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वैज्ञानिक स्टीफन हॉकिंग का 76 वर्ष की आयु में निधन

प्रसिद्ध भौतिक विज्ञानी तथा ‘अ ब्रीफ हिस्ट्री ऑफ टाइम’ के लेखक प्रोफेसर स्टीफन हॉकिंग का 76 वर्ष की आयु में 14 मार्च को ब्रिटेन के कैम्ब्रिज स्थित उनके निवास पर निधन हो गया.

स्टीफन हॉकिंग के पुत्र-पुत्रियों लुसी, रॉबर्ट और टिम ने बयान जारी कर कहा, ‘हमें बेहद दुख है कि हमारे प्यारे पिता आज हमें छोड़कर चले गए.

वे एक महान वैज्ञानिक और अद्भुत व्यक्ति थे जिनके कार्य और विरासत आने वाले लंबे समय तक जीवित रहेंगे। उनकी बुद्धिमतता और हास्य के साथ उनके साहस और दृढ़- प्रतिज्ञा ने पूरी दुनिया में लोगों को प्रेरित किया है.’

हॉकिंग ने ब्लैक होल और सापेक्षता के क्षेत्र में काफी काम किया था इसलिए उन्हें अल्बर्ट आइंस्टीन के बाद सबसे काबिल भौतिकविज्ञानी माना जाता था. वे कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय में सैद्धांतिक ब्रह्मांड विज्ञान केन्द्र के शोध निर्देशक भी रहे.

1963 में जब वे मात्र 21 वर्ष के थे, उन्हें मोटर न्यूरॉन बीमारी हो गई, इसके चलते उनके अधिकतर अंगों ने धीरे-धीरे काम करना बंद कर दिया था. इस बीमारी में खाने, चलने, बोलने और सांस लेने करने में बाधा आती है. डॉक्टरों ने तब कहा कि उनके जीवन के सिर्फ दो साल बचे हैं. लेकिन वे दशकों तक जीवित रहे.

उनके जीवन पर 2014 में ‘थ्योरी ऑफ एवरीथिंग’ नामक फिल्म भी बनी थी.

उन्हें प्राप्त सम्मानों में उल्लेखनीय सम्मान अल्बर्ट आइंस्टीन पुरस्कार (1978), वॉल्फ प्राइज़ (1988), प्रिंस ऑफ ऑस्टुरियस अवाडर्स (1989), कोप्ले मेडल (2006), प्रेसिडेंशियल मेडल ऑफ फ्रीडम (2009), विशिष्ट मूलभूत भौतिकी पुरस्कार (2012) रहे.

यूं तो स्टीफन की जिंदगी, उनकी थ्योरी और किताबों पर बहुत सी फिल्में बन चुकी हैं। पर उनकी लिखी किताब ‘द थियोरी ऑफ एवरीथिंग’ पर भी एक फिल्म बनी। किताब के लेखक खुद स्टीफन थे। फिल्म का नाम भी ‘द थियोरी ऑफ एवरीथिंग’ था। हॉलिवुड के मशहूर फिल्म निर्देशक जेम्स मार्श ने इस किताब पर फिल्म बनाई। फिल्म में स्टीफन की जिंदगी के हर एक पहलू को बहुत ही खूबसूरती के साथ दिखाया गया। यह फिल्म टोरंटो इंटरनैशनल फिल्म फेस्टीवल में 7 सितंबर 2014 को रिलीज हुई। जबकि यूनाइटेड किंगडम में फिल्म को 1 जनवरी 2015 को रिलीज किया गया। डायरेक्टर जेम्स मार्श के निर्देशन में बनी इस फिल्म को 87 वें अकेडमी अवॉर्ड में 5 नोमिनेशन मिले थे।

स्टीफन का कहना था कि विकलांगता जैसी कोई चीज नहीं होती है। 1963 में महज 21 साल की उम्र में स्टीफन Amyotrophic lateral sclerosis (ALS) नाम की बिमारी से पीड़ित हो गए थे। जिसके कारण उनके अधिकतर अंगों ने धीरे-धीरे काम करना बंद कर दिया। वह बोल भी नहीं पाते थे। उस समय स्टीफन को जब इस बिमारी का पता चला तो वह बहुत दुखी हो गए थे। फिल्म में एडी रेडमेन ने स्टीफन की जिंदगी में आए उस भयंकर तूफान के हर पल को बारीकी से दिखाया है।



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