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छत्तीसगढ़ को गौरवान्वित किया श्री आशाराम ने

रायपुर। भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान द्वारा छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित आदिवासी बहुल कांकेर जिले के किसान श्री आशाराम नेताम को परंपरागत खेती के बजाय समेकित कृषि प्रणाली अपनाकर आय में पांच गुना बढ़ोतरी के लिए नवाचारी कृषक पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। भारत सरकार के कृषि राज्य मंत्री श्री पुरषोत्तम रूपाला ने विगत दिवस नई दिल्ली में आयोजित सम्मान समारोह में श्री आशाराम नेताम को भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान नवाचारी कृषक पुरस्कार से सम्मानित किया। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषि विज्ञान केन्द्र कांकेर के मार्गदर्शन में नवाचारी कृषि पद्धति अपनाकर श्री नेताम ने छत्तीसगढ़ और यहां के कृषक समुदाय को गौरवान्वित किया है।

श्री आशाराम नेताम कांकेर जिले के ग्राम बेवरती के युवा किसान हैं जिन्होंने स्नातक उपाधि हासिल करने के पश्चात अपनी पैतृक 6 एकड़ भूमि में अपने पिता के साथ हाथ बंटाना शुरू किया। वे परंपरागत खेती के रूप में धान की फसल लेने के साथ ही छोटी-मोटी डेयरी भी चलाते थे। इससे उन्हें प्रति वर्ष लगभग डेढ़ लाख रूपये की आय प्राप्त होती थी। वर्ष 2013-14 में कृषि विज्ञान केन्द्र कांकेर के संपर्क में आने के बाद श्री नेताम ने समन्वित कृषि प्रणाली को अपनाया अब वे खरीफ में धान और रबी में अलसी और चना की फसल लेते हैं। साथ ही कृषि विज्ञान केन्द्र कांकेर के मार्गदर्शन में वैज्ञानिक तरीके से पशुपालन करते हुए उन्होंने गायों के संख्या में पांच से छः गुना बढ़ोतरी कर ली है। आज उनके पास 35 उन्नत नस्ल के पशु हैं। इनमें अधिकतर जर्सी, गीर एवं साहिवाल नस्ल के पशु हैं जिनकी दूध उत्पादन क्षमता काफी अधिक है। केवल डेयरी से ही उन्हें साल भर में 10 लाख रूपये की सकल आय होती है।

श्री नेताम ने एक एकड़ भूमि पर दो तालाबों का निर्माण किया है जिसमें वे वर्ष भर मछली बीज एवं मछली का उत्पादन कर रहे हैं। उन्हें मछली पालन से लगभग सवा लाख रूपये सालाना आय हो रही है। वे गांव के अनेक लोगों को अपने खेत पर रोजगार उपलब्ध करा रहे हैं। श्री नेताम आज क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए रोल मॉडल बन गए हैं। उन्होंने अपनी मेहनत और लगन से कामयाबी की नई इबारत लिखी है और अन्य किसानों के मन में आशा की नई किरण जगाई है। कृषि के क्षेत्र में श्री नेताम की उपलब्धियों को देखते हुए उन्हें छत्तीसगढ़ शासन द्वारा कृषक समृद्धि सम्मान तथा इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा कृषक फैलोशिप सम्मान से नवाजा गया है।



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