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राजा राम मोहन राय आधुनिक भारतीय पुनर्जागरण के अग्रदूत थे – डॉ.दीपक

कोटा। राजकीय सार्वजनिक मंडल पुस्तकालय के अध्यक्ष डॉ. श्रीवास्तव ने कहा कि ‘राजा राम मोहन राय को 18वीं और 19वीं शताब्दी के भारत में उनके द्वारा लाए गए उल्लेखनीय सुधारों के लिए आधुनिक भारतीय पुनर्जागरण का अग्रदूत माना जाता है। उनके प्रयासों में क्रूर और अमानवीय सती प्रथा का उन्मूलन सबसे प्रमुख था। पर्दा प्रथा और बाल विवाह को समाप्त करने में भी उनके प्रयासों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। वह रविवार को पुस्तकालय सभागार में आयोजित देश के विभिन्न पुस्तकालयों के अधिकारियों एवं साहित्यकारों के सम्मान समारोह मै अध्यक्ष के रूप में संबोधित कर रहे थे।उन्होंने कहा कि राम मोहन राय ने कलकत्ता में ब्रह्मोस को एकजुट करते हुए ब्रह्म समाज का गठन किया, जो लोगों का एक समूह था, जो मूर्ति-पूजा में विश्वास नहीं करते थे और जाति प्रतिबंधों के खिलाफ थे। 1831 में मुगल सम्राट अकबर द्वितीय द्वारा उन्हें ‘राजा’ की उपाधि दी गई थी। रॉय ने मुगल राजा के राजदूत के रूप में इंग्लैंड का दौरा किया ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सती प्रथा पर प्रतिबंध लगाने वाले बेंटिक के नियम को उलट न दिया जाए। 1833 में ब्रिस्टल, इंग्लैंड में रहने के दौरान उनकी मेनिन्जाइटिस से मृत्यु हो गई।

डॉ श्रीवास्तव ने बताया कि राजा राममोहन रॉय की 200 वीं जयंती पर देश के सार्वजनिक पुस्तकालयों के सुदृढीकरण एवं आधुनीकीकरण हेतु भारत सरकार के संस्क़ृति मंत्रालय के अंतर्गत “राजा राममोहन रॉय पुस्तकालय प्रतिष्ठान” की स्थापना कोलकता मे हुई । आज राजा राममोहन रॉय पुस्तकालय प्रतिष्ठान कोलकता अपनी 50 वर्ष पुर्ण करने पर गोल्डन जुबली मना रहा है । राजा राम मोहन राय पुस्तकालय प्रतिष्ठान 1972 से अर्थात अपने स्थापना दिवस से आजतक भारत के सभी सार्वजनिक पुस्तकालयों को संबल प्रदान करने के लियें वित्तीय मदद करता हें उनके इसी प्रयास को पहचान देने के लिये राजा राम मोहन राय पुस्तकालय प्रतिष्ठान एवं संस्कृति मंत्रालय की 89 वीं बैठक मे यह निर्णय लिया गया कि राजा राम मोहन राय जी के जन्म दिवस को राष्ट्रीय सार्वजनिक पुस्तकालय दिवस के रुप मे मनाया जायें तभी से इस दिवस को उनकी याद मे “ राष्ट्रीय सार्वजनिक पुस्तकालय दिवस के रूप में मनाया जाता है।

