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डॉ.चन्द्रकुमार जैन को रचनात्मक योगदान के लिए राष्ट्रीय परिषद् ने सम्मानित किया

राजनांदगांव। शासकीय दिग्विजय महाविद्यालय के हिंदी विभाग के राष्ट्रपति सम्मानित प्राध्यापक डॉ. चन्द्रकुमार जैन को विशिष्ट रचनात्मक योगदान के लिए अखिल भारतीय विकलांग चेतना परिषद् द्वारा सम्मानित किया गया।

उन्हें छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के अध्यक्ष डॉ. विनयकुमार पाठक, परिषद् के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ.डी.पी.अग्रवाल, राष्ट्रीय महामंत्री श्री मदन मोहन अग्रवाल ने सम्मानित किया। इस अवसर पर विशेष अतिथि श्री प्रेमप्रकाश सिंघल, प्राचार्य डॉ. आर. एन. सिंह सहित परिषद् के सम्मानित सदस्य, प्राध्यापक, बड़ी संख्या में विद्यार्थी और निबंध प्रतियोगिता के विजेता उपस्थित थे। सम्मान के दौरान करतल धवनि से सभागार गूँज उठा।

राष्ट्रीय परिषद् के तत्वावधान में महाविद्यालय के डॉ. पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी सभागार में आयोजित समारोह में डॉ. जैन का, दिव्यांगों की ज़रूरतों और अभिलाषाओं पर आधारित निबंध प्रतियोगिता के उत्कृष्ट संयोजन और प्रतिभागी युवाओं को सकारात्मक सहयोग और मार्गदर्शन देने के लिए यह सम्मान किया गया। गौरतलब है कि दिव्यांगों की शिक्षा, सेवा और पुनर्वास पर मंथन करने और उनके प्रति महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं में संवेदना और सरोकार के भाव विकसित करने तथा उनकी राय जानने की दृष्टि से हुई इस प्रतियोगिता में प्राचार्य डॉ.आर.एन.सिंह के मार्गदर्शन और संस्था परिवार के सहयोग से डॉ. चन्द्रकुमार जैन ने एक प्रभावी मोटिवेटर की भूमिका अदा की।

परिषद् के पदाधिकारियों और राजभाषा आयोग के अध्यक्ष द्वारा डॉ. जैन की पहल, सम्प्रेषण कला, सक्रियता समर्पण और सेवा भावना की मुक्त कंठ से सराहना की गई।

स्मरण रहे कि डॉ. जैन को इसी वर्ष भारत और भूटान संयुक्त राष्ट्र संघ सूचना केंद्र और श्री रामचंद्र मिशन के अखिल भारतीय निबंध लेखन कार्यक्रम के भी सुचारु संयोजन के लिए बेस्ट कोऑर्डिनेटर के रूप में सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह द्वारा महाविद्यालय के हीरक जयन्ती समारोह में डॉ. जैन को यह सम्मान प्रदान किया गया। अनेक बहुआयामी कार्यक्रमों के अतिरिक्त समरूप रचनात्मक गतिविधि में 2018 में ही इस दोहरी उपलब्धि अर्जित करने पर महाविद्यालय परिवार और शुभ चिंतकों ने उन्हें बधाई दी है।



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