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भारत में हृदय संबंधी रोग की बढ़ती समस्या पर मेदांता द्वारा संगोष्ठी का आयोजन

गुरूग्राम। भारत और विदेशों में 1100 से अधिक चिकित्सकों, हृदय रोग विशेषज्ञों, साथियों, कार्डिएक सर्जन, शोधकर्ताओं और कार्डियक पोषण विशेषज्ञों के दो दिवसीय अद्वितीय संगम, की शुरूआत आज लीला एंबियंस होटल और रेजिडेंस, गुरूग्राम में हुई। मेदांता द्वारा आयोजित “इको एन कार्डियोलॉजी आज और कल“ का छठा (6जी) संस्करण, मेडिसिटी हॉस्पिटल भारत में हृदय संबंधी रोग की बढ़ती संख्या की एक झलक पेश करेगी। कार्डियोलॉजी इन इंडियाः एट द क्रॉसरोड विषय पर आधारित इस संगोष्ठी का उद्घाटन डॉ नरेश त्रेहन, पैट्रन, आयोजन समिति, डॉ. आर.आर. कासलीवाल कोर्स चेयरमैन और डॉ. मनीष बंसल, साइन्टीफिक कॉर्डीनेटर ने किया।

भारतीय समाज एवं जीवनशैली में व्यापक बदलाव हो रहे हैं। सांस्कृतिक मूल्यों भी बदल रहे हैं जिसके चलते गैर-संक्रमणीय बिमारियों में खासी बढ़ोतरी हुई है और हृदय रोग मृत्यु के प्रमुख कारक के रूप में उभर रहा है। दो दिवसीय इ समंच के माध्यम से डॉक्टरों का उद्देश्य देशभर में विभिन्न आयुवर्ग में लगातार बढ़ते हृदय रोगों के खिलाफ इस रोग के कारकों और रोकथाम से जुडे तथ्यों को उजाकर करना है।

‘‘मेदांता इको एन कार्डियोलॉजी आज और कल’’ की शुरूआत 2012 में हुई थी। जिसका उद्देश्य भविष्य के कला-कौशल से जुड़ी जानकारियों को कार्डीयाक साइंस एवं कार्डीयोलॉजी क्षेत्र में काम कर रही प्रतिभाओं तक व्यापक सिद्धांत के साथ पहुंचाना था। यह पहल ‘बेस्ट ऑफ कार्डीयोलॉजी’ श्रृंखला के समन्वय के साथ एक दशक पूर्व शुरू की गयी थी।

मौके पर मेदांता – द मेडिसिटी के चेयरमैन व प्रबंध निदेशक डॉ. नरेश त्रेहन ने कहा कि ‘अपनी तरह की इस दो दिवसीय मीट का उद्देश्य देश में लगातार बढ़ती स्वास्थ्य सम्बंधी समस्याओं पर चर्चा करना ही नहीं वरन् इन समस्याओं के समाधान प्रदान करना भी है। इस मंच पर हमारे पास विविध स्तर के डॉक्टर्स मौजूद हैं जो चुनौतियों पर चर्चा करते हुए वैश्विक मुद्दों को सामने तो लायेंगे ही, इसके अतिरिक्त इनका भारतीय परिप्रेक्ष्य क्या रहेगा पर भी प्रकाश डालेंगे। हर वर्ष हमारी कोशिश रहती है कि स्वास्थ्य मुद्दों से जुड़े विषयों के साथ हम इसका आयोजन करें जिससे कि सभी को समस्याओं व समाधान के विषय में जागरूक करते हुए उनका मार्गदर्शन भी किया जा सके।’

वहीं मेदांता – द मेडीसिटी के क्लीनिकल व प्रिवेंटिव कार्डीयोलॉजी के अध्यक्ष डॉ. आर.आर. कासलीवाल ने कहा “हमारे देश में हृदय रोग के लिए तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है क्योंकि यह रोग मौत के प्रमुख कारणों में से एक है। ऐसे में इस बिमारी का निदान तभी सम्भव है जब शुरूआती दौर से ही इससे जुड़े तथ्यों व पहलुओं की जागरूकता फैलायी जाये। ऐसे मंच के माध्यम से हमें उम्मीद है कि संयुक्त रूप से हम विचार व समाधान के साथ आगे आयें जिससे आम आदमी सहित हृदय रोगों से लड़ रहे व्यक्तियों के लिए भी हितकारी रहे।”

अधिक जानकारी हेतु सम्पर्क करें;
शैलेश नेवटिया – 9716549754, श्रेया खतरी – 9654507654, अजय कश्यप – 9899491491



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