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पैडी ट्रांसप्लांटर मशीन से धान की रोपाई हुई आसान

भोपाल । खेती में उन्नत तकनीक और आधुनिक कृषि यंत्रों का इस्तेमाल कर कम लागत में अधिक मुनाफा कमाने की बात को समझते हुए किसान अब कृषि कार्य में मशीनों का उपयोग करने लगे हैं। ऐसी ही एक प्रगतिशील किसान हैं जबलपुर जिले के पाटन विकासखंड के ग्राम दिधौरा की सरला देवी पल्हा। जो खेत में धान की रोपाई के लिए पैडी ट्रांसप्लांटर मशीन का उपयोग कर रही हैं। हाथ से रोपा लगाने की तुलना में इस मशीन से कम समय में खेत में धान की रोपाई हो जाती है। मजदूरी की भी बचत हो रही है। धान की खेती की लागत कम और उत्पादन अधिक होता है।

धान की रोपाई कर रहे सरला देवी पल्हा के पुत्र आनंद मोहन पल्हा ने बताया कि पैडी ट्रांसप्लांटर मशीन से धान रोपाई की लागत करीब एक हजार रुपए प्रति एकड़ आती है। साथ ही मजदूरों से एक एकड़ धान की रोपाई करवाने पर करीब 4 हजार रुपए की लागत आती थी और 15 से 20 मजदूरों की एक टोली दिन भर में मात्र एक एकड़ खेत की ही रोपाई कर पाते थे। इस प्रकार मशीन से धान की रोपाई से करीब तीन हजार रुपए प्रति एकड़ की बचत हो रही है।

पैडी ट्रांसप्लांटर मशीन को सरला देवी के पौत्र कुशाग्र पल्हा चला रहे थे, जो शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज जबलपुर के पांचवें सेमेस्टर के आईटी संकाय के छात्र हैं। कुशाग्र ने खुशी से चहकते हुए बताया कि कालेज बंद है तो खेती-किसानी में परिवार का हाथ बंटा रहा हूं। इस मशीन से एक साथ छह लाईनों में धान की रोपाई हो जाती है। मशीन द्वारा एक दिन में 8 से 10 एकड़ के खेत में आसानी से रोपाई हो जाती है। कृषक आनंद मोहन पल्हा ने बताया कि हाथ से धान का रोपा लगाने के लिए मजदूरों को समस्या का भी सामना करना पड़ता था। लेकिन पैडी ट्रांसप्लांटर मशीन से अब यह समस्या दूर हो गई है।

यान मार्क जापानी कंपनी की यह मशीन राईड ऑन टॉप फोर व्हील टाईप है। इसे केवल एक व्यक्ति ही चलाता है। इसमें 21 एचपी का इंजन है, जिसके कारण यह मशीन काली मिट्टी में भी आसानी से रोपाई कर पाती है एवं कीचड़ में भी नहीं फंसती है। डीजल की खपत करीब तीन लीटर प्रति घंटे है। इस मशीन से कतार से कतार की दूरी 11 इंच तथा पौधे से पौधे की दूरी 6, 8, 10 एवं 12 इंच रखी जा सकती है। इसी प्रकार रोपा के दौरान पौधों की संख्या भी अपनी इच्छा के अनुसार रखी जा सकती है। सहायक संचालक कृषि इंदिरा त्रिपाठी ने बताया कि पैडी ट्रांसप्लांटर मशीन की कीमत 14 लाख 40 हजार है, जिस पर कृषि अभियांत्रिकी विभाग द्वारा सरला देवी पल्हा को पांच लाख रुपए का शासकीय अनुदान प्रदान किया गया है। मशीन से धान की रोपाई से जहां पल्हा परिवार प्रसन्न है वहीं आसपास के किसानों में भी इस मशीन के प्रति उत्सुकता है।

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