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पीडीपी नेता बेग का दावा- नेहरू की मर्जी से हुआ था कश्मीर के हिस्से पर पाक का कब्जा

जम्मू। जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटने के बाद अब एक बार फिर से पीडीपी में खींचतान शुरू हो गई है। पार्टी के संस्थापक सदस्यों में से एक और पार्टी के संरक्षक मुजफ्फर हुसैन बेग ने महबूबा मुफ्ती पर तीखा हमला बोला है साथ ही पूर्व प्रधानमंत्री पंडित नेहरू को लेकर भी बड़ा दावा किया है। गुरुवार को पीडीपी एक बार फिर बड़ी टूट के कगार पर पहुंच गई है। राज्य में 15 दिशों से आए राजनयिकों और राज्यपाल जीसी मुर्मू से मिलने के बाद पार्टी ने अपने आठ पूर्व विधायकों को बाहर का रास्ता दिखा दिया है। वहीं इस सारे घटनाक्रम के बाद पार्टी के संरक्षक और पूर्व सांसद मुजफ्फर हुसैन बेग ने सीधा महबूबा को ही निशाने पर ले लिया है।

बेग अपने तीखे हमले में कहा है कि महबूबा के भड़काऊ बयानों की वजह से राज्य का विशेष दर्जा चला गया। इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि जम्मू-कश्मीर के एक हिस्से पर पाकिस्तान का कब्जा देश के पूर्व प्रधानमंत्री पं. जवाहर लाल नेहरू की मर्जी से हुआ था। बेग ने यहां खुलकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और डोभाल की तारीफ भी की।

पार्टी में हुई इस बगावत पर कार्रवाई करते हुए पीडीपी ने वैसे तो अपने 9 पूर्व विधायकों को विदा कर दिया है लेकिन बेग पर अब तक चुप्पी साधी हुई है। बता दें कि बेग पार्टी के संस्थापक सदस्यों में से हैं और इससे पहले भी पार्टी में अपनी अनदेखी को लेकर नाराजगी जता चुके हैं। हालांकि बाद में महबूबा ने उन्हें मना लिया था और पार्टी का संरक्षक बना दिया था।

ताजा हालातों में बेग द्वारा प्रधानमंत्री और गृहमंत्री की तारीफ करना राज्य में नए राजनीतिक तूफान का संकेत है। विश्लेषकों का तो यहां तक कहना है कि पार्टी का एक बड़ा तबका महबूबा को पीछे छोड़ विकास की राह पर आगे बढ़ने को तैयार है। पत्रकार वार्ता में बेग ने भी साफ किया कि अब आगे बढ़ने का समय है और अब हमें पूर्ण राज्य का दर्जा और बंदियों की रिहाई का मुद्दा उठाना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने पहाड़ी राज्यों की तर्ज पर नौकरी और संपत्ति का हक सुरक्षित रखने का सरकार आश्वासन दे चुकी है।

बेग ने कहा कि हमें एक बात ध्यान में रखनी होगी कि हमें जो मिलेगा केंद्र सरकार से ही मिलेगा। हमें यह सब प्राप्त करने के लिए दबाव या टकराव का रास्ता नहीं अपनाना है। हालांकि, बेग ने तीसरे मोर्चा गठन की अटकलों को खारिज कर दिया और कहा कि कश्मीर में जब पहला, दूसरा मोर्चा नहीं है तो तीसरा कहां होगा।

मुजफ्फर हुसैन बेग ने जम्मू-कश्मीर की मौजूदा संवैधानिक और राजनीतिक व्यवस्था के लिए महबूबा मुफ्ती और अलगाववादी खेमे को लताड़ा। उन्होंने कहा कि अगर यह लोग भड़काऊ बयानबाजी न करते तो आज राज्य का विशेष दर्जा बरकरार रहता। बेग ने महबूबा द्वारा अनुच्छेद 370 की समाप्ति पर जम्मू-कश्मीर में तिरंगा थामने वाले किसी कंधे के न रहने संबंधी बयान पर कहा कि यह अत्यंत भड़काऊ बयान था।

बेग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल की सराहना करते हुए कहा कि यह तीनों ही ईमानदार हैं। तीनों ही काबिल हैं। मोदी ने दुनियाभर में भारत की साख को मजबूत किया है।

बेग ने हुर्रियत का नाम लिए बगैर कहा कि वर्ष 2016 में जब केंद्र से एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल कश्मीर आया तो कई नेताओं ने उसके लिए अपने घरों के दरवाजे नहीं खोले। इससे भाजपा को लगा कि अनुच्छेद 370 को खत्म करना जरूरी है। साथ ही उन्होंने कहा कि पाक और चीन से हमें कोई मदद नहीं करनी चाहिए। बेग ने कहा कि कश्मीर में हालात शांत और सामान्य हैं। जिस तरह का केंद्र ने सुरक्षा का बंदोबस्त किया, उसके कारण एक भी गोली नहीं चली।

बेग ने कहा कि पूर्वोत्तर के राज्यों और हिमाचल प्रदेश समेत देश के कई राज्यों में स्थानीय लोगों के हितों को सुरक्षित बनाने के लिए अनुच्छेद 371 के तहत डोमिसाइल का प्रावधान है। अनुच्छेद 35ए हमारे डोमिसाइल अधिकारों को सुनिश्चित बनाता था। महाराजा हरि सिह ने यह कानून डोगरों, कश्मीरियों के हितों के लिए ही बनाया था। हम यही चाहते हैं कि जम्मू प्रांत के डोगरों, गुज्जर, पहाड़ियों और कश्मीरियों के हितों को भी संरक्षित किया जाए।

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