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रेल में बच्चों के लिए बर्थ पाने के लिए नया नियम

सफर के दौरान यदि 5 से 12 साल की आयु के बच्चों के लिए ट्रेन में बर्थ नहीं चाहिए तो रिजर्वेशन फार्म में ‘ एनओएसबी’ लिखना होगा। इसी के आधार पर आधे किराए की छूट मिलेगी। लेकिन बर्थ चाहिए तो कुछ लिखने की आवश्यकता नहीं है। यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे ने रिजर्वेशन फार्म में एक नया कालम जोड़ रही है जिसमें यह जानकारी रहेगी।

फरवरी 2015 में रेलवे बोर्ड ने एक नया नियम लागू किया था। इसके तहत 5 से 12 साल की आयु के बच्चों के लिए बर्थ लेने पर पूरा किराया लेने का प्रावधान था। बर्थ नहीं लेने पर ही छूट मिलनी है। तीन साल से भारतीय रेलवे के लिए सभी आरक्षण केंद्रों में बर्थ लेने पर पूरा किराया लिया जाता है। हालांकि इसके लिए फार्म में अलग से कोई कालम नहीं था। इस स्थिति में रेल कर्मचारियों को संबंधित यात्री से पूछना पड़ता है।

मौखिक व्यवस्था होने के कारण कई बार यही वजह यात्री व रेल कर्मचारियों के बीच विवाद का कारण बन जाता था। कई बार ऐसा हुआ है कि यात्री से पूरा किराया ले लिया गया हो और बर्थ कंफर्म नहीं हो सका। फार्म में संपूर्ण जानकारियां होने पर इस तरह की परेशानी को दूर किया जा सकता था। लिहाजा रेलवे बोर्ड ने एक आदेश जारी किया है। इसके बाद जोन के पीसीसीएम के नाम आदेश जारी कर इस व्यवस्था को लागू करने के निर्देश दिए।



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