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मॉरीशस में राम मंदिर के लिए सहयोग देने वालों का मुंबई में सम्मान

मुंबई। अयेध्या में तो राम मंदिर राजनीति की भेंट चढ़ गया, मगर भारत से हजारों किलोमीटर दूर समंदर पार एक ऐसा भव्य राम मंदिर बन चुका है जिसको लेकर हर भारतीय का सिर गर्व से ऊंचा हो जाएगा। ये राम मंदिर ऐसे ही नहीं बना है इसके निर्माण के लिए मॉरिशस की संसद ने अधिनियम बनाकर रामायण सेंटर का गठन किया और जमीन भी दी।

मॉरीशस के इस राम मंदिर के लिये सहयोग देने वाले दानदाताओं का सम्मान समारोह मध्य प्रदेश के जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष एवँ हाल ही में मध्यप्रदेश में संपन्न् नर्मदा यात्रा नमामि देवी नर्मदे के समन्वयक व मध्य प्रदेश में नर्मदा किनारे 6.70 करोड़ पौधे लगाने की दिशा में सक्रिय भूमिका निभाने वाले प्रदीप पांडे के मुख्य आतिथ्य में आयोजित किया गया।

श्री पांडे ने मॉरीशस में राम मंदिर के निर्माण को भारतीय समाज के सांस्कृतिक व धार्मिक विस्तार का महत्वपूर्ण आयाम बताते हुए कहा कि ऐसे संकल्पों से ही हम समाज को सही दिशा में मोड़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति में हम पृथ्वी को माता मानते हैं और हमें ये नहीं भूलना चाहिए कि हमॆं जल, भोजन, हवा से लेकर सोना-चांदी सब कुछ भरती माता से ही मिलता है। हमें अपनी संस्कृति को बचाने के साथ ही धरती माता को भी बचाना है।


श्री प्रदीप पांडे का परिचय देते हुए श्री भागवत परिवार के अध्यक्ष श्री एसपी गोयल ने कहा कि श्री भागवत परिवार के प्रतिनिधि के रूप में नमामि देवी नर्मदे-नर्मदा यात्रा में मुझे भी जाने का सौभाग्य मिला, और इस यात्रा में जिस तरह से समाज के हर वर्ग के लोगों से लेकर साधु-संत, वनवासी जुड़े और इसमें भागीदारी की उसका मैने ये प्रत्यक्ष अनुभव किया कि श्री प्रदीप पांडे ने पूरे समाज को आंदोलित कर इस अभियान का हिस्सा बनाया।

मॉरीशस में राम मंदिर के निर्माण की संकल्पना रामायण सेंटर के श्री राजेंद्र अरुण की थी। रामायण सेंटर की स्थपाना भी मॉरीशस की संसद द्वारा पारित एक विधेयक के तहत की गई थी और राम मंदिर निर्माण के लिए भी मॉरीशस की संसद ने विधेयक पारित किया था। रामायण सेंटर के दो भाग है एक अध्ययन केंद्र हैं और दूसार अध्यात्मिक केंद्र है। अध्ययन केंद्र के अंतर्गत रामायण का अध्ययन रामायण का गायन, रामायण के प्रसंगों का कथा प्रवचन, मंचन, आदि शामिल हैं। ये गतिविधियाँ नियमित रूप से मारीशस में होती रहती है और मॉरीशस का परा समाज इसमें उत्साह से भाग लेता है।

ये राम मंदिर 10 हजार वर्ग फीट में कच्छप के आकार का बना है। इसके तल माले पर 8 हजार वर्गफीट का सभागार 1000 लोग बैठ सकते हैं। सभागार का उद्घाटन 2007 में मॉरीशस के तत्कालीन प्रधान मंत्री श्री नवीन रामगुलाम ने किया था।

राम मंदिर की प्रथम मंजिल के ऊपर 5 मंजिल हैं। मुख्य मंदिर भगवान राम का है। इसके अतिरिक्त राधा-कृष्ण लक्ष्मी नारायण शिव परिवार तथा दुर्गा माता के मंदिर भी हैं। मुख्य मंदिर के ठीक सामने हनुमानजी एक छतरी के नीचे ध्यानवस्था में है। मंदिर के निर्माण पर 10 करोड़ का खर्च आया है। इसमें मुंबई दिल्ली, बैंगलुरू आदि जगह के दानदाताओं ने उदारता से दान दिया। था। ये मंदिर पूरी तरह से पत्थरों से बना है। पहला राम मंदिर हैं बाकी मंदिरों को शिवाला कहा जाता है। मंदिर निर्माण के लिए सहयोग राशि एकत्र करने के उद्देश्य से 2011 में मॉरीशस के रामायण सेंटर के अध्यक्ष श्री राजेंद्र अरुण की रामकथा पंचामृतम का आयोजन मुंबई के मालाड में किया गया था। राम मंदिर के निर्माण में प्रमुख भूमिका निभाई मॉरीशस में रामायण सेंटर के संस्थापक और इसके संचालक श्री राजेंद्र अरुण ने। उनके राम मंदिर निर्माण के संकल्प को वास्तविकता पर उतारा मुंबई के श्री भागवत परिवार के समन्वयक श्री वीरेन्द्र याज्ञिक और धार्मिक आयोजनों के माध्यम से समाज के संपन्न वर्ग को आम आदमी से जोड़ने में प्रमुख भूमिका निभाने वाले मुंबई के समाज सेवी श्री स्वरूपचंद गोयल ने। याज्ञिकजी और स्वरूपजी ने देश भर के प्रमुख दानदाताओं को इस मंदिर अभियान से जोड़ा और इसके लिए 5 करोड़ रुपये एकत्र कर मंदिर के स्वप्न को हकीकत की जमीन पर उतार दिया। 30 जून को मॉरिशस में इस मंदिर का भव्य समारोह में शुभारंभ हुआ, जिसमें मुंबई सहित भारत भर से 200 से अधिक धर्मालु शामिल हुए।

राम मंदिर का उद्घाटन 30 जून को उद्घाटन मॉरीशस वर्तमान प्रधान मंत्री प्रवीण जगन्नाथ के पिता एवं माॉरीशस के पूर्व प्रधान मंत्री श्री अनिरुध्द जगन्नाथ ने किया । इस समारोह में मॉरीशस के उपराष्ट्रपति, शिक्षा मंत्री व मॉरीशस में भारत के उच्चायुक्त अभय ठाकुर भी उपस्थित थे।

मॉरीशस की सरकार इस राम मंदिर को पर्यटन के प्रमुख केंद्र क रूप में विकसित करेगी।


कार्यक्रम का शुभारंभ श्री शास्त्री जी के मंगला चरण और प्रेक्षा जोशी द्वारा प्रस्तुत रुद्राष्टक से हुआ। इस अवसर पर जाने माने उद्योगपति श्री सुरेश चतुर्वेदी, श्री हरि सत्संग समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सत्यनारायण काबरा, विश्व हिंदू परिषद के कोंकण प्रांत के अध्यक्ष श्री देवकीनंदन जी जिंदल, मुंबई भाजपा के अध्यक्ष श्री अमरजीत मिश्र, समाजसेवी श्रीमती निशा सुमन जैन, श्रीमती अलका मांडके सहित मुंबई के कई गणमान्य लोग उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन श्री सुरेंद्र विकल ने किया।

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