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जेलों के लिए बने पॉडकास्ट तिनका तिनका जेल रेडियो ने पूरे किए अपने 25 अंक

· यह दुनियाभर की जेलों को आपस में जोडने की एक कोशिश

· इसकी संकल्पना तिनका तिनका फाउंडेशन की संस्थापक और जेल सुधारक वर्तिका नन्दा ने की है

· हर पॉडकास्ट देश की जेलों को भेजा जाता है

· आज़ादी की 75वीं वर्षगांठ पर देश की जेलों के लिए बनाए गए इस इकलौते पॉडकास्ट ने अपने 25 अंक पूरे किए हैं।

हरियाणा की 7 जेलों में रेडियो लाने वाली संस्शा तिनका तिनका फाउंडेशन ने 15 अगस्त को जेलों के विशेष पॉडकास्ट के 25 अंक पूरे कर लिए। हर अंक में देश की किसी एक जेल पर विशेष प्रस्तुति की गई। यह पॉडकास्ट देश की जेलों पर इकलौता पॉडकास्ट है। जेल सुधारक और तिनका तिनका की संस्थापक वर्तिका नन्दा ने इस पॉडकास्ट की संकल्पना की है।

2020 में शुरू हुआ था तिनका तिनका जेल रेडियो पॉडकास्ट

2020 में तिनका तिनका जेल रेडियो के इस पॉडकास्ट को श्री ज्ञानेश्वर मुले (पूर्व आईएफएस) और मानवाधिकार आयोग के सदस्य ने रिलीज किया था। इसका मकसद जेलों को आपस में जोड़ना, उनकी सृजनात्मकता को सामने लाना और मानवाधिकार के मुद्दों पर लोगों को जागरुक करना है।

क्या करता है पॉडकास्ट

केंद्रीय जेल, भोपाल, मॉडल जेल, चंडीगढ़ और केंद्रीय जेल, जयपुर- इन सब में एक सूत्र आपस में खूब मेल खाता है। इन सभी जेलों ने कोरोना के दौरान बाहर की दुनिया की मदद करने की ठानी और लोगों के लिए बड़ी तादाद में मास्क, सेनीटाइजर और पीपीई किट बनाए। इन जेलों के बंदियों के कामों पर किसी का खास ध्यान नहीं गया लेकिन इनका काम खास जरूर था। जेलों में मुलाकातें बंद होने और अवसाद के बढ़ने के बावजूद वे बाहरी समाज की मदद की जिम्मेदारी को निभाते रहे। ऐसी बहुत-सी सच्ची कहानियों, बंदियों की कर्मशीलता और सकारात्मक व्यवहार को सामने लाने के लिए तिनका तिनका ने यह अनूठी पहल की। यह चैनल जेलों पर नियमित प्रस्तुतिकरण करता है। हर हफ्ते किसी नए पॉडकास्ट के जरिए तिनका तिनका जेल रेडियो अलग-अलग जेलों की विशेष कहानियों को सामने लेकर आता है।

भारत में जेलें और जेल रेडियो

भारत में करीब 1400 जेलें हैं। इनमें से कुछ ही में जेल रेडियो आ सका है। भारत का पहले रेडियो 2013 में तिहाड़ में आया था जिसकी साक्षी तिनका तिनका की संस्थापक वर्तिका नन्दा थीं। बाद मे 2019 में जिला जेल आगरा में तिनका तिनका ने जेल रेडियो शुरु किया।

अब तक हुए विशेष पॉडकास्ट

पहली कड़ी उन बच्चों के नाम की गई थी जो अपराध किए बिना अपने मां या पिता के साथ जेल में रहने के लिए मजबूर हैं क्योंकि उनके पास कोई और ठिकाना नहीं है। कुछ अंक हरियाणा की अलग-अलग जेलों पर भी आधारित थे जहां इसी साल तिनका जेल रेडियो की शुरुआत की गई है। तिनका तिनका जेल रेडियो का 25वां अंक उत्तर प्रदेश की जिला जेल, बागपत पर आधारित था जिसे 4 बंदियों की टीम इसे संचालित करती है।

तिनका तिनका के बारे में

तिनका तिनका जेलों पर भारत का इकलौता ऐसा आंदोलन है जो जेलों पर आधारित तथ्यों के साथ पॉडकास्ट ब्रॉडकास्ट कर रहा है। 2019 में तिनका तिनका ने देश की जेलों में संचार की जरूरतों पर एक शोध किया था जिनमें उत्तर प्रदेश की जेलें प्रमुख थीं। अब हरियाणा की जेलों में रेडियो तिनका तिनका प्रिजन रिफॉर्म के एक विशेष मॉडल के साथ शुरू हो गया है। यहां की 7 जेलों में रेडियो लाया जा चुका है।

25वें पॉडकास्ट का लिंक:

https://www.youtube.com/watch?v=9XaPQCrE0QQ

संपर्क : [email protected] / 9811201839

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