ताजा सामाचार

आप यहाँ है :

‘आदिनाथ से अनादिनाथ की ओर’ आयोजन में देश भर से लोग पहुंचेंगे पालीताणा

विराट नव्वाणू आराधना और उपधान तप की भव्य तैयारियां, आचार्य यशोवर्म एवं प्रदीपचंद्र सूरीश्वर महाराज की निश्रा

मुंबई। जैन धर्म के विश्व प्रसिद्ध तीर्थ पालीताणा में होने वाले विराट धार्मिक आयोजन ‘आदिनाथ से अनादिनाथ की ओर’ में देश भर से लोग हिस्सा लेंगे। इस विराट नव्वाणू यात्रा आराधना व उपधान तप की सारी तैयारियां पूरी हो गई है। इस विराट नव्वाणू यात्रा आराधना में देशभर के विभिन्न राज्यों सहित मुंबई से भी बड़ी संख्या में जैन धर्मानुरागी पालीताणा पहुंचेंगे।

विख्यात जैन आचार्य यशोवर्म सुरीश्वर महाराज एवं आचार्य विजय प्रदीप चंद्र सुरीश्वर महाराज की मार्गदर्शन में होने वाली इस विराट नव्वाणू यात्रा आराधना का प्रवेश 14 दिसंबर को होगा एवं धार्मिक आराधना व तपस्या की शुरुआत 15 दिसंबर से होगी। इसके साथ ही 19 दिसंबर से उपधान तप की शुरुआत भी होगी, जिसकी मोक्षमाला 7 फरवरी को देवभूमि पालीताणा में आयोजित होगी। प्रसिद्ध कंपनी नियोन लेबोरेटरीज के संचालक परिवार सुमेरपुर निवासी शांताबाई केसरीमलजी जैन द्वारा आयोजित इस विराट धार्मिक आयोजन में भारत भर से बहुत बड़ी संख्या में श्रद्धालु नव्वाणू यात्रा आराधना व उपधान तप में सहभागी होकर धर्म की आराधना करेंगे। सिद्धगिरिराज की पावन गोद में स्थित सिद्धवड के प्रांगण से शुरू होने वाली इस विराट नव्वाणू यात्रा आराधना को ‘आदिनाथ से अनादिनाथ की ओर’ नाम दिया गया है।

पवित्र तीर्थ पालीताणा के आदापुर स्थित सिद्धवड घेटीपाग में आत्म लब्धि आनंद नगर में आयोजित होने वाले इस विराट धार्मिक आयोजन को लेकर जैन धर्मावलंबियों में काफ़ी उत्साह है। इसके लिए atmalabdhi. org पर भी रजिस्ट्रेशन किया जा सकता है। इस विराट धार्मिक अनुष्ठान की सारी तैयारीयां पूरी हो गई है एवं कुछ विशेष महत्वपूर्ण कार्यों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। विख्यात जैन आचार्य यशोवर्म सुरीश्वर महाराज एवं आचार्य विजय प्रदीप चंद्र सुरीश्वर महाराज का देश भर में बहुत प्रभाव है। उनके अनयुयाईयों की भी इस आयोजन में बड़ी सहभागिता रहेगी। इस विराट धार्मिक आयोजन में मुंबई, पुणे, गुजरात, राजस्थान एवं दक्षिण भारत से ज्यादा अनुयायी भाग लेने पहुंच रहे हैं।

image_pdfimage_print


Leave a Reply
 

Your email address will not be published. Required fields are marked (*)

You may use these HTML tags and attributes: <a href="" title=""> <abbr title=""> <acronym title=""> <b> <blockquote cite=""> <cite> <code> <del datetime=""> <em> <i> <q cite=""> <s> <strike> <strong>

सम्बंधित लेख
 

Back to Top