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हिंदी और बांग्ला में उपलब्ध होंगी ऑक्सफोर्ड की पुस्तकें

हिंदी समेत भारतीय भाषाओं के बढ़ते महत्व के मद्देनजर ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस (ओयूपी) अगले साल जनवरी में भारतीय भाषा प्रकाशन कार्यक्रम की शुरुआत कर रहा है, जिसके तहत शुरुआत में हिंदी एवं बांग्ला भाषाओं में पुस्तकों का प्रकाशन किया जाएगा और भविष्य में अन्य भारतीय भाषाओं को भी इसमें जोड़ा जाएगा। इस कार्यक्रम के तहत हिंदी एवं बांग्ला में नई किताबों के प्रकाशन के साथ ही ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस अपनी पूर्व प्रकाशित पुस्तकों का अनुवाद भी प्रिंट और डिजिटल संस्करण में पाठकों को उपलब्ध कराएगा।

पहले साल में इस कार्यक्रम के तहत पाठकों को रोमिला थापर, आरएस शर्मा, सुमित गांगुली, मुशीरुल हसन, आंद्रे बेते, ऑस्टिन ग्रैनविल, आशुतोष वार्ष्णेय, माधव गाडगिल, रामचंद्र गुहा और आशीष नंदी जैसे प्रतिष्ठित विद्वानों की किताबों के अनुवादित संस्करण उपलब्ध कराए जाएंगे। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस के निदेशक डॉ. सुगाता घोष के अनुसार, भारतीय आबादी का बड़ा हिस्सा अपनी स्थानीय भाषाओं में पढ़ने लिखने का अभ्यस्त है। ये पाठक भाषाई सीमाओं की वजह से अन्य भाषाओं में प्रकाशित रचनाओं को पढ़ नहीं पाते। इसीलिए हमने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस द्वारा प्रकाशित उत्कृष्ट किताबों को स्थानीय भाषाओं में उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है।

ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस अपने भारतीय भाषा कार्यक्रम के तहत आने वाली किताबों को आगामी विश्व पुस्तक मेला नई दिल्ली और कोलकाता पुस्तक मेला में पाठकों को उपलब्ध कराएगा। आने वाले कुछ महीनों में लखनऊ, इलाहाबाद, रांची, देहरादून, जयपुर, भोपाल, कोलकाता और गुवाहाटी जैसे शहरों में पाठकों के लिए कार्यक्रम कराए जाएंगे जहां पाठक को कुछ लेखकों से रूबरू होने का मौका पाएंगे।

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