मुख्य अतिथि पुलिस उप अधीक्षक अंकित जैन ने कहा कि – साहित्यिक जगत का इतना बडा आयोजन निश्चित रुप से रचनाकारों को सम्बल प्रदान करेगा । बेहद खुशी है देश के 21 पुस्तकालयाध्यक्षों को “ शान-ए-ग्रंथालय” सम्मान से समानित किया गया । साहित्यकार को सम्मान निश्चित रुप से देश की संस्कृति संवर्धन के लिये सहायक होगा। स्वागत उदबोधन मे राजा राम जैन कर्मयोगी ने राम मोहन राय को स्मरण करते हुए कहा कि – साहित्य समाज का दर्पण है तथा इनकी सृजन साधना को सम्मनित कर वह अपने आप को गोरवांवित महसुस कर रहे हैं । अल्का दुलारी जी ने कहा कि आप सभी ने जिस उत्साह से हमारा मनोबल बढाया इसकी प्रसंशा के लिये शब्द नही । महेश पंचोली ने श्री कर्मयोगी संस्थान के इस प्रयास पर विस्त्रत प्रकाश डाला । कार्यक्रम का संचालन प्रेम शास्त्री ने किया । रघुराज कर्मयोगी ने सभी सम्मानित साहित्यकारों एवं अतिथियों का आभार व्यक्त किया ।

पुस्तकालय अधिकारियों का सम्मान

इस अवसर पर सम्मानित होने वाले पुस्तकालय अधिकारियों मे डॉ गोपाल मोहन शुक्ला पुस्तकालयाध्यक्ष राजकीय पब्लिक लाईब्रेरी प्रयागराज , डॉ अनिल कुमार झरोटिया पुस्तकालयाध्यक्ष टेक्नीया इंस्टीट्युट ऑफ एडवांस स्टडीज़ दिल्ली , कैलाश चन्द्र रॉव जिला पुस्तकालयाध्यक्ष राजकीय हरिश्चन्द्र सार्वजनिक पुस्तकालय झालावाड , डॉ शशि जैन पुस्तकालयाध्यक्ष राजकीय सार्वजनिक मंडल पुस्तकालय कोटा, डॉ मनीषा मुदगल असिस्स्टेंट प्रोफेसर ओ.पी.जे.एस. य़ुनिवर्सीटी चुरु , डॉ प्रितिमा व्यास पुस्तकालयाध्यक्ष अकलंक कॉलेज कोटा , डॉ प्रिति शर्मा जवाहर लाल नेहरु शिक्षक प्रशिक्षण महाविधालय कोटा , डॉ रोहित नंदवाना वरिष्ठ तकनीकी सहायक कोटा विश्वविधालय कोटा , डॉ प्रशांत भारद्वाज पुस्तकालयाध्यक्ष गुरुकुल , लक्खो सिंह पुस्तकालयाध्यक्ष राजकीय पॉलीटेकनीक महाविधालय कोटा , योगेन्द्र सिंह तंवर पुस्तकालयाध्यक्ष ग्लोबल स्कुल कोटा , नहुष व्यास पुस्तकालयाध्यक्ष मोदी इंस्टीट्युट ऑफ टेक्नोलोजी एण्ड मेनेजमेंट, सत्यनारायण शर्मा लाईब्रेरी इंफोर्मेशन ऑफीसर इण्दीयन इंस्टीट्युट ऑफ इंफोर्मेशन टेक्नोलोजी (ट्रिपल आईआईटी) , मनीष निकेला पुस्तकालयाध्यक्ष महात्मा गांधी गवर्मेंट वोकेशनल स्कुल कोटा , भारती सौलंकी पुस्तकालयाध्यक्ष कौटिल्य महिला शिक्षक प्रशिक्षण महाविधालय कोटा , ज्योति मेघवाल राजकीय क़ोलेज ऑफ नर्सिंग एम.बी.एस .चिकित्सालय कोटा , निमिशा शर्मा पुस्तकालयाध्यक्ष बालाजी इंस्टीट्युट ऑफ एज्युकेशनल कोटा , लक्ष्मी शर्मा पुस्तकालयाध्यक्षहितकारी सहकारी महिला शिक्षा महाविधालय कोटा पुस्तकालयाध्यक्ष , सुनील टेलर पुस्तकालयाध्यक्ष झालावाड आयुर्विज्ञान महविधालय झालावाड , रुपम श्रीवास्तव ।

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