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रेल यात्रियों को भी कई अधिकार दिए हैं रेल विभाग ने

भारतीय रेलवे की ओर से यात्रियों की सुविधा को देखते हुए उन्हें कई प्रकार के अधिकार दिए गए हैं। जिसके बारे में बहुत कम लोगों को ही जानकारी होती है। इसके तहत सामान्य यात्रियों को तो उनकी सुविधा को देखते हुए कुछ अधिकार दिए ही गए हैं, जबकि महिलाओं व बुजुर्गेां आदि कुछ खास अधिकार भी दिए गए हैं। जिनके बारे में शायद ही आपको जानकारी होगी।

इसमें किसी प्रकार की अनहोनी होने पर उनको मिलने वाला बीमा राशि और मुआवजा भी शामिल है। जानकारी के अनुसार ट्रेन में रिजर्व टिकट पर यात्रा करने वाले यात्रियों को ये अधिकर प्राप्त होते हैं। रेलवे विभाग से मिली जानकारी के अनुसार कोई भी हादसा होने पर मृतकों को 10 लाख, घायलों को साढ़े सात लाख रुपए दिए जाते हैं।

वहीं हादसे में आंशिक रूप से घायल लोगों को 2 लाख तक की राशि दी जाती है। साथ ही इस नई सुविधा के लिए रेलवे ने आईसीआईसीआई लोम्बार्ड, रॉयल सुंदरम जनरल इंश्योरेंस, श्रीराम जनरल इंश्योरेंस समेत 17 कंपनियों से टाई-अप किया है।

यात्रियों के अन्य अधिकार
1. रेलवे के कोटे में महिला कोटा,रक्षा कोटा, विदेशी सैलानी कोटा,व्हीव्हीआईपी कोटा, लोअर बर्थ कोटा शामिल हैं। इनमें से लोअर बर्थ कोटे में 40 साल से ऊपर की महिलाओं, सीनियर सिटिजन को शामिल किया गया है।

2. इसके अलावा अकेली महिला यात्री का यह अधिकारी होता है कि उसके बगल में किसी महिला यात्री को ही सीट मिले, ये टीटीई से जिम्मेदारी है।
वहीं यात्रा कर रहे सामान्य आदमी का अधिकार है कि वो टॉयलेट को साफ करवाने और पानी भरवाने के लिए टीटीई से कह सकता है, जिसे टीटीई को पूरा करना होगा।

3. वहीं यात्री को यह भी अधिकार है कि वे अपने टिकट में दर्ज यात्री के नामों को यात्रा शुरू होने के छह दिन पहले तक बदलवा सकता है। साथ ही यात्री किसी भी स्टेशन से कहीं का भी टिकट बुक करवा सकता है। इसके अतिरिक्त 5 साल से ऊपर के सभी बच्चों का रिजर्वेशन का पूरा पैसा देना होगा। जबकि यदि यात्री टिकट लाना भूल गया तो वह स्टेशन मास्टर से संपर्क कर सकता है। ऐसा करने पर उसे तुरंत या अगले स्टेशन पर टिकट दिया जाएगा।

साभार- http://www.patrika.com/ से

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