Thursday, April 18, 2024
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महिला सशक्तिकरण की प्रासंगिकता

राज्य प्रमुख /संवैधानिक प्रमुख/ संविधान को संरक्षण प्रदान करने वाले पदाधिकारी (राष्ट्रपति) द्रौपदी मुर्मू ने कहा है कि महिलाओं का सशक्तिकरण भारत को विश्व गुरु/ परम वैभव के रूप में स्थापित करने का मूल मंत्र है ।मोदी सरकार ने महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए महत्वपूर्ण एवं उपापदेई प्रयास किए है। समृद्ध, सशक्त एवं विकसित भारत के लिए महिलाओं की भूमिका एवं सहभागिता बढ़ाने पर अधिक जोर रहा है क्योंकि भारत परम वैभव/ विश्व गुरु की संकल्पना को साकार करने के लिए महिलाओं का सशक्तिकरण अनिवार्य आवश्यकता है। मोदी सरकार ने महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए कई कल्याणकारी योजनाओं को मूर्त रूप दिया है। सरकार की सकारात्मक सक्रियता एवं ऊर्जावान नेतृत्व के कारण पुरुषों के सापेक्ष महिलाओं की संख्या में सकारात्मक वृद्धि हुआ है, अर्थात भारत में महिलाओं की संख्या 1020 है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वे (NFHS)के अनुसार वर्ष 2022 में महिलाओं की संख्या पुरुषों के सापेक्ष बड़े है। बढ़ते लिंगानुपात के आधार पर महिलाएं भारत की विकास यात्रा का नेतृत्व कर सकती हैं ।इन कार्यक्रमों में सहभागिता के कारण महिलाएं सामाजिक बेड़ियों से बाहर निकली है। इसके साथ ही दैनिक जीवन की समस्याओं से समाधान मिला है सरकार महिलाओं को जन आंदोलन के माध्यम से समाज के मुख्यधारा में सहभागी हुई है, इससे उनका समाज में सामाजिक हैसियत गुणात्मक वृद्धि हुआ है।

हमारे समाज में महिलाओं को घर की रखवाली व चौकट की सुरक्षा करने वाला माना जाता था ।जबकि पुरुष को कमाऊ सदस्य के तौर पर देखा जाता था। समाज में लिंग भेद (पुरुष और महिला के आधार पर भी भेद किया जाता है ).सरकार ने महिलाओं के सामाजिक हैसियत के उन्नयन के लिए प्रयासरत है। विविध और व्यापक सरकारी कार्यक्रम महिलाओं के जीवन के विभिन्न पड़ावों पर सुरक्षा, संरक्षा एवं सशक्तिकरण सुनिश्चित कर रहे है। जीवन के प्रत्येक स्तर पर अवसरों के द्वार खोले जा रहे है, ताकि महिलाओं को ज्यादा से ज्यादा उनकी पसंद के अवसर मिल सके और महिलाएं अपने सपनों को साकार कर सकें ।

महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए उठाए गए कदम जिनसे महिला सशक्तिकरण का गुणात्मक योग मिला है। महिलाओं को पेड मैटरनिटी 12 सप्ताह से बढ़ाकर 26 सप्ताह किया गया है।प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत काम करने वाली महिलाओं की मजदूरी के नुकसान की भरपाई करने के लिए मुआवजा देना और उनके उचित आराम और पोषण को सुनिश्चित किया जा सके, गर्भवती महिलाओं और स्तनपान करने वाली महिला माताओं के स्वास्थ्य में सुधार हो सके और नकदी (Cash)के प्रोत्साहन के माध्यम से उनके शारीरिक एवं मानसिक मजबूती को सुनिश्चित किया जा सके।प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत 2.78 करोड़ महिलाओं को सहायता किया जा रहा है ,जिससे महिलाएं अपने को सुरक्षित महसूस कर सकें।

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