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दैनिक भास्कर समुूह के अध्यक्ष श्री रमेश अग्रवाल का निधन

दैनिक भास्कर समूह के चेयरमैन रमेश चंद्र अग्रवाल का बुधवार को निधन हो गया है। सुबह अहमदाबाद एयरपोर्ट पर उन्होंने सीने में दर्द की शिकायत की थी, जिसके कुछ समय बाद वे गिर पड़े और तत्काल उन्हें अहमदाबाद के अपोलो अस्पताल ले जाया गया, जहां हार्टअटैक से उनका निधन हो गया। वे 77 साल के थे। उनके निधन से पूरे भास्कर परिवार में शोक की लहर व्याप्त हो गई है।

वे 10 दिसबंर 2005 से डीबी कॉर्प के बोर्ड में शामिल थे। उन्हें प्रकाशन और अखबार के कारोबार का बेहद लंबा अनुभव था। वे भोपाल यूनिवर्सिटी से पॉलिटिकल साइंस में पोस्ट ग्रेजुएट थे।

वे मध्य प्रदेश में फिक्की के चेयरमैन भी रह चुके हैं। उन्हें साल 2003, 2006 और 2007 में इंडिया टुडे मैगजीन द्वारा 50 सबसे शक्तिशाली बिजनेस घरानों की सूची में शामिल किया जा चुका है। साल 2012 में तो वे प्रतिष्ठित मैगजीन ‘फोर्ब्स’ द्वारा जारी भारत के सबसे अमीर लोगों की सूची में 95वें स्थान पर थे।

उनके तीनों बेटे गिरीश अग्रवाल, सुधीर अग्रवाल और पवन अग्रवाल उनके बिजनेस में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

रमेशजी सुबह 9:20 बजे की फ्लाइट से दिल्ली से रवाना हुए और 11 बजे अहमदाबाद पहुंचे। एयरपोर्ट पर उन्हें दिल का दौरा पड़ा। उन्हें अपोलो हाॅस्पिटल ले जाया गया था, लेकिन डॉक्टरों की कोशिशों के बाद भी उन्हें बचाया नहीं जा सका।
– रमेशजी के निधन की सूचना मिलने पर गुजरात के सीएम विजय रूपाणी ने भी अहमदाबाद में उनकी पार्थिव देह के दर्शन किए और श्रद्धांजलि अर्पित की।

– रमेशजी के निधन पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट कर शोक जताया। उन्होंने लिखा, ”भास्कर समूह के चेयरमैन श्री रमेश अग्रवाल जी के असामयिक निधन का समाचार अत्यंत दुखदायी है। वे संवेदनशीलता, त्वरित निर्णय के लिए याद किए जाएंगे। सर्वशक्तिमान ईश्वर से श्री रमेश अग्रवाल जी की आत्मा की शांति और परिजनों को यह वज्रपात सहन करने की शक्ति देने की करबद्ध प्रार्थना करता हूं। श्री रमेशचंद्र अग्रवाल जी के परिजनों और भास्कर समूह के प्रति संवेदना प्रकट करता हूं। मध्यप्रदेश ने वास्तव में अपना एक अनमोल रत्न खो दिया है।’’

– कांग्रेस महासचिव और मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने रमेशजी के निधन पर गहरा शोक जताया। सिंह ने रमेशजी को मीडिया जगत का पुरोधा और संवेदनशील समाजसेवी बताते हुए उनके निधन को अपूरणीय क्षति बताया। सिंह ने कहा कि रमेशजी उनके अभिन्न मित्र थे। उनके निधन से मीडिया जगत में जो रिक्तता पैदा हुई है, उसे भरना कठिन होगा।
– संत श्री भय्यूजी महाराज ने कहा, ”दैनिक भास्कर समूह के चेयरमैन रमेशचंद्र अग्रवालजी के निधन के बारे में जानकर हैरान हूं। उनका जाना हिन्दी पत्रकारिता के लिए बड़ी क्षति है। रमेशजी ने दैनिक भास्कर को देश का लीडिंग हिन्दी अखबार बनाने में अहम रोल निभाया। मेरी श्रद्धांजलि।”


1958 से की थी शुरुआत

– 30 नवंबर 1944 को उत्तर प्रदेश के झांसी में जन्मे रमेशजी 1956 में पिता सेठ श्री द्वारकाप्रसाद अग्रवालजी के साथ भोपाल आ गए। – उन्होंने 1958 में मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से दैनिक भास्कर की नींव रखी। 1983 में इंदौर संस्करण की शुरुआत की। 1996 में भास्कर पहली बार मध्य प्रदेश से बाहर निकला और राजस्थान पहुंचा। आज भास्कर 14 राज्यों में 62 संस्करण के साथ न सिर्फ देश का नंबर-वन अखबार है, बल्कि सर्कुलेशन के मामले में दुनिया का चौथा सबसे बड़ा अखबार बन गया है। रमेशजी के ही नेतृत्व में समूह ने हिंदी अखबार दैनिक भास्कर, गुजराती अखबार दिव्य भास्कर, अंग्रेजी अखबार डीएनए, मराठी समाचार पत्र दिव्य मराठी, रेडियो चैनल माय एफएम और डीबी डिजिटल को मीडिया जगत में सबसे अग्रणी बनाया।

रमेशजी के परिवार में बेटे सुधीर अग्रवाल, गिरीश अग्रवाल, पवन अग्रवाल और बेटी भावना अग्रवाल हैं।

भोपाल कर्मस्थली थी, दिल ग्वालियर में था
– ग्वालियर में रमेशजी के साथ परछाई की तरह रहने वाले सत्य कुमार मिश्रा बताते हैं, ‘‘रमेशजी ने ग्वालियर के ही विक्टोरिया कॉलेज से पढ़ाई की। आज ये एमएलबी कॉलेज कहलाता है। ग्वालियर से रमेशजी को बहुत लगाव था। भले ही भोपाल उनकी कर्मस्थली थी, लेकिन दिल हमेशा ग्वालियर में ही रहता था। देश में अग्रवाल परिचय सम्मेलन की शुरुआत रमेशजी ने ग्वालियर से कराई। ग्वालियर मेला प्राधिकरण के वे चेयरमैन भी रहे और कई सामाजिक संस्थाओं के साथ जुड़े रहे। ग्वालियर की छत्री मंडी रामलीला समिति से वे हमेशा जुड़े रहे। धार्मिक कार्यक्रमों में उनका योगदान हमेशा रहता था।

– वे कहते हैं, ‘‘भले ही रमेशजी को डायबिटीज थी, लेकिन बहादुरा के लड्डू और एसएस कचौरी वाले की कचौरी उन्हें बहुत ज्यादा पसंद थी। जब भी ग्वालियर आते, वे इसे खाना नहीं भूलते थे। शहर के कई लोग जो अखबार में आते रहते थे, रमेश जी उनसे व्यक्तिगत तौर से मिलते थे।’’

देश के 50 सबसे ताकतवर लोगों में शामिल थे
– रमेशजी ने भोपाल यूनिवर्सिटी से पॉलिटिकल साइंस की डिग्री ली। उन्हें पत्रकारिता में राजीव गांधी लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था।
– 2003, 2006 और 2007 में इंडिया टुडे ने उन्हें भारत के 50 सबसे ताकतवर लोगों की लिस्ट में शामिल किया था।
– रमेशजी को Forbes ने भारत के 100 सबसे अमीर लोगों की 2011 और 2012 की लिस्ट में शामिल किया था।



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