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अविस्मरणीय क्षणों की सौगात दे गया सावन महोत्सव

मुंबई। बुधवार को जाते जाते सावन महोत्सव ने कई अविस्मरणीय क्षणों की सौगात दी, जो मुंबईकरों के मानस पर अमिट छाप छोड़ गए।फूलों से लकदक झूले पर बैठे दंपति, केले के खंभों और रंग बिरंगे फूलों के गुच्छों से सजा मंच ,एक ओर छोटे मंच पर महिलाओं के हाथों पर मेहंदी लगाती नन्हीं बच्चियां, मंच से सोहर,पचरा और विभिन्न लोकगीत गाते गायकों की टोली और उस पर थिरकते हर उम्र के लोगों का हुजूम कल संपन्न हुए सावन महोत्सव के आकर्षण को बढ़ा रहे थे।

भोजपुरी फिल्मों के सुपरस्टार रवि किसन के गीत और नृत्य ने माहौल में गर्माहट पैदा कर दी।संगीतकार ए आर रहमान की पसंदीदा गायिका मधुश्री ने कभी नीम नीम, कभी शहद शहद की तान छेड़ कर समारोह को ऊंचाई प्रदान की।वरिष्ठ कवियित्री माया गोविंद ने नारी शक्ति को जागरूक करने के लिए कविता पढ़ी ‘सूरज बुझा दूंगी मैं, घुंघटा जला दूंगी मैं।महोत्सव में अपने पिता के साथ पहुंची अभिनेत्री राजेश्वरी सचदेव ने भी महोत्सव में अपने विचार रखे।

बुधवार को विलेपार्ले के दीनानाथ मंगेशकर हॉल में राजनेता आशीष शेलार व अधिवक्ता आभा सिंह की मौजदगी में देर रात तक चले सावन महोत्सव के समापन समारोह का दृश्य देखते ही बन रहा था।

प्रधानमंत्री मोदी द्वारा ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ अभियान को समर्पित इस महोत्सव में मधुश्री,राजेश्वरी व माया गोविंद को आशीष शेलार व आभा सिंह के हाथों स्त्री शक्ति सम्मान का वितरण आदि बातों ने कजरी के सांस्कृतिक महत्व के साथ सामाजिक जिम्मेदारी के निर्वहन का सन्देश भी दिया।

सत्रह जगहों पर संम्पन इस कार्यक्रम में भोजपुरी के गायकद्वय मधु पांडेय व सुरेश शुक्ल ने मराठी में गीत प्रस्तुत कर सन्देश दिया कि अपनी कर्मभूमि को नमन करने का इससे बेहतर कोई और तरीका नहीं हो सकता।ऐसे अनगिन क्षणों की कभी ना भूलनेवाली यादों की थाती दे गया कजरी महोत्सव।साथ ही उत्तरभारतियों की जन्मभूमि की लोकसंस्कृति का जतन करनेवाले अमरजीत मिश्र ने अभियान द्वारा महोत्सव में आये लोगों से अपनी भाषा के साथ साथ अपने कर्मभूमि की भाषा मराठी भी सीखने का आग्रह किया।महोत्सव में यह भी शुभ संकेत मिला कि एक गैर सरकारी संस्था अभियान एक पखवाड़े से अधिक तक शहर के विभिन्न जगहों पर स्थानीय आयोजकों के सहभाग से लोकसंस्कारों का महाकुम्भ आयोजित करता है और उसमें महिलाएं और तरुण पीढ़ी बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेती हैं।

यही कारण था कि कल जब दीनानाथ मंगेशकर हॉल के अंदर बाहर कजरी प्रेमियों की भारी भीड़ जुटी तो लगा कि देश के अतिव्यस्त शहर में अभियान जैसी एक संस्था ने लोक संस्कृति से प्रेम करनेवाली नवयुवकों की एक पूरी पीढ़ी तैयार कर ली है।कजरी महोत्सव के संयोजक और अभियान के संस्थापक अमरजीत मिश्र के चेहरे पर सफलता की स्पष्ट झलक दिखाई पड़ रही थी।

महिलाओं और पुरुषों से ठसाठस भरे सभागृह में मुंबई बीजेपी के अध्यक्ष आशीष शेलार ने अपनी कर्मभूमि और जन्मभूमि में सामंजस्य बिठानेवाले उत्तरभारतीय समाज के कर्मठता की जमकर प्रशंसा की।मशहूर वकील आभा सिंह ने सरकार में उत्तरभारतीय समाज को संख्या के आधार पर प्रतिनिधित्त्व दिए जाने की वकालत की।उन्होंने महिलाओं में जागरूकता लेन के लिए अभी भी बहुत प्रयास करने की आवश्यकता बताई।शेलार व आभा ने अमरजीत मिश्र के सावन महोत्सव की जमकर प्रशंसा की और कहा कि 15 दिनों तक विभिन्न जगहों पर आयोजन करना कोई सामान्य बात नहीं है।

रवि किसन ने भी नृत्य कर उपस्थित जनसमुदाय का मन जीत लिया। उन्होंने कजरी को स्त्री शक्ति सम्मान और बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ मुहीम से जोड़ने के लिए अभियान संस्था की प्रशंसा करते हुए कहा कि शिक्षा सबसे बड़ी ताकत भी है और दौलत भी।इसलिए बच्चों को ऊँची से ऊँची शिक्षा देनी चाहिये।

अभियान के संस्थापक अमरजीत मिश्र ने सावन महोत्सव की सफलता और बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ मुहीम को मिले समर्थन पर ख़ुशी जताई।लोकगीतों की तासीर पर श्री मिश्र ने कहा कि नन्हें बच्चे के लिए माँ द्वारा गाया गया उसका अपना लोकगीत ही उसको संतुष्ट करता है। गरीब – निर्धन माँ अपनी वाणी से अपने बच्चे की क्षुधा शांत कर देती है । प्यार की थपकी और माँ की लोरी से ही बच्चे का पेट भर जाता है। संचालन आदित्य दुबे ने किया।अतिथियों का स्वागत रामचन्द्र उपाध्याय,आर एस दुबे , राकेश सिंह,शम्भू सिंह,धीरेंद्र पांडेय, दीपक सिंह ने किया। अभियान द्वारा 17 आयोजकों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।महोत्सव की यह भी विशेषता रही कि हर कार्यक्रम में समाजसेवी प्रेसी अंकल ने आयोजक अमरजीत मिश्र को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।

मिर्जापुर से आई कजरी गायिका मधु पांडेय ने गाया कि हमय सावन में झूलनी गढाय द पिया,जिया भरमाय द पिया ना । उन्होंने सावनी रंग की कई कजरी सुनाई । स्व. चंद्रशेखर मिश्र की लोकप्रिय भोजपुरी कृति ‘द्रौपदी’ के कई मार्मिक छंदों को गाकर लोकगायक सुरेश शुक्ला ने महफ़िल लूट ली । आखों को नम कर देनेवाला और मन को भिगो देनेवाला कृष्ण-द्रौपदी का संवाद लोगों के मन को छू गया ।

चित्र परिचय

कजरी महोत्सव में अभिनेत्री राजेश्वरी सचदेव,गायिका मधुश्री व वरिष्ठ कवियित्री माया गोविन्द को स्त्री शक्ति सम्मान से सम्मानित किया गया।समापन समारोह में मुम्बई बीजेपी के अध्यक्ष आशीष शेलार, अधिवक्ता आभा सिंह,अभिनेता रवि किसन व मुम्बई बीजेपी के महामंत्री व अभियान के संस्थापक अमरजीत मिश्र लोगों को सम्मानित करते हुए।



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