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जैविक खेती पर बिजुआ ब्लॉक सभागार में रीजनल कार्यशाला

बिजुआ-खीरी, जैविक खेती क्यों और कैसे विषय पर एक संवाद एक कार्यशाला का आयोजन बिजुआ ब्लॉक सभागार में सम्पन्न हुई, कार्यशाला का आयोजन शिव कुमारी देवी मेमोरियल ट्रस्ट द्वारा आयोजित की गई, कार्यशाला की सहयोगी संस्था के तौर पर कृषि विज्ञान केंद्र जमुनाबाद गोला खीरी व दुधवा लाइव इंटरनेशनल जर्नल थे, कृषि वैज्ञानिक प्रदीप कुमार बिसेन, व डॉक्टर सुहैल ने किसानों को जहरमुक्त व बिना रासायनिक खादों के खेती कैसे करें विषय पर बताया, कार्यक्रम में, सीतापुर, हरदोई, इटावा, शाहजहांपुर के किसान मौजूद रहे।

कार्यशाला में एसकेडीएमटी इंडिया द्वारा शिव किमारी देवी मेमोरियल एवार्ड 2020 से प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया गया, देश मे सर्वश्रेष्ठ गन्ना उत्पादन प्रति हेक्टयर के लिए अचल कुमार मिश्र को, पॉली हाउस में आर्गेनिक शिमला मिर्च, स्ट्राबेरी,डच रोज आदि उत्पादित करने के लिए, नन्दू पाण्डेय गोपालपुर सीतापुर को, शिमला मिर्च की उन्नत खेती पद्धति के लिए भरावन हरदोई के सर्वेन्द्र सिंह को, नेचर फोटोग्राफी के लिए इटावा के अम्बर दीक्षित, बिजुआ ब्लॉक के शिक्षक व प्रगतिशील किसान वीरेंद्र शुक्ल को, मुदित दीक्षित को शिक्षा के क्षेत्र में, ग्राम प्रधान बिजुआ के अमरीक सिंह बिट्टू को कृषि क्षेत्र में शिव कुमारी देवी मेमोरियल एवार्ड से पुरुस्कृत किया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता वन्य जीव विशेषज्ञ डॉक्टर वीपी सिंह ने की, विशिष्ट अतिथि के तौर पर जिला पंचायत सदस्य नरेंद्र वर्मा, मुदित दीक्षित, मो. इशरत खान, जनार्दन मिश्र, हरिशंकर शुक्ल थे।

दुधवा लाइव के संस्थापक सम्पादक के के मिश्र ने कहा कि मिट्टी जल वायु सभी को शुद्ध रखने के लिए किसानों की भूमिका महत्वपूर्ण है, जैविक खेती से जैविविधिता संवर्धित होगी, सभी प्रजातियां सुरक्षित होगी, और देशी बीजो का सरंक्षण होगा, जिससे मानव मानव स्वास्थ्य की समस्याएं दूर हो सकेंगी, प्रजातियों को विलुप्त होने से बचाना है तो जहरमुक्त खेती जरूरी है, इससे कैन्सर जैसी बीमारियों से भी बचा जा सकता है।

मुख्य वक्ताओं ने अपने विचार पर्यावरण में बढ़ते असुंतलन, नदियों तालाबों और भूगर्भीय जल में फैलता प्रदूषण, मिट्टी को प्रदूषित कर चुके कीटनाशकों व रासायनिक खादें, इन सब के पीछे मौजूदा कृषि पद्धतियों का बहुत अधिक योगदान है, भारत की सबसे अधिक आबादी गांवों में है, और कृषि क्षेत्र में ऐसे में पर्यावरण को शुद्ध रखना मानव स्वास्थ्य ही नही सभी जीव जंतुओं के लिए हितकर होगा, आज सबसे अधिक जो वनस्पतियां व जंतुओं की प्रजातियां नष्ट हो रही है उनके पीछे कीटनाशक व रसायन है, इन्ही सब बातों पर एक संवाद एक कार्यशाला का आयोजन बिजुआ ब्लॉक के सभागार में दोपहर एक बजे से शाम 5 बजे तक कार्यशाला संचालित की गई। कृषि वैज्ञानिकों द्वारा जैविक खेती पर लिखी पुस्तकों का वितरण किया गया। कार्यक्रम के संयोजक व संचालक थे बिजुआ के राहुल ।

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