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पेन-ड्राइव से होगा पर्यावरण का सरंक्षण: लक्ष्मी मेनन

भोपालः पर्यावरण सरंक्षण की दृष्टि से केरल के बाद अब मध्यप्रदेश में भी एक अनूठा अभियान पेन-ड्राइव अभियान का शुरुआत किया जा रहा है; इस अभियान के माध्यम से यूज एन थ्रो वाले पेनों से उत्पन्न वेस्ट के साथ-साथ पर्यावरण में फैल रहे खतरनाक प्रदूषण से भी निजात मिलेगा; यह बात सोमवार को नेहरु नगर स्थित मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद में आयोजित प्रेस कन्फ्रेंस में करेल में इस अभियान को शुरुआत करने वाली सुश्री लक्ष्मी मेनन ने कहीः उन्होंने कहा कि इस अभियान को विज्ञान भारती के सहयोग से आगे बढाया जा रहा हैः इस अभियान के माध्यम से हर स्कूल और काॅलेजों के साथ-साथ आदि जगहों पर एक-एक बक्स रखा जाएगा; जिसमें स्टूडेंट्स के साथ-साथ कोई भी व्यक्ति इस बक्स में खराब हुए पेन रख सकते हैंः उन्होंने कहा कि इस अभियान से पाॅलीथिन से उत्पन्न हो रहे प्रदूषण पर भी रोक लगेगी और जो पेन रीसाइकल भी किया जा सकता है उसे रीसाइकल भी किया जाएगा।

इस अवसर पर मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के महानिदेशक श्री सीके पाटिल ने कहा कि पेन -ड्राइव अभियान के माध्यम से लोगों को जागरुक करने के साथ-साथ पर्यावरण में फैल रहे प्रदूषण पर भी नियंत्रण पा सकते हैंः वहीं विज्ञान भारती के राष्ट्रीय सचिव श्री प्रवीण रामदास ने कहा कि वर्तमान में पाॅलीथिन का उपयोग बहुत हो रहा है और लोगों को मालूम ही नहीं है कि पाॅलीथिन से कितना प्रदूषण फैलता हैः इसलिए इस अभियान के माध्यम से लोगों को जागरुक करने साथ-साथ हम पर्यावरण को भी बचा सकते हैंः

पत्रकार वर्ता के बाद मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद परिसर में सैकडों छात्रों के बीच पेन-ड्राइव का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर पेन-ड्राइव अभियान को शुरु करने वालीं सुश्री लक्ष्मी मेनन, मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के महानिदेशक श्री सीके पाटिल, विज्ञान भारती के राष्ट्रीय सचिव श्री प्रवीण रामदास उपस्थित थे; इस अवसर पर कई काॅलेजों के छात्र भी उपस्थित थे।



1 टिप्पणी
 

  • pandurangbansod@gmail.com'
    पांडुरंग बनसोड गुरव

    अप्रैल 2, 2017 - 1:30 pm

    कर्ज माप नाही पाहीजे पण सुविद्या पाहीजेत पण योजना मागेल त्याला विहीर देऊ म्हणतात पण दोन वर्षा पासुन विहीर अनुदान मिळाली नाही म्हणुन वाटे भाजप सरकार खोट्या योजनेची बातमी जाहीरात दाखविते अस वाटे ग्रामीन खेडे गावात गरीब मराठी शेतकरी या सरकारची कोणती सुविद्या त्याच्या लोक पोहचत नाही याला कारणे भुत ग्रामसेवक आहे

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