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सतत विकास के लिए इस संगठन का नवीन प्रस्तावित दृष्टिकोण

यूएन विमेन के साथ साझेदारी में जेंडर पार्क (Gender Park) अपने कालिकट कैंपस में 11-13 फरवरी 2021 तक लैंगिक समानता पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के दूसरे संस्करण (International Conference on Gender Equality – ICGE-II)) की मेजबानी करने को पूरी तरह से तैयार है। विश्व स्तर के प्रतिष्ठित विशेषज्ञ “सतत उद्यमिता एवं सामाजिक व्यवसाय में लिंगः सशक्तिकरण की मध्यस्थता की भूमिका (Gender in Sustainable Entrepreneurship and Social Business: The Mediating Role of Empowerment)” विषय पर अपने अनुभव एवं ज्ञान को साझा करेंगे।

केरल सरकार के तत्वाधान में जेंडर पार्क (Gender Park) 2030 तक, संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने को प्रतिबद्ध है। 2030 एजेंडा के अनुसार, जेंडर पार्क (Gender Park) इन लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए महिलाओं के सशक्तिकरण एवं उद्यमिता का पक्षधर रहा है। हाल ही में इसने लिंग–आधारित सभी गतिविधियों के लिए जेंडर पार्क (Gender Park ) को दक्षिण एशियाई केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए यूएन विमेन के साथ समझौता किया है।

कोविड– 19 के अभूतपूर्व संकट ने दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाओं को सतत विकास की तात्कालिकता पर पुनर्विचार करने पर विवश कर दिया है। सरकारें अर्थव्यवस्था को बचाए रखने के लिए आर्थिक प्रोत्साहन एवं राहत पैकेज दे रही हैं। बहुत अधिक बेरोजगारी और कम ब्याज दरों की वर्तमान स्थिति ने नवाचार एवं नए कारोबार के अवसर प्रदान किए हैं। सतत उद्यमिता एवं सामाजिक व्यवसाय पर ध्यान देने के साथ इन आपातकालीन संसाधनों पर कुशलता से किया जाने वाले खर्च न केवल अर्थव्यवस्थाओँ को कोविड– 19 के कारण हुए नुकसान की भरपाई करने में मदद करेगी बल्कि सतत विकास की दिशा में उनके प्रयासों में भी तेजी लाएगी।

कोरोनावायरस के प्रकोप ने न सिर्फ अर्थव्यवस्थाओं को बल्कि कई वर्षों से लैंगिक समानता के लिए किए जा रहे कार्यों को भी बुरी तरह प्रभावित किया। ज्यादातर लोगों के जीवन एवं काम पर इस संकट का नकारात्मक प्रभाव पड़ा लेकिन सबसे अधिक प्रभावित महिलाएं हुई हैं। महिलाओं की उद्यमशीलता एवं नेतृत्व क्षमता का लाभ उठाकर अर्थव्यवस्थाएं कोविड संकट से तेजी से उबर सकती हैं। इसलिए, समय की मांग है कि सामाजिक उद्यमिता के माध्यम से महिलाओं को सक्षम बनाया जाए। ऐसा कर के, अर्थव्यवस्थाएं न सिर्फ स्थायी समाजिक परिवर्तन ला पाएंगी बल्कि अधिक समकक्ष विश्व बनाने का प्रयास भी कर पाएंगी।

आईसीजीई (ICGE) के दूसरे संस्करण में इन्हीं मुद्दों पर विमर्श किया जाएगा। सतत विकास में महिलाओं के सशक्तिकरण की भूमिका पर वैश्विक संवाद को गंभीर बनाने के उद्देश्य से जेंडर पार्क ( Gender Park) ने अलग– अलग पृष्ठभूमि वाले वक्ताओं को सामाजिक व्यवसाय में महिलाओं की भागीदारी से जुड़े मुद्दों पर विचार–विमर्श करने के लिए आमंत्रित किया है। मुख्य भाषण जानी–मानी विकास अर्थशास्त्री एवं जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, नई दिल्ली के सेंटर फॉर इकोनॉमिक स्टडीज़ एंड प्लानिंग की अध्यक्ष डॉ. जयती घोष देंगी। कुछ अन्य प्रतिष्ठित वक्ताओं में हैं– सुश्री ऐश्वर्या रुतुपर्णा प्रधान, भारत की पहली ट्रांसजेंडर सिविल सेवक, यह ओडिशा वित्तीय सेवा (ओएफएस) में बतौर वाणिज्य कर अधिकारी काम कर रही हैं; डॉ. मीरा वेलुधन, इंडियन एसोसिएशन फॉर विमेन्स स्टडीज़ (आईएडब्ल्यूएस) की पॉलिसी एनालिस्ट और रीजनल कोऑर्डिनेटर; श्री जीन ड्रेज़, बेल्जियम में जन्मे भारतीय अर्थशास्त्री, सामाजिक वैज्ञानिक एवं कार्यकर्ता; सुश्री कल्कि सुब्रमण्यम, ट्रांसजेंडर अधिकार कार्यकर्ता, कलाकार, अभिनेत्री, लेखक, प्रेरक वक्ता एवं उद्यमी।

जेंडर पार्क (Gender Park), इस सम्मेलन के माध्यम से लिंग एवं सतत विकास से जुड़े मुद्दों पर व्यावहारिक समाधान खोजने के लिए विश्व भर के प्रतिनिधियों के विचारों एवं अंतरदृष्टि को एक साथ एक मंच पर लाना चाहता है।

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