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मुंबई में 4-4 पीढ़ियों से रहने वाले लोग दूसरे राज्य के नहीं हो सकते- मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस

मुंबई। घाटकोपर में शिक्षण महर्षि आई डी सिंह चौक का उद्‌घाटन करते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि उत्तर भारतीयों ने मुंबई का गौरव बढ़ाया है। उत्तर भारत की गंगा-जमुना तहबीज मुंबई में पूरी तरह से घुल-मिल गई है। यहां अलग-अलग राज्यों से आने वाले लोग अलग-अलग बोलियां बोलते हैं। मुंबई में चार-चार पीढ़ियों से रहने वाले लोग मराठी हैं, चाहे वे कोई भी भाषा बोलते हों। हम लोग एक दूसरे से नाता रखने वाले लोग हैं। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि मुंबई विश्वविद्यालय परिसर में डॉ. राममनोहर त्रिपाठी हिंदी भाषा भवन बनेगा और उनके नाम पर बीकेसी की सड़क भी बनेगी।


घाटकोपर पश्चिम स्थित हिंदी हाई स्कूल परिसर में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आई डी सिंह आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली द्वारा लिखी पुस्तक ‘कर्मयोगी’ का विमोचन भी किया। मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि आई डी सिंह को राष्ट्रपति पुरस्कार के अलावा कई सारे पुरस्कार मिले हैं। मुंबई में शिक्षा जगत में उन्होंने बहुत ही सराहनीय काम किया है। उन्होंने स्वर्गीय डॉ. राम मनोहर त्रिपाठी का भी जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने एक राजनेता के रूप में नहीं, बल्कि एक समाज सेवक के रूप में काम किया। उनके नाम की सड़क बनाने का प्रस्ताव सरकार के पास विचाराधीन है।

पूर्व मंत्री व चांदिवली के विधायक नसीम खान ने कहा कि पिछली सरकार ने मुंबई विश्वविद्यालय परिसर में डॉ. राममनोहर त्रिपाठी हिंदी भाषा भवन का भूमिपूजन किया था, उसे अब मुख्यमंत्री पूरा करें, ताकि इस मुंबई शहर में एक हिंदी भाषा भवन बनाया जा सके। खान की मांग को पूरा करने का आश्वासन देते हुए मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि मुंबई विश्वविद्यालय परिसर में हिंदी भाषा बनेगा। इस मौके पर हिंदी भाषा प्रचार समिति के सचिव डॉ. राजेंद्र सिंह, बेनीप्रसाद सिंघी, गृह निर्माण मंत्री प्रकाश मेहता, महिला बाल कल्याण राज्य मंत्री विद्या ठाकुर, विधायक राम कदम, पूर्व मंत्री कृपाशंकर सिंह, पूर्व विधायक राजहंस सिंह, भाजपा नेता अमरजीत मिश्र, आर यू सिंह, नगरसेवक बिंदू त्रिवेदी, पराग शाह, पूर्व नगरसेवक हारून खान, वरिष्ठ पत्रकार आनंद राज्यवर्धन, बृजमोहन पांडेय, अनुराग त्रिपाठी, पूर्व मुंबई पुलिस आयुक्त एम एन सिंह, आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली, विनायक कामत, भालचंद्र शिरसाट, शारदाप्रसाद सिंह, लालता प्रसाद सिंह, एड विजय सिंह, अरशद अमीर, डॉ शैलेंद्र सिंह, डॉ उषा मुकुंदन, एल बी सिंह, प्रो दयानंद तिवारी, दिनेश ठक्कर, भावेश भानुशाली, डॉ राजपाल हांडे, डॉ बी बी शर्मा, डॉ उमा, ज्ञानप्रकाश सिंह, रमेश मोरबिया, जे पी सिंह, विनोद मिश्रा, संजय पांडेय, बी एन सिंह, डॉ आर आर सिंह, लालजी सिंह, आर पी सिंह आदि मान्यवर उपस्थित थे।



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