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नव औद्योगिक क्षेत्र कोटा को सौगात

कोटा। दीएसएसआई एसोसिएशन,कोटा व्यपार संघ एवं लघु उद्योग भारती ने संयुक्त रूप से कोटा मे बने नए औद्योगिक क्षेत्र गुण्दी—फतेहपुर को सरहाया। कोटा व्यपार संघ के अध्यक्ष क्रांति जैन,महासचिव अशोक माहेश्वरी,दीएसएसआई एसोसिएशन के संस्थापक अध्यक्ष गोविंद राम मित्तल,अध्यक्ष मुकेश गुप्ता,सचिव ईशांत अरोरा,निर्वाचित अध्यक्ष जम्बु जैन एवं लघु उद्योग भारती के प्रदेश सचिव अचल पौद्दार ने पत्रकारों को बताया कि नव औद्योगिक क्षेत्र कोटा की जरूरत थी और नव औद्योगिक क्षेत्र में कई मायनों में उधमियों के लिए हितकारी है क्योकि वह परिवहन,बिजली एवं पानी की पर्याप्त सुविधा है। रीकों में वर्तमान में भूखण्डो की दरे भी कम रखी है एवं निलामी से खरीद होने से हर उद्यमी तक पहुंच सभंव है।

बिजली के स्थाई शुल्क बड़ाने का विरोध
गोविन्द राम मित्तल,क्रांति जैन एवं अशोक माहेश्वरी तथा मुकेश गुप्ता ने बिजली के स्थाई शुल्क बढ़ाने की सरकारी की नीति का विरोध करते हुए कहा कि स्थाई शुल्क घरेलु एवं व्यवसायिक दोनो जगह बढ़ाना अनुचित है एवं सरकार द्वारा 400 के शुल्क को 4000 तक बढाने के नियम भी समझ से परे है। उन्होने कहा कि नए नियमों के आधार पर अब बिजली शुल्क बिजली उपकरणों की हॉर्स पॉवर के अनुसार तय होंगे जितने अधिक उपकरण होंगे उतना ही बिल आएगा आप चाहे उनका उपयोग करे अथवा नहीं! माहेश्वरी एवं मित्तल ने कहा कि इससे आम उपभोक्ता के हितों पर प्रभाव पड़ेगा और वर्तमान स्थाई शुल्क जो 300 से 400 रूपये तक होते थे वह 3 से 4 हजार रूपये तक पहुंच जाएंगे।

यह खूबिया है औद्योगिक क्षेत्र में
अशोक माहेश्वरी एवं क्रांति जैन ने बताा कि यह औद्योगिक क्षेत्र मोड़क-रामगंजमंडी स्टेट हाइवे-9 (ए) पर स्थित है तथा प्रस्तावित 8 लेन दिल्ली-मुम्बई एक्सप्रेस वे से तीन किलोमीटर दूर है जबकि राष्ट्रीय राजमार्ग — 52 से 7 कि.मी. की दूरी पर स्थित है। क्षेत्र से ड्राईपोर्ट मण्डाना लगभग 30 कि.मी. एवं कोटा से 65 कि.मी. और मोडक से 3 किमी दूर है।

गुंदी-फतेहपुर औद्योगिक क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। क्षेत्र में 11 कि.मी.सड़क का काम पूरा हो चुका है। पावर लाईन/हाई मास्ट लाईन एवं पानी की लाईन एवं बिजली की उपलब्धता हेतु 132 के.वी. जीएसएस का कार्य प्रगति पर है। औद्योगिक क्षेत्र में जलापूर्ति हेतू जल संसाधन विभाग द्वारा ताकली बांध से औद्योगिक प्रयोजनार्थ 18 लाख लीटर प्रतिदिन आपूर्ति हेतु पानी आरक्षित किया गया है। इस औद्योगिक क्षेत्र में आर.सी.सी.की नालियां व एप्रोच कलवर्ट का प्रावधान है।स्ट्रीट लाईट एवं एलईडी लाईट्स का भी प्रावधान है। इस क्षेत्र में 4000 पौधो का प्लांटेशन भी किया जाएगा।सॉलिड वेस्ट डिस्पोजल हेतु 9.91 हैक्टेयर जमीन आरक्षित व 700 लाख का प्रावधान प्रशासनिक स्वीकृति में लिया हुआ है।

इस औद्योगिक क्षेत्र में 364 भूखण्ड नियोजित है। भूखण्डों की साइज 500 से 10,000 स्क्वायर मीटर है। प्रथम चरण में 60 भूखण्डों का आवंटन ई-नीलामी प्रक्रिया से 27 जनवरी से शुरू हो चुका है। शेष भूखण्डों की नीलामी दूसरे चरण में की जाएगी। अमानत जमा करवाने की दिनांक 27 जनवरी से 16 फरवरी 2021 तक है तथा आॅनलाईन बोली लगाने की तिथि 17 फरवरी से 19 फरवरी 2021 तक है। औद्योगिक क्षेत्र में भूखण्डों की आवंटन दर 3100 रुपए प्रति वर्गमीटर थी, जिसे रीको ने घटाकर 1600 रुपए प्रति वर्गमीटर कर दिया है। पहले चरण में आवंटित किए जाने वाले 60 भूखण्डों में से 500 से 1000 स्क्वायर मीटर के 15, 1001 से 1500 स्क्वायर मीटर के 14, 1501 से 3000 स्क्वायर मीटर के 11, 3001 व.मी.से अधिक के 20 भूखण्ड हैं। प्रथम चरण के 89 भूखण्डो में से 9 भूखण्ड विभिन्न आरक्षित श्रेणियों के लिए आरक्षित है।

रीको का उपहार गुण्दी—फतेहपुर औद्योगिक क्षेत्र
गोविंद राम मित्तल,अचल पोद्दार एवं मुकेश गुप्ता ने बताया कि नवीन औद्योगिक क्षेत्र विकसित करना रीको का सराहनीय कार्य है,राजस्थान में उद्योगो की जो कमी हुई थी उसका प्रमुख कारण औद्योगिक क्षेत्र का अभाव था रीकों लि.द्वारा राजस्थान 16 विभिन्न औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए जा रहे है और कोटा के लिए खुशी की बात यह है कि इसका प्रारंभ कोटा से हुआ है। वर्तमान में 157.63 हैक्टेयर में यह औद्योगिक क्षेत्र विकसीत है,करीबन 250 हैक्टेयर जमीन और हासिल करने के प्रयास किए जा रहे है इसके यह एक बडा औद्योगिक क्षेत्र बन जाएगा और 4 लेन से जुडाव होने से सभी सुविधाएं उपलब्ध होगी। सबसे महत्वपूर्ण राजस्थान को बल्क ड्रक का पार्क मिला है,जिसकी पूरी संभावना इसी औद्योगिक क्षेत्र में विकसित होने की है यदि ऐसा होता है तो इस क्षेत्र को केन्द्र सरकार से 1000 करोड़ की सब्सिडी प्राप्त होगी। जिससे यहां अनेक विकास कार्य प्रगति पर होंगे और उद्यमियों को लाभ होगा।

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