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प्रोफेसर ने अमिताभ बच्चन से अपील की, ये घातक ठंडा तेल बेचना बंद करो

अमिताभ बच्चन के ठंडे तेल वाला विज्ञापन अब सुर्खियों में है। दरअसल, इसलिए क्योंकि यही ठंडा तेल लोगों के लिए घातक बन गया है। लोग इस तेल के इस्तेमाल से बीमार हो रहे हैं। यह कहना है बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के चिकित्सा विज्ञान संस्थान (आईएमएस) के वरिष्ठ न्यूरोलॉजिस्ट प्रोफेसर विजयनाथ मिश्र का।

विश्वविद्यालय के चिकित्सा विज्ञान संस्थान (आईएमएस) की ओर से केंद्र सरकार को भेजी गई एक रिपोर्ट में सिरदर्द, थकान व अनिद्रा भगाने के नाम पर बाजार में धड़ल्ले से बिक रहे ठंडे तेल को बेहद घातक बताया गया है।

 

आईएमएस के न्यूरॉलजी विभाग के प्रोफेसर विजय नाथ मिश्र व उनकी टीम कपूर मिश्रित ‘ठंडे’ तेल का प्रयोग करने वालों 500 पेशेंट के केस की स्टडी की गई। करीब दो साल तक चले ऑब्जर्वेशन की रिपोर्ट अब सामने आई है। इस रिपोर्ट में कूल-कूल का अहसास कराने वाले तेल के जरिए फैल रही बीमारियों को ‘महामारी’ बताया गया है। प्रफेसर विजय नाथ मिश्र ने इस तेल का विज्ञापन करने वाले अमिताभ बच्चन को ट्वीट कर निवेदन किया है कि वह इस तेल का प्रचार न करें।

 

प्रोफेसर विजय नाथ मिश्र ने अमिताभ बच्चन को संबोधित करते हुए लिखा, ‘मैं स्वयं आपका फैन हूं और विनती करता हूं कि इन ठंडे तेल वालों का विज्ञापन मत कीजिए। लोग आपको भगवान मानते हैं, आप जो कहेंगे वह लोग मानेंगे। अनुरोध है कि कृपया अनैतिक ठंडे तेल (जिसने कपूर की मात्रा, हानिकारक मात्रा से ज्यादा हो) उसका प्रचार ना करें।’ प्रफेसर मिश्र के इस ट्वीट के बाद तमाम और लोगों ने भी इस ट्वीट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए बिग बी से इस विज्ञापन को न करने का अनुरोध किया है।

उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय के चिकित्सा विज्ञान संस्थान (आईएमएस) की ओर से केन्द्र सरकार के डिपार्टमेंट ऑफ साइंस एंड टेक्नॉलजी (डीएसटी) को इसके बारे में 71 मरीजों की एक विस्तृत समीक्षा रिपोर्ट भेजी गई है। उन्होंने बताया कि आईएमएस ने इस रिपोर्ट में डीएसटी से बाजार में बिकने वाले ठंडे तेलों में कपूर की मात्रा निर्धारित करने की अपील की है।

उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय के न्यूरोलॉजी विभाग के ओपीडी में पूर्वांचल और बिहार के करीब 500 मरीजों पर पिछले दो सालों के दौरान किए गए शोध में पाया गया है कि लोग अनिद्रा अथवा तनाव दूर करने के लिए बाजार में धड़ल्ले से बिकने वाले ठंडे तेलों का प्रयोग करते हैं, जिसके कारण उन्हें मिर्गी, एक्जिमा, नर्वस सिस्टम, पाचन तंत्र, किडनी, सांस लेने और तंत्रिका संबंधी अनेक बीमारियां जकड़ लेती हैं। प्रो मिश्रा ने बताया कि कपूर गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए भी बहुत नुकसानदायक है।



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