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पश्चिम रेलवे पर माल यातायात बढ़ाने के लिए नया प्रयोग

मुंबई। रेलवे बोर्ड के दिशा निर्देशों के अनुसार तथा भारतीय रेलवे द्वारा माल यातायात को बढ़ाने की दृष्टि से पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक श्री आलोक कंसल ने पश्चिम रेलवे के ज़ोनल मुख्यालय और मंडल इकाइयों पर मल्टी-डिसिप्लिनरी बिज़नेस डेवलपमेंट यूनिटों (बीडीयू) के गठन का निर्देश दिया है। बीडीयू का गठन रेल परिवहन और लॉजिस्टिक बिज़नेस को बढ़ाने की दृष्टि से व्यावसायिक दृष्टिकोण से प्रोत्साहन की दिशा में एक अच्छा कदम है। इसका लक्ष्य क्षेत्रीय स्तर पर निर्णय लेने की प्रक्रिया को सरल एवं कारगर बनाना तथा अनुकूल उत्पाद एवं पैकेज के साथ मौज़ूदा एवं सम्भावित ग्राहकों को बेहतर पहुॅंच प्रदान करना है।

पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी श्री सुमित ठाकुर द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार भारतीय रेलवे का लक्ष्य नये विचारों एवं पहलों को शामिल कर मालभाड़ा बाज़ार में व्यापार की सम्भावनाओं में सुधार करना है। इस वांछित लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए रेलवे मालभाड़ा ग्राहकों को यह समझाना बहुत महत्वपूर्ण है कि रेलवे कितनी बेहतर तरीके से उनकी ज़रूरतों को पूरा कर सकती है। इसी क्रम में पश्चिम रेलवे द्वारा बहु-विषयक व्यापार इकाइयाॅं स्थापित की गई हैं, जिनका मुख्य उद्देश्य अब तक सड़क मार्ग द्वारा परिवहन की जाने वाली नॉन-बल्क परम्परागत सामग्रियों के अतिरिक्त, अन्य माल यातायात को भी अपनी ओर आकर्षित कर रेलवे की माल ढुलाई को 2024 तक दोगुना करना है। रेलवे का फोकस भावी ग्राहकों से संवाद स्थापित कर विद्यमान लागू प्रक्रियाओं को सरल बनाते हुए व्यापार की सरलता में अभिवृद्धि करना है। बिज़नेस डेवलपमेंट यूनिट क्षेत्रीय रेल स्तर पर परिचालन, वाणिज्य, यांत्रिक तथा इंजीनियरिंग विभाग के वरिष्ठ प्रशासनिक ग्रेड स्तर के अधिकारियों की एक समिति है, जिसके संयोजक पश्चिम रेलवे के मुख्य माल परिवहन प्रबंधक हैं एवं इसके अध्यक्ष पश्चिम रेलवे के अपर महाप्रबंधक हैं।

इसी प्रकार मंडल स्तर पर गठित BDU समिति में कनिष्ठ प्रशासनिक ग्रेड के अधिकारियों की टीम का अध्यक्ष सम्बंधित अपर मंडल रेल प्रबंधक तथा संयोजक वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक को नियुक्त किया गया है। इस दिशा में कार्य करते हुए पश्चिम रेलवे ने अपने सभी 6 मंडलों के साथ-साथ क्षेत्रीय प्रधान कार्यालय स्तर पर भी बहु-विषयक व्यापार इकाइयाॅं गठित की हैं। ये इकाइयाॅं नियमित रूप से चैम्बर ऑफ कॉमर्स, उद्योग, बंदरगाह, एपीएमसी तथा सम्बंधित राज्यों के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर रही हैं। व्यापार इकाइयों के साथ इन निरंतर संवादों के ज़रिये नये माल यातायात को रेलवे की ओर आकर्षित करने में उल्लेखनीय मदद मिलेगी। इन इकाइयों को प्राप्त प्रस्तावों का त्वरित विश्लेषण किया जायेगा तथा किसी भी प्रकार की आवश्यक सहायता हेतु त्वरित रूप से क्षेत्रीय रेलवे एवं रेलवे बोर्ड से आग्रह किया जायेगा। रेलवे बोर्ड स्तर पर बहु-विषयक व्यापार इकाई में EDTT(F) श्री मनोज सिंह संयोजक हैं तथा EDTC(R), EDF(C) एवं EDME(Fr) इसके सदस्य हैं, जिन्हें क्षेत्रीय रेलों से प्राप्त प्रस्तावों की प्राप्ति से एक सप्ताह के अंदर समाधान एवं क्लीयरेंस प्रदान करने की ज़िम्मेदारी सौंपी गई है।

