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विश्व के प्रथम आदिवासी आवासीय कीस डीम्ड विश्वविद्यालय का दूसरा वार्षिक दीक्षांत समारोह

भुवनेश्वर।ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर स्थित विश्व का प्रथम आदिवासी आवासीय कीस डीम्ड विश्वविद्यालय ने चार जुलाई को अपने कन्वेशन हाल में मनाया अपना दूसरा वार्षिक दीक्षांत समारोह।दीक्षांत भाषण दिया आमंत्रित तिब्बतियन बौद्ध गुरु तथा रीपा अन्तर्राष्ट्रीय सेन्टर के आध्यात्मिक निदेशक परमपाद गुट्रुल जिग्मी ने। अवसर पर नीति आयोग के कुलपति राजीव कुमार,ग्राम्मी एवार्ड विजेता रिकी केज,पर्यावरण अर्थशास्त्री पवन सुखदेव तथा ग्रीन बेल्ट तथा रोड संस्थान प्रेसिडेंट इरीक सोल्हेम को मानद डाक्टरेट की डिग्री प्रदान किया गया।

परमपाद गुट्रुल जिग्मी ने अपने संबोधन में सबसे पहले कीट-कीस के प्राणप्रतिष्ठाता तथा कंधमाल लोकसभा सांसद प्रोफेसर अच्युत सामंत के संत व्यक्तित्व की तारीफ की जिनके त्याग,तपस्या,कार्यसंस्कृति तथा दूरदर्शिता के बदौलत ये आदिवासी बच्चे आज कीस डीम्ड विश्वविद्यालय से स्नातक और स्नातकोत्तर की डिग्री प्राप्त किये। उन्होंने कीस के पासआऊट होनेवाले युवाओं से समाज के प्रति सहयोग,दया,सहानुभूति,करुणा तथा सेवा को अपनाने का संदेश दिया। दीक्षांत समारोह में कीस के कुल 400 छात्र-छात्राओं को स्नातक,स्नात्कोतर,एम,फील तथा पीएच.डी की डिग्री ,फाउण्डर गोल्डमेडल,चान्सलर गोल्डमेडल तथा वायसचान्सलर सिल्वर मेडल प्रदान किया गया।

प्रोफेसर अच्युत सामंत ने बताया कि उनके जीवन का एकमात्र लक्ष्य समाज के उपेक्षित,वंचित तथा विकास की मुख्य धारा से वंचित आदिवासी बच्चों को कीस की उत्कृष्ट फ्री शिक्षा के माध्यम से स्वावलंबी मनाना है,उन्हें निःस्वार्थ समाजसेवा की ओर उन्मुख करना है और उसी उद्देश्य को वे आजीवन संकल्पित भाव से करते रहेंगे। अवसर पर कीस डीम्ड विश्वविद्यालय के कुलाधिपति सत्य एस त्रिपाठी,कुलपति प्रोफेसर दीपक कुमार बेहरा आदि ने समारोह को संबोधित किया जबकि अवसर पर कीट डीम्ड विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर एस सामंत ,कीट-कीस की अध्यक्षा शास्वती बल आदि जैसे सैकडों आमंत्रित गणमान्य मेहमान उपस्थित थे।आभारप्रदर्शन कीस डीम्ड विश्वविद्यालय के कुलसचिव डा पी के राउतराय ने किया।

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