। गुलामी की छाया से निकलने के लिए ऐसे काम करने होंगे, जिससे हम गर्व के साथ, आत्मसम्मान के साथ दुनिया के सामने खड़े हो सकें।"

मुख्यमंत्री ने कहा, "दुनिया हमें हीन भावना के साथ देखती थी। वाजपेयी शासन में परमाणु विस्फोट किया, तो दुनिया की निगाह हम पर गई। चीन के साथ भी ऐसा था। उसे कोई नहीं देखता था, लेकिन उसने शंघाई से धारणा बदली।"

मोदी ने कहा, "आज जरूरत है कि देश की ग्लोबल पोजिशनिंग की जाए। सवा सौ करोड़ का देश है हमारा। किसी ने देश को एक बनाने की सबसे ज्यादा कोशिश की, तो वह सरदार पटेल थे।

हर देशभक्त हमारे लिए प्रेरणा
उन्होंने सवाल किया, "हम राणा प्रताप, छत्रपति शिवाजी, भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु का सम्मान करेंगे या नहीं? क्या वे सभी भाजपा के सदस्य थे? क्या सिर्फ उनका सम्मान होगा, जो भाजपा के सदस्य रहे? नहीं, ऐसा नहीं है। जो देश के लिए जिए-मरे, उससे बड़ा कुछ नहीं। दल से बड़ा देश होता है। ये सभी हमारे लिए प्रेरणा हैं, गौरव हैं।"

मोदी ने कहा, "विरासतें साझी होती हैं। अंबेडकर किसी दल के नहीं थे, लेकिन पूरा दलित-वंचित तबका उन्हें प्रेरणास्रोत के रूप में देखता है।"

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