श्री ठाकुर ने बताया कि पश्चिम रेलवे का मुख्य ध्यान गुड्स शेडों में इन्फ्राट्रक्चरल सुविधाओं में सुधार करने के साथ-साथ विभिन्न परिचालनिक बाधाओं को दूर करने की तरफ भी है। प्लेटफॉर्मों की सतह में सुधार, ड्रेनेज सुविधा, कवर शेडों, पीने के पानी की सुविधा, हाई मास्ट लाइटें, व्यापारियों और मजदूरों के लिए विश्राम कक्ष तथा शौचालय की सुविधा आदि जैसे कई प्रमुख विषय हैं, जिन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मालभाड़ा ट्रेनों की औसत गति में वृद्धि करने के लिए विभिन्न परिचालनिक अवरोधों का पुनरीक्षण किया जा रहा है और उन्हें प्रणालीबद्ध तरीके से दूर भी किया जा रहा है। मालभाड़ा गाड़ियों की औसत गति में धीरे-धीरे वृद्धि करने का प्रस्ताव किया गया है।

ऐसे प्रयासों के फलस्वरूप पश्चिम रेलवे पर मालभाड़ा गाड़ियों की गति बढ़कर 43.1 कि.मी. प्र.घं. हो गई है जो वर्ष 2019 की औसत मालभाड़ा गति से 63.5 प्रतिशत अधिक है। इसके अतिरिक्त, वित्त वर्ष 2020-21 में लगातार 13 दिनों तक 100% समयपालनता सुनिश्चित की गई है। दीर्घ अवधि योजना के तौर पर पूंजी निवेश करते हुए 50 किलोमीटर प्रति घंटा से अधिक मालभाड़ा गति बढ़ाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके पीछे एकमात्र उद्देश्य परम्परागत वस्तुओं के परिवहन में न केवल रेलवे की भागीदारी को मजबूत बनाना है; बल्कि विविध ग़ैर-थोक वस्तुओं के क्षेत्र में भी मजबूत पकड़ हासिल करनी है। ग्राहकों को ट्रैफिक आश्वासनों के साथ प्रस्तावों को प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है, ताकि मालभाड़ा दर में कटौती की सम्भावनाओं पर अनुसंधान किया जा सके। मौजूदा और सम्भावित ग्राहकों को ई-मेल भेजे गये हैं और सम्भावित ग्राहकों के अनुमान की योजना प्रगति पर है। मालभाड़ा प्रोत्साहन के बारे में ग्राहकों को शिक्षित करने के लिए सोशल मीडिया पर वेब कार्डों का प्रदर्शन किया गया है। बल्क और नॉन-बल्क वस्तुओं के परिवहन के मार्केट को कैप्चर किया जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2020-21 में दो प्राइवेट फ्रेट टर्मिनल और तीन साइडिंग खोलने का लक्ष्य है। बिज़नेस डेवलपमेंट यूनिट (बीडीयू) सम्भावित मालभाड़ा ग्राहकों के लिए सुविधा प्रदान करने हेतु एकल खिड़की के रूप में सेवा प्रदान करेगी, जो मालभाड़ा मुद्दों के निपटारे हेतु सभी आवश्यक औपचारिकताओं को शीघ्र पूरा किया जाना सुनिश्चित करेगी।

पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक श्री आलोक कंसल ने सभी सम्भावित मालभाड़ा उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे सर्वोत्तम बाज़ार दर और अपने उत्पादों के शीघ्रतर संचलन एवं सुपुर्दगी के लिए अपने क्षेत्र की सम्बंधित बिज़नेस डेवलपमेंट यूनिट से सम्पर्क करें।

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