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फोटोग्राफर विक्रम सिंह बावा लाएंगे प्रेरक कहानियाँ

मुंबई। अपने जीवन को महत्त्व देने’ के उद्देश्य से चलाया गया जागरूकता अभियान ‘ज़िंदा रहें’ 12 जुलाई, 2017 को अपने दूसरे चरण में प्रवेश कर गया। इस द्वितीय चरण में सेलिब्रिटी फैशन फोटोग्राफर विक्रम सिंह बावा मुंबई के लिए प्रेरणादायक रहे अभियान ‘ज़िंदा रहें’ के लिए मुंबईकरों की ज़िंदगी से जुड़ी कहानियों को शूट कर चित्रित करेंगे। ‘ज़िंदा रहें’ सामाजिक जागरूकता अभियान पश्चिम रेलवे के सहयोग से आइडियाहाइव मीडिया प्राइवेट लिमिटेड की एक पहल है। इस अभियान के दूसरे चरण में हमारे देश में रह रहे लोगों की प्रेरणादायक कहानियों को आम जनता के सामने लाया जायेगा, जो मुंबई की ज़िंदादिली को प्रदर्शित करेगी। इसमें ऐसे लोगों की कहानियों को शामिल किया जायेगा, जो अपने जीवन में आई सभी प्रकार की कठिनाइयों एवं चुनौतियों का सामना कर समाज में एक विजेता के रूप में उभरे हैं। ऐसा हमारा विश्वास है कि इस शहर के कोने-कोने में आपसी सद्भाव को बनाये रखने तथा चुनौतियों से लड़कर, गिरकर, फिर से खड़े हाने का जज़्बा है और इससे जुड़े हुए व्यक्तित्व ‘सपनों के शहर’ के इस सुन्दर ताने-बाने को आपस में जोड़े हुए है। यह अभियान ऐसे ही विजेताओं की कहानियों को समाज में उजागर करने का एक सकारात्मक प्रयास है। चुनिंदा कहानियों को प्रसिद्ध फैशन फोटोग्राफर विक्रम सिंह बावा द्वारा शॉर्टलिस्ट किया जायेगा तथा उनके द्वारा संकलित ‘ज़िदा रहें’ पुस्तक में प्रकाशित किया जायेगा।

फरवरी, 2017 में ‘ज़िदा रहें’ अभियान की शुरुआत की गई थी। इस अभियान का पहला चरण सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया गया है। इस अभियान के अंतर्गत शहरवासियों के लिए ‘एक ही स्थिति में बने रहने की चुनौती’ आयोजित की गई थी, जिसमें मुंबईकरों को ‘एक मिनट ब्रेक तो बनता है’ के मूल संदेश से अभिप्रेरित, शहर की भागदौड़ भरी ज़िंदगी में एक मिनट का ठहराव देने का चैलेंज दिया गया था। प्रतिभागियों को उस एक मिनट में यह सोचने के लिए अभिप्रेरित किया गया कि वे अपने व्यस्तता से भरे जीवन में एक मिनट रुकें और अपने जीवन का मोल समझें। कई लोग विभिन्न अवधारणाओं के साथ आगे आये तथा उन्होंने इस ‘डिमांडिंग सिटी’ में अपने व्यक्तित्व के खो जाने जैसी बात कही। तीसरे चरण में लघु कथाओं को लघु फिल्मों के रूप में तैयार किया जायेग, जिसे कुछ समय बाद प्रदर्शित किया जायेगा। इस चरण में गर्व, जीने की आशा, वीरता, प्रतिरोध, खुशी, कुछ बड़ा करने, बदलाव लाने, जीवन बदलने, ज़िंदगी बचाने… और कभी न खत्म होने वाली ऐसी ही अनगिनत भावना को दर्शाती कहानियों को शामिल किया जायेगा। ‘ज़िंदा रहें’ टीम ने प्राथमिक कहानियों के लिए इस शहर से जुड़ी कहानियों का चुनाव पहले ही कर लिया है, जिनमें से भारतीय वायुसेना के एक बहादुर पायलट, एक दिव्यांग खिलाड़ी इत्यादि के दिल को छू जाने वाली कहानियाँ शामिल हैं, जिनमें उन्होंने अपनी अक्षमताओं/असक्षमतओं के बावजूद अपने लिए तथा राष्ट्र के लिए नाम कमाया है।

‘अपने जीवन के मोल को समझें’ उद्देश्य से चलाई गई ‘ज़िंदा रहें’ अभियान के पहले चरण को काफी अच्छा प्रतिसाद प्राप्त होने से हम काफी उत्साहित हैं। 12 जुलाई, 2017 से हमने दूसरे चरण की शुरुआत की है तथा मुझे विश्वास है कि हम अभियान को अगले चरण तक ले जाने में सफल होंगे तथा प्रेरणादायक रहे मुंबईकरों पर रचित होने वाली पुस्तक के प्रति मुंबई के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कार्य करेंगे। इस अवसर पर ‘ज़िंदा रहें’ अभियान के संस्थापक तथा आइडियाहाइव मीडिया के प्रबंध निदेशक श्री दिलीप मूरकोथ ने बताया कि ‘ज़िंदा रहें’ अभियान के दूसरे चरण की घोषणा करते समय तथा इस चरण में विक्रम सिंह बावा के साथ जुड़ने से हमें काफी खुशी है। इस शहर में रहते हुए कोई भी इसकी ऊर्जा से वंचित नहीं रह सकता तथा हमने सोचा है कि इस शहर के लोगों के साथ जुड़ने तथा मिलकर इन ऊर्जाओं को साथ लाने तथा उन्हें प्रेरणादायक पुस्तक ‘

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