आप यहाँ है :

पश्चिम रेलवे कर्मचारियों के परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए दी गई सिलाई मशीनें

मुंबई। पश्चिम रेलवे महिला कल्याण संगठन हमेशा से ही पश्चिम रेलवे की सभी महिला कर्मचारियों की मदद के लिए आगे आता रहा है। कोरोना वायरस महामारी के कठिन समय में भी पश्चिम रेलवे महिला कल्याण संगठन ने महिला कर्मचारियों और उनके परिवारजनों की सहायता की है तथा उनके प्रयासों की सराहना की है। पश्चिम रेलवे महिला कल्याण संगठन की अध्यक्षा श्रीमती तनुजा कंसल ने इस कठिन घड़ी में रेल कर्मियों से जुड़े रहने के लिए अनेक वीडियो कॉन्फ्रेंस कीं तथा कर्मचारियों की सकारात्मकता को प्रोत्साहित किया। राष्ट्रपिता महात्मा गांधीजी की 151वीं जयंती पर पश्चिम रेलवे महिला कल्याण संगठन की अध्यक्षा श्रीमती तनुजा कंसल ने बापू द्वारा दी गई आत्मनिर्भर भारत की अनूठी संकल्पना को साकार करने का निर्णय लिया, ताकि पश्चिम रेलवे के चुनिंदा कर्मचारियों के परिजनों को स्वावलम्बी बनाया जा सके। इस पहल के अंतर्गत पश्चिम रेलवे महिला कल्याण संगठन द्वारा पश्चिम रेलवे के सभी 6 मंडलों की महिलाओं को सिलाई मशीनों का वितरण किया गया।

पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी श्री सुमित ठाकुर द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार पश्चिम रेलवे महिला कल्याण संगठन की यह उदार पहल इन महिलाओं को अपने अच्छे कार्य को जारी रखने के लिए प्रेरित करेगी, जो महामारी के दौरान कठिन परिस्थितियों में काफी मददगार साबित होगी। मुंबई मंडल की श्रीमती अनिता ए.वी., वड़ोदरा मंडल की श्रीमती शिल्पा बेन, अहमदाबाद मंडल की श्रीमती जिनलबेन एस. ठाकोर, रतलाम मंडल की श्रीमती निर्मला वर्मा, राजकोट मंडल की श्रीमती ऋचा कुशवाहा और भावनगर मंडल की श्रीमती ममता कुमार को ये सिलाई मशीनें मिली हैं।

पश्चिम रेलवे महिला कल्याण संगठन की अध्यक्षा श्रीमती तनुजा कंसल ने कहा कि भारत को एक स्वतंत्र और आत्मनिर्भर देश बनाना महात्मा गांधी का सपना था। कई तरह की वैज्ञानिक और तकनीकी प्रगति के साथ, भारत ने अपनी अपनी खास पहचान बनाई है और इसलिए यह एशिया में तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। 1905 में स्वदेशी आंदोलन के दौरान महात्मा गांधी द्वारा पहली बार “आत्मनिर्भर भारत” शब्द का इस्तेमाल किया गया था और वर्तमान परिदृश्य में हमारे देश के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने भी इसी नारे को बुलंद किया है। श्रीमती तनुजा कंसल ने स्थानीय उपज को बढ़ावा देने और दुनिया भर में इसे विश्व स्तर पर पहुंचाने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि कृषि से लेकर अंतरिक्ष मिशन तक, भारत ने दुनिया के हर पहलू में आत्मनिर्भर बनने के लिए अपना धैर्य और हुनर प्रदर्शित किया है। उन्होंने यह भी कहा कि कोरोनावायरस महामारी के दौरान भी, भारत ने “आत्मनिर्भर भारत” के आदर्शों को विभिन्न तरीकों से साकार कर दिखाया है। उन्होंने कहा कि हमें अपने जीवन और कार्य में ऐसे आदर्शों और मूल्यों को विकसित करने की आवश्यकता है।

उल्लेखनीय है कि हाल ही के दिनों में पश्चिम रेलवे की कई महिलाओं और कर्मचारियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए पश्चिम रेलवे महिला कल्याण संगठन ने कई महत्वपूर्ण पहल की हैं। इन सिलाई मशीनों के उपहार से होने वाले लाभ इन पश्चिम रेलवे परिवारों के सदस्यों के जीवन में लम्बे समय तक रहेंगे। ये महिलाऍं पहले से ही सिलाई में कुशल हैं, मगर उन्हें इस तरह के समर्थन और उपकरणों की ज़रूरत थी, जिससे उन्हें अपने कौशल को सुधारने में मदद मिल सके और इस कठिन समय में अपने परिवार के लिए सहायता मिल सके।

image_pdfimage_print


Leave a Reply
 

Your email address will not be published. Required fields are marked (*)

You may use these HTML tags and attributes: <a href="" title=""> <abbr title=""> <acronym title=""> <b> <blockquote cite=""> <cite> <code> <del datetime=""> <em> <i> <q cite=""> <s> <strike> <strong>

सम्बंधित लेख
 

Back to Top