ताजा सामाचार

आप यहाँ है :

श्री प्रभु की पहल, अब देश में ही बनेंगे विमान और ड्रोन

नई दिल्ली। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री सुरेश प्रभु ने आज कहा कि आने वाले समय में देश में 1000 विमानों और बड़े पैमाने पर ड्रोन की आवश्यकता होगी और सरकार का प्रयास है कि इनके आयात निर्भरता कम हो तथा देश में भी इनका निर्माण किया जाए।

प्रभु ने विभिन्न वस्तुओं के आयात पर निर्भरता कम करने के संबंध में राज्यसभा में पूछे गए एक पूरक प्रश्न पर कहा कि सरकार ने आयात घटाने के लिए ‘मेक इन इंडिया’ कार्यक्रम चलाया है जिसके तहत विभिन्न वस्तुओं का निर्माण देश में करने पर जोर दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि आने वाले समय में देश में 1000 विमानों की जरुरत होगी तथा बड़े पैमाने पर ड्रोन की मांग होगी। इन जरुरतों को पूरा करने के लिए मेन इन इंडिया योजना के तहत देश में ही विमानों और ड्रोन का निर्माण करने प्रयास किए जा रहे हैं। रक्षा क्षेत्र में विदेशी उपकरणों की जगह देश में उनके निर्माण के प्रयास किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि आयात पर निर्भरता कम करने के लिए एक कार्यबल का गठन किया गया है ताकि वस्तुओं के निर्माण में आ रही बाधाओं का पता लगाकर उन्हें दूर किया जा सके। प्रभु ने कहा कि दलहनों के आयात में हाल के वर्षो में कमी आई है और देश में इसका पर्याप्त भंडार है। गेहूं ,चावल और चीनी के आयात को नियंत्रित करने के लिए आयात शुल्क में वृद्धि की गई है।

प्रभु उड्यन मंत्री भी हैं और इस नाते एक अन्य प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि देश में हवाई यातायात लोकप्रिय हुआ है लेकिन उड़ान योजना के तहत कुछ मार्गों पर एयर लाइन कम्पनियां सफल नहीं हो पाई हैं और उन्होंने विमान सेवा रोक दी है। सरकार इन मार्गों को दूसरी कम्पनियों को देना चाहती है लेकिन इसमें अभी कानूनी बाधा है।

image_pdfimage_print


Get in Touch

Back to Top