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बनारस की कार्तिक पूर्णिमा को गिनीज बुक में दर्ज कराने की तैयारी

हिंदू पंचांग के अनुसार कार्तिक का महीना बहुत शुभ और फलदायी माना जाता है। कार्तिक महीने में दान, पुण्य, गंगा स्नान और पर्व का विशेष महत्व होता है। शरद पूर्णिमा से कार्तिक पूर्णिमा तक कई त्योहार आते हैं जिसमें अंतिम त्यौहार देव दिवाली कार्तिक पूर्णिमा के दिन मनाई जाती है। देव दिवाली दीपावली के 15 दिन बाद मनाई जाती है। इस बार यह पर्व 23 नवंबर को है। देव दिवाली का यह उत्सव बनारस शहर में बड़े भव्य तरीके से मनाई जाती है।

कार्तिक पूर्णिमा पर 23 नवंबर को श्रीराम सेवा संघ के द्वारा पूर्णिया के सौरा नदी तट पर देव-दीपावली का आयोजन किया जाएगा. श्रीराम सेवा संघ प्रत्येक वर्ष सौरा तट पर भव्य दीपावली का आयोजन करती आ रही है. इस पर्व को देखने के लिए दूर दूर से लोग आते हैं. यहां श्रद्धालुओं की भीड़ देखते ही बनती है. इस बार देव दीपावली के तहत 21 महाआरती के लिए बनारस के आरती विशेषज्ञ 21 पुरोहितों को बुलाया गया है. इस अवसर पर 21,000 मिट्टी के दीप प्रज्वलित किए जाएंगे. ये नजारा देखने लायक होगा.

देव दिवाली की परम्परा सबसे पहले बनारस के पंचगंगा घाट पर 1915 में हजारो की संख्या में दिये जलाकर की गई थी। तभी के बनारस में भव्य तरीके से घाटो पर दीये सजाए जाते हैं।

देव दीपावली को भव्य रूप देने के लिए बंगाल के कुशल कारीगरों की मदद से तट को सजाने की तैयारी की जा रही है. इसके साथ ही आधुनिक लाइट से तट के दोनों छोर को जगमगाया जाएगा. कार्यक्रम देखने आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो इसे देखते हुए बड़े एरिया में पार्किंग की व्यवस्था भी की जा रही है. आगमन और निकास मार्ग अलग-अलग रखे जा रहे हैं ताकि किसी प्रकार की कोई समस्या न हो. इस अवसर पर श्रीराम सेवा संघ के सदस्य विशेष परिधान में लोगों का स्वागत करने के साथ-साथ पूरी व्यवस्था को संभालेंगे.छह वीर शहीदों के परिजनों को भागीरथी शौर्य सम्मान से सम्मानित किया जाएगा। इसमें सेना, सीआरपीएफ और एनडीआरएफ के दो-दो शहीद जवान शामिल किए गए हैं। कार्यक्रम का शुभारंभ आकाशदीप से होगा। इसके बाद गायिका रेवती साकलकर द्वारा गणपति वंदना और देशभक्ति गीतों की प्रस्तुति से की जाएगी।

विशिष्ट अतिथि अन्नपूर्णा मंदिर के महंत रामेश्वर पुरी होंगे। जवानों कर श्रद्धांजलि में इंडिया गेट व अमर जवान ज्योति की अनुकृति बनाई जाएगी। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में प्रसिद्ध सरोद वादक पं. शिवदास चक्रवर्ती तबले पर कुबेर नाथ मिश्र के माध्यम से अमर संगीत विदुषी माता अन्नपूर्णा देवी को श्रद्धांजलि दी जाएगी।

सारनाथ में लाइट एंड साउंड शो शुरू होने से पूर्व ही काशीवासी गंगा में लेजर लाइट की भव्यता देख सकेंगे। देव दीपावली पर गंगा में लेजर शो का आयोजन हो रहा है, जिसमें गंगा की लहरों पर गंगा की गाथा सुनाई जाएगी। पर्यटन विभाग इसकी तैयारी कर रहा है।



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