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शिवराज की नर्मदा यात्रा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ढोल बजाते पूरी दुनिया ने देखा लेकिन मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान पीएम से भी एक कदम आगे निकल गए हैं। मामला राज्य के अनूपपुर जिले के अमरकंटक का है जहां नर्मदा सेवा यात्रा के दौरान मध्य प्रदेश के मुख्य मंत्री एक सांस्कृतिक कार्यक्रम में आदिवासी लोक कलाकारों के बीच झूमे। दरअसल सूबे के खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री ओमप्रकाश धुर्वे ने सीएम शिवराज से आग्रह किया कि वह आदिवासियों की हौसला अफजाई करें और उनकी धुन पर थिरकें। शिवराज ने धुर्वे की बात रखते हुए आदिवासियों के साथ नृत्य किया।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने रविवार (11 दिसंबर) को ‘नमामि देवी नर्मदे’ सेवा यात्रा शुरू की। इस यात्रा का उद्देश्य नर्मदा नदी को प्रदूषण से मुक्त करना और उसके आसपास हरित क्षेत्र विकसित करने के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। यह यात्रा नर्मदा नदी के तट पर स्थित विभिन्न शहरों और कस्बों से होते हुए 16 जिलों से गुजरेगी।

unnamed (1)रविवार को शिवराज ने यात्रा का शुभारंभ करते हुए ट्वीट किया था, “समाज से आह्वान करता हूँ कि माँ नर्मदा का कर्ज़ उतारने हेतु #NarmadaSevaYatra में भाग लें,इसके उद्देश्यों की पूर्ति के लिए हरसंभव प्रयास करें” मुख्यमंत्री शिवराज के आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से लगातार यात्रा से जुड़ी तस्वीरें और अन्य जानकारी शेयर कर रहे हैं। सीएम शिवराज ने आम लोगों से इस यात्रा में शामिल होने की अपील की है। सीएम शिवराज ने ट्विटर पर अपील करते हुए कहा, “एक नदी से प्रारम्भ होकर यह अभियान सभी नदियों के लिए प्रारम्भ हो। आइये, इस पवित्र अभियान में भाग लीजिये। अपना समर्थन दीजिये।”
अमरकंटक से शुरू हुई नर्मदा सेवा यात्रा का पहला पड़ाव रविवार को अरण्डी आश्रम रहा। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने नर्मदा सेवा यात्रा के दूसरे दिन माँ नर्मदा की आरती की और पाठ किया। उन्होंने यात्रियों के साथ नर्मदा नदी के तट पर यात्रा की। उन्होंने नर्मदा सेवा यात्रा जारी रखने वाले यात्रियों के समूह को यात्रा का ध्वज सौंपा। सुरम्य कबीर सरोवर के किनारे रात्रि विश्राम के बाद वे सुबह घाट पर स्थित संतों के आश्रम गये और पूजा की। श्री चौहान ने कहा कि नदियाँ मानव समाज की जीवनदायिनी है, इसलिये नदियों की रक्षा के लिये समाज को भी आगे आना होगा। उन्होंने कहा कि नर्मदा नदी को प्रदूषण से मुक्त रखने का अभियान सही अर्थों में प्रकृति और मनुष्य को बचाने का अभियान है। श्री चौहान ने नागरिकों से अपील की है कि वे नर्मदा नदी की सेवा का संकल्प लें और शुद्ध मन के साथ नर्मदा सेवा यात्रा में भाग लें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मनुष्य ने अपने स्वार्थ के कारण प्रकृति का नुकसान किया है। आने वाली पीढ़ियों का जीवन खतरे में है। प्रदूषण के कारण मानव समाज संकट में है। लगातार विनाश की ओर बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब जागने का समय आ गया है। प्रकृति को हरियाली से सँवारने का समय है। मुख्यमंत्री ने ज्यादा से ज्यादा पौधे लगाने और उनकी रक्षा करने की अपील की। यात्रा में नर्मदा तटों के आस-पास के गाँवों के हजारों लोग शामिल हुए। यहां मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने चौपाल लगाई, जिसमें जनता से नर्मदा में जल समाधि न देने और पूजन सामग्री न डालने की अपील की गई। मुख्यमंत्री ने मार्मिक अंदाज में कहा- ‘ले जा मैया” की भावना से मां नर्मदा का पानी प्रदूषित होती हैं।

मुख्यमंत्री ने नर्मदा में प्रदूषण रोकने और पर्यावरण संरक्षक को लेकर ग्रामीणों से खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि हर रोज यात्रा के पड़ाव पर ऐसी चौपाल लगाई जाएगी। जिसमें लोगों से बात की जाएगी। उनकी समस्याएं भी सुनी जाएंगी। उन्होंने ग्रामीणों को स्वच्छता की सीख दी और राज्य सरकार की योजना बताई। उन्होंने कहा कि नर्मदा तट के गांवों में हर घर में शौचालय बनाने के लिए 12-12 हजार रुपए दिए जाएंगे। शहरों का गंदा पानी शुद्ध करके नर्मदा में प्रवाहित किया जाएगा।

सीएम शिवराज यात्रा के दौरान प्रदूषण के चलते बीमारियों का प्रकोप बढ़ने के प्रति भी आगाह किया। सीएम शिवराज ने ट्वीट किया, “आज प्रदूषण के कारण हम भी संकट में हैं। कई बीमारियों का शिकार होकर महाविनाश की ओर जा रहे हैं, क्या हम अब भी नहीं जागेंगे?” सीएम शिवराज ने आगे ट्वीट किया, “मानव ने अपने क्षुद्र स्वार्थ के लिए धरती माता को छलनी कर दिया है। जंगल काट दिये। खनिज उत्खनन कर धरती माँ को छलनी किया है। ये धरती केवल मनुष्य की नहीं, पशु-पक्षियों,कीट-पतंगों,पेड़-पौधों की भी है। हमने इनके अस्तित्व पर ही प्रश्न चिन्ह लगाया है।”